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Delhi NCR News: रिश्वत मामले में दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल को जमानत
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल बसंत राम को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि आरोपी से अब हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है और उससे किसी अन्य वस्तु की बरामदगी भी नहीं करनी है। ऐसे में जांच पूरी होने तक उसे जेल में रखना उचित नहीं होगा।
विशेष न्यायाधीश संजय जिंदल ने सात अगस्त को आरोपी की जमानत याचिका मंजूर करते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के एक जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने रिकॉर्ड देखने के बाद कहा कि गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी की पुलिस हिरासत नहीं मांगी थी और उसे सीधे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अदालत ने माना कि आरोपी से अब हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। उसके खिलाफ लगाए गए अपराधों में अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान है।
सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह से बसंत राम और रामपुरा के स्पेशल स्टाफ के अन्य अधिकारियों ने 1.80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोप था कि रिश्वत नहीं देने पर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि ट्रैप के दौरान बसंत राम ने सह-आरोपी योगेंद्र कुमार के जरिए एक लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की।
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नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल बसंत राम को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि आरोपी से अब हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है और उससे किसी अन्य वस्तु की बरामदगी भी नहीं करनी है। ऐसे में जांच पूरी होने तक उसे जेल में रखना उचित नहीं होगा।
विशेष न्यायाधीश संजय जिंदल ने सात अगस्त को आरोपी की जमानत याचिका मंजूर करते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के एक जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने रिकॉर्ड देखने के बाद कहा कि गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी की पुलिस हिरासत नहीं मांगी थी और उसे सीधे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अदालत ने माना कि आरोपी से अब हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। उसके खिलाफ लगाए गए अपराधों में अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान है।
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सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह से बसंत राम और रामपुरा के स्पेशल स्टाफ के अन्य अधिकारियों ने 1.80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोप था कि रिश्वत नहीं देने पर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि ट्रैप के दौरान बसंत राम ने सह-आरोपी योगेंद्र कुमार के जरिए एक लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की।
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