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Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने बीना मोदी और ललित भसीन के खिलाफ ट्रायल पर रोक लगाई
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- समीर मोदी मारपीट मामले में पुलिस को 4 सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति बीना मोदी और वरिष्ठ अधिवक्ता ललित भसीन के खिलाफ चल रही निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह मामला गोडफ्रे फिलिप्स इंडिया (जीपीआई) के कार्यकारी निदेशक समीर मोदी के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है, जो मई 2024 में बोर्ड मीटिंग के दौरान हुई बताई जा रही है।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की एकल पीठ ने बीना मोदी और ललित भसीन की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बुधवार को दिल्ली पुलिस को चार सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि रिपोर्ट आने तक ट्रायल कोर्ट में लंबित सभी कार्यवाही पर रोक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई 2026 को होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को पूरी तरह गलत और बिना ठोस आधार के बताया। उन्होंने दलील दी कि घटना के सीसीटीवी फुटेज में किसी प्रकार की मारपीट नहीं दिखती। साथ ही, समीर मोदी घटना के बाद भी लगभग दो घंटे तक मीटिंग में मौजूद रहे और सक्रिय रूप से भाग लिया।
इससे पहले साकेत कोर्ट की न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीजा बिश्नोई ने फरवरी 2026 में मामले का संज्ञान लेते हुए बीना मोदी, ललित भसीन और उनके सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद को समन जारी किया था। दिल्ली पुलिस ने 1 मार्च 2025 को दाखिल आरोपपत्र में सुरेंद्र प्रसाद के खिलाफ पर्याप्त सुबूत होने की बात कही थी, लेकिन बीना मोदी और ललित भसीन के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति बीना मोदी और वरिष्ठ अधिवक्ता ललित भसीन के खिलाफ चल रही निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह मामला गोडफ्रे फिलिप्स इंडिया (जीपीआई) के कार्यकारी निदेशक समीर मोदी के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है, जो मई 2024 में बोर्ड मीटिंग के दौरान हुई बताई जा रही है।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की एकल पीठ ने बीना मोदी और ललित भसीन की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बुधवार को दिल्ली पुलिस को चार सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि रिपोर्ट आने तक ट्रायल कोर्ट में लंबित सभी कार्यवाही पर रोक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई 2026 को होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को पूरी तरह गलत और बिना ठोस आधार के बताया। उन्होंने दलील दी कि घटना के सीसीटीवी फुटेज में किसी प्रकार की मारपीट नहीं दिखती। साथ ही, समीर मोदी घटना के बाद भी लगभग दो घंटे तक मीटिंग में मौजूद रहे और सक्रिय रूप से भाग लिया।
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इससे पहले साकेत कोर्ट की न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीजा बिश्नोई ने फरवरी 2026 में मामले का संज्ञान लेते हुए बीना मोदी, ललित भसीन और उनके सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद को समन जारी किया था। दिल्ली पुलिस ने 1 मार्च 2025 को दाखिल आरोपपत्र में सुरेंद्र प्रसाद के खिलाफ पर्याप्त सुबूत होने की बात कही थी, लेकिन बीना मोदी और ललित भसीन के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए थे।