दिल्ली में निर्माणाधीन मकान गिरा: लेंटर डालने के कुछ देर बाद हुआ हादसा, मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की खबर
मौके पर दमकल विभाग की टीमों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। दिल्ली फायर सर्विस से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग को शाम 6:46 बजे हर्ष विहार के मिलान गार्डन क्षेत्र में एक घर गिरने की सूचना प्राप्त हुई।
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन इलाके में रविवार शाम एक निर्माणाधीन मकान भरभराकर जमींदोज हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग मौके की ओर भागे। बाद में पुलिस के अलावा दमकल विभाग को खबर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंच गई।
राहत बचाव का कार्य जारी
बाद में डीडीएमए, नगर निगम की टीम भी घटना स्थल पर आ गईं। इसके बाद रेस्क्यू का काम शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि मकान के मलबे में दो मजदूर दबे हो सकते हैं, फिलहाल मौके पर राहत और बचाव का काम जारी था। पुलिस के मुताबिक ग्राउंड फ्लोर पर बने पुराने मकान पर एक और मंजिल का निर्माण कर रविवार को उसका लेंटर डाला गया था।
दो मजदूरों के दबे होने की खबर
अचानक लेंटर के साथ पूरा मकान जमींदोज हो गया। सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस मकान मालिक से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही थी। मकान मालिक आशंका जता रहा था कि ग्राउंड फ्लोर पर शायद दो मजदूर कुछ काम कर रहे थे, उनके ही दबे होने की आशंका है।
200 गज का है मकान
उत्तर-पूर्वी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम करीब 6.46 बजे उनकी टीम को खबर मिली कि मिलन गार्डन, सेवाधाम रोड, हर्ष विहार में करीब 200 गज का एक मकान गिर गया है। सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंच गया। मौके पर पुलिस को मकान मालिक कुलविंदर तंवर मिला।
आज ही डाला गया था लेंटर
उसने बताया कि वह हादसे वाले मकान से चंद मकान छोड़कर परिवार के साथ रहता है। यहां उनका पुराना मकान बना हुआ था। पिछले कुछ दिनों से मकान पर एक और मंजिल बनाने का काम चल रहा था। रविवार को इसका लेंटर डाला गया था। शाम करीब 5 बजे तक लेंटर डालने का काम जारी था। श्रमिकों के जाते ही अचानक हादसा हो गया।
लेंटर का वजन न सह सका पुराना मकान
स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि लेंटर डालते समय हादसा होता तो शायद हताहतों की संख्या ज्यादा होती। अभी यह साफ नहीं है कि मकान में कोई दबा भी है या नहीं। मलबा हटाने के बाद ही इसका पता चल पाएगा। आशंका व्यक्त की जा रही है कि पुराना मकान लेंटर का वजन नहीं सहन नहीं कर सका और हादसा हो गया।