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Delhi NCR News: मथुरा में अदालत से लौटते समय अगवा दिल्ली का व्यक्ति बरामद, सात गिरफ्तार
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सरकारी नौकरी दिलाने के विवाद ने लिया अपहरण का रूप, 1.20 करोड़ की फिरौती की साजिश नाकाम
ध्यानार्थ-- मथुरा, यूपी के लिए उपयोगी।
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मथुरा में अदालत में पेशी के बाद अगवा हुए दिल्ली निवासी एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश से सकुशल बरामद किया गया है। पुलिस ने फिरौती के लिए उसका अपहरण करने के आरोप में सात आरोपियों संतोष, आर. गुनाशेखर, केसवनम, पी. अरुण, विनोद, रोहन और गजराज को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित के परिजनों से 1.20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। उन्होंने परिवार से 80,000 रुपये भी वसूल लिए, लेकिन इसके बाद भी लगातार और पैसे की मांग करते रहे। बाद में दिल्ली पुलिस ने मथुरा पहुंचकर पीड़ित को मुक्त कराया।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांडिया ने बताया कि उन्होंने 2022 और 2023 में बुराड़ी निवासी राजन रंजन मिश्रा को अपने और अपने रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये दिए थे। जब उसे सरकारी नौकरी नहीं मिली और पैसे भी वापस नहीं किए गए, तो मथुरा में राजन रंजनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई गईं। वर्ष 2025 में धोखाधड़ी के एक मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था, बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 23 जुलाई को मिश्रा मथुरा में अपने खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले की सुनवाई में शामिल होने गया था। आरोप है कि अदालत के बाहर से आरोपियों ने उसे अगवा कर लिया, ताकि उससे बकाया राशि वसूल सकें। पीड़ित के घर नहीं लौटने पर उसकी पत्नी ने अगले दिन बुराड़ी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके कुछ समय बाद उसे उसके पति के फोन से कॉल आने लगी।पुलिस के अनुसार फोन करने वालों ने दावा किया कि उन्होंने मिश्रा का अपहरण कर लिया है और उसकी रिहाई के लिए 1.20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। बुराड़ी थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र रतूड़ी की टीम ने जांच के दौरान ऐप आधारित सेवा के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और पीड़ित के मोबाइल फोन की लोकेशन का विश्लेषण किया गया।
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ध्यानार्थ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मथुरा में अदालत में पेशी के बाद अगवा हुए दिल्ली निवासी एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश से सकुशल बरामद किया गया है। पुलिस ने फिरौती के लिए उसका अपहरण करने के आरोप में सात आरोपियों संतोष, आर. गुनाशेखर, केसवनम, पी. अरुण, विनोद, रोहन और गजराज को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित के परिजनों से 1.20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। उन्होंने परिवार से 80,000 रुपये भी वसूल लिए, लेकिन इसके बाद भी लगातार और पैसे की मांग करते रहे। बाद में दिल्ली पुलिस ने मथुरा पहुंचकर पीड़ित को मुक्त कराया।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांडिया ने बताया कि उन्होंने 2022 और 2023 में बुराड़ी निवासी राजन रंजन मिश्रा को अपने और अपने रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये दिए थे। जब उसे सरकारी नौकरी नहीं मिली और पैसे भी वापस नहीं किए गए, तो मथुरा में राजन रंजनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई गईं। वर्ष 2025 में धोखाधड़ी के एक मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था, बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया।
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पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 23 जुलाई को मिश्रा मथुरा में अपने खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले की सुनवाई में शामिल होने गया था। आरोप है कि अदालत के बाहर से आरोपियों ने उसे अगवा कर लिया, ताकि उससे बकाया राशि वसूल सकें। पीड़ित के घर नहीं लौटने पर उसकी पत्नी ने अगले दिन बुराड़ी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके कुछ समय बाद उसे उसके पति के फोन से कॉल आने लगी।पुलिस के अनुसार फोन करने वालों ने दावा किया कि उन्होंने मिश्रा का अपहरण कर लिया है और उसकी रिहाई के लिए 1.20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। बुराड़ी थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र रतूड़ी की टीम ने जांच के दौरान ऐप आधारित सेवा के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और पीड़ित के मोबाइल फोन की लोकेशन का विश्लेषण किया गया।
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