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Delhi NCR News: किसानों की बिजली से रोशन होगी दिल्ली, इस्सापुर में बनेगा पहला सोलर पूलिंग स्टेशन
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66 केवी सोलर सब-स्टेशन से मुख्य ग्रिड तक पहुंचेगी खेतों की बिजली
एलजी ने दी दो मंजूरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ, 9 बीघा जमीन पर बनेगा आधुनिक पूलिंग सब-स्टेशन
इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती, रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर लिफ्ट लगाने का रास्ता भी साफ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
अब किसानों की बिजली से दिल्ली रोशन होगी। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के इस्सापुर गांव में दिल्ली के पहले बड़े सोलर पूलिंग सब-स्टेशन की स्थापना के लिए ग्राम सभा की जमीन के आवंटन को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के साथ ही इस्सापुर अब दिल्ली के ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभरेगा, जिससे किसानों द्वारा पैदा की गई सौर ऊर्जा को सीधे मुख्य सिटी ग्रिड में शामिल किया जा सकेगा।
उपराज्यपाल ने इस्सापुर में 66 केवी/11 केवी के सोलर पूलिंग सब-स्टेशन के लिए 9 बीघा जमीन आवंटित की है। यह जमीन बिजली विभाग को 99 वर्षों की लीज पर फ्री में आवंटित की गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन किसानों को होगा जो अपनी निजी कृषि भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगा रहे हैं। दरअसल, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड ने सरकार को रिपोर्ट दी थी कि इस्सापुर-ढांसा जैसे कृषि बेल्ट में सोलर कनेक्शन के लिए भारी संख्या में आवेदन मिले हैं। इसे देखते हुए ये बात तय है कि वर्तमान में स्थानीय 11 केवी नेटवर्क इतना सक्षम नहीं है कि वह इन खेतों में पैदा होने वाली भारी मात्रा में सौर ऊर्जा को वहन कर सके या उसे मुख्य ग्रिड तक पहुंचा सके। बिजली विभाग के मुताबिक यह परियोजना दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (नेट-मीटरिंग) विनियम-2014 के तहत स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लक्ष्य को पूरा करेगी।
सब-स्टेशन किसानों के लिए बनेगा ऊर्जा हब
किसान जितनी बिजली पैदा करेंगे, उसका उपयोग करने के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली को वे वापस ग्रिड में भेज सकेंगे। इससे उन्हें आर्थिक लाभ या बिजली बिल में छूट मिलेगी। वर्तमान में स्थानीय 11 केवी नेटवर्क खेतों में पैदा होने वाली भारी मात्रा में सौर ऊर्जा को मुख्य ग्रिड तक पहुंचाने में सक्षम नहीं है। नया 66 केवी सब-स्टेशन बनने से किसानों द्वारा उत्पादित बिजली को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से मुख्य सिटी ग्रिड में भेजा जा सकेगा। एक तरह से यह सब-स्टेशन किसानों के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में काम करेगा।
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बीएसए अस्पताल आने वाले मरीजों को सुविधा
एलजी ने रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर लिफ्ट लगाने के लिए भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल के पास स्थित इस स्टेशन पर लिफ्ट लगने से मरीजों और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी। डीडीए यहां डीएमआरसी को जमीन देना। पहले भूमि और भवन विभाग द्वारा तकनीकी आधार पर रोके गए इस प्रस्ताव को एलजी ने जनहित में प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत किया है, जिससे अब हजारों यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा।
एलजी ने दी दो मंजूरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ, 9 बीघा जमीन पर बनेगा आधुनिक पूलिंग सब-स्टेशन
इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती, रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर लिफ्ट लगाने का रास्ता भी साफ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
अब किसानों की बिजली से दिल्ली रोशन होगी। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के इस्सापुर गांव में दिल्ली के पहले बड़े सोलर पूलिंग सब-स्टेशन की स्थापना के लिए ग्राम सभा की जमीन के आवंटन को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के साथ ही इस्सापुर अब दिल्ली के ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभरेगा, जिससे किसानों द्वारा पैदा की गई सौर ऊर्जा को सीधे मुख्य सिटी ग्रिड में शामिल किया जा सकेगा।
उपराज्यपाल ने इस्सापुर में 66 केवी/11 केवी के सोलर पूलिंग सब-स्टेशन के लिए 9 बीघा जमीन आवंटित की है। यह जमीन बिजली विभाग को 99 वर्षों की लीज पर फ्री में आवंटित की गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन किसानों को होगा जो अपनी निजी कृषि भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगा रहे हैं। दरअसल, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड ने सरकार को रिपोर्ट दी थी कि इस्सापुर-ढांसा जैसे कृषि बेल्ट में सोलर कनेक्शन के लिए भारी संख्या में आवेदन मिले हैं। इसे देखते हुए ये बात तय है कि वर्तमान में स्थानीय 11 केवी नेटवर्क इतना सक्षम नहीं है कि वह इन खेतों में पैदा होने वाली भारी मात्रा में सौर ऊर्जा को वहन कर सके या उसे मुख्य ग्रिड तक पहुंचा सके। बिजली विभाग के मुताबिक यह परियोजना दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (नेट-मीटरिंग) विनियम-2014 के तहत स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लक्ष्य को पूरा करेगी।
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सब-स्टेशन किसानों के लिए बनेगा ऊर्जा हब
किसान जितनी बिजली पैदा करेंगे, उसका उपयोग करने के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली को वे वापस ग्रिड में भेज सकेंगे। इससे उन्हें आर्थिक लाभ या बिजली बिल में छूट मिलेगी। वर्तमान में स्थानीय 11 केवी नेटवर्क खेतों में पैदा होने वाली भारी मात्रा में सौर ऊर्जा को मुख्य ग्रिड तक पहुंचाने में सक्षम नहीं है। नया 66 केवी सब-स्टेशन बनने से किसानों द्वारा उत्पादित बिजली को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से मुख्य सिटी ग्रिड में भेजा जा सकेगा। एक तरह से यह सब-स्टेशन किसानों के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में काम करेगा।
बीएसए अस्पताल आने वाले मरीजों को सुविधा
एलजी ने रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर लिफ्ट लगाने के लिए भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल के पास स्थित इस स्टेशन पर लिफ्ट लगने से मरीजों और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी। डीडीए यहां डीएमआरसी को जमीन देना। पहले भूमि और भवन विभाग द्वारा तकनीकी आधार पर रोके गए इस प्रस्ताव को एलजी ने जनहित में प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत किया है, जिससे अब हजारों यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा।