कब मिलेगी साफ हवा?: बेहद खराब श्रेणी में दिल्ली-NCR की वायु, अगले 24 घंटे संकट में रहेंगी सांसें
Delhi Air Pollution: सीपीसीबी के अनुसार, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 339.1 और पीएम2.5 की मात्रा 201.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
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राजधानी में हवा की दिशा बदलने और गति सुस्त पड़ने के चलते फिजा एक बार फिर से खराब से बेहद खराब की श्रेणी में पहुंच गई है। ऐसे में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 360 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें सोमवार की तुलना में 63 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई।
NCR में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे खराब
दूसरी ओर, एनसीआर में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 384 दर्ज किया गया, यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, नोएडा में 367, गुरुग्राम में 378 और गाजियाबाद में 358 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 254 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है।
वाहनों से होने वाला प्रदूषण रहा सबसे अधिक
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 15.16 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 12.65, आवासीय इलाकों से 3.74, निर्माण गतिविधियों से 1.98 और कूड़ा जलाने की 1.37 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, मंगलवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 4500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।
बुधवार को बेहद खराब रहेगी हवा
दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 339.1 और पीएम2.5 की मात्रा 201.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बुधवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी।