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दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत: कैमरों से होगी ट्रेन और प्लेटफार्म की निगरानी, 31 से चलाने का है प्रस्ताव
Thu, 29 Oct 2026 03:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
शनि पाथौली, नई दिल्ली
शनि पाथौली, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 29 Oct 2026 03:14 AM IST
सार
ट्रेन के दो ड्राइविंग ट्रेलर कोचों और बीच के दो ट्रेलर कोचों में प्लेटफार्म की ओर देखने वाले कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा कोचों में सतर्कता नियंत्रण उपकरण और घटना दर्ज करने वाला रिकॉर्डर भी होगा।
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स्लीपर वंदे भारत ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली से वाराणसी के बीच 31 अक्तूबर से चलने वाली प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के साथ ट्रेन और प्लेटफार्म की निगरानी के लिए भी विशेष इंतजाम हैं। ट्रेन के दो ड्राइविंग ट्रेलर कोचों और बीच के दो ट्रेलर कोचों में प्लेटफार्म की ओर देखने वाले कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा कोचों में सतर्कता नियंत्रण उपकरण और घटना दर्ज करने वाला रिकॉर्डर भी होगा।
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इन व्यवस्थाओं से ट्रेन के संचालन पर नजर रखने और आपात स्थिति में जरूरी जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी। रेलवे के अनुसार, दिल्ली-वाराणसी रूट पर दूसरी वंदे भारत का संचालन 31 अक्तूबर को प्रस्तावित है। इसमें सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। रेलवे लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए वंदे भारत स्लीपर में निगरानी कैमरों के साथ आग का पता लगाने वाली प्रणाली, आपातकालीन रोशनी और यात्रियों के लिए चालक से संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। ट्रेन में दुर्घटना के दौरान टक्कर का प्रभाव कम करने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
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चार कोचों में कैमरों से होगी प्लेटफार्म की निगरानी
वंदे भारत स्लीपर के चार कोचों में प्लेटफार्म की ओर देखने वाले कैमरे लगे हैं। इनमें दोनों छोर पर स्थित ड्राइविंग ट्रेलर कोच और बीच के दो ट्रेलर कोच शामिल हैं। इन कैमरों से प्लेटफार्म पर ट्रेन के खड़े होने के दौरान आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ट्रेन में विस्फोट से सुरक्षित लिथियम-आयन बैटरियों का इस्तेमाल किया गया है।
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नियंत्रण केंद्र तक पहुंचेगी कोचों की जानकारी
ट्रेन में केंद्रीकृत कोच निगरानी प्रणाली लगाई गई है। यह वातानुकूलन और तापमान नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी। जीएसएम और जीपीआरएस के माध्यम से नियंत्रण केंद्र और रखरखाव कर्मचारियों तक जरूरी सूचनाएं और चेतावनियां पहुंचाई जा सकेंगी। इससे कोचों में लगी प्रणालियों की स्थिति की जानकारी मिलने और खराबी का पता लगाने में मदद मिलेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए कोचों में आपातकालीन बातचीत की इकाई भी होगी।
हर कोच में आग का पता लगाने की व्यवस्था
वंदे भारत स्लीपर के सभी कोचों में आग का पता लगाने वाली प्रणाली लगी है। आग से सुरक्षा के लिए यूरोपीय मानक ईएन 45545 के खतरा स्तर तीन के अनुरूप व्यवस्था का प्रावधान है। कोचों के सिरों पर आग रोकने वाले दरवाजे भी लगे हैं। आपात स्थिति में बिजली या सामान्य रोशनी बाधित होने पर यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रत्येक कोच में आपातकालीन रोशनी की व्यवस्था होगी।
दुर्घटना में टक्कर का प्रभाव कम करने के इंतजाम : ट्रेन में ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (टीसीएएस) दी गई है। इसके अलावा दुर्घटना की स्थिति में टक्कर का प्रभाव कम करने के लिए विशेष युग्मक और टक्कर रोधी अवरोधक लगाए गए हैं। ये अवरोधक ट्रेन के आगे और बीच के हिस्सों में होंगे।
बिजली गुल होने पर तीन घंटे तक बैकअप
ट्रेन में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए तीन घंटे तक का आपातकालीन बैकअप उपलब्ध होगा। ब्रेकिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पहियों पर डिस्क ब्रेक और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया है। कोचों के बीच चौड़े गलियारे बनाए गए हैं, जिन्हें दोहरी परत से सील किया गया है। यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए सेंसर आधारित आंतरिक दरवाजे और स्वचालित प्लग दरवाजे भी लगाए गए हैं।
16 कोचों में 823 यात्रियों के सफर की क्षमता
वंदे भारत स्लीपर में प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के वातानुकूलित कोच होंगे। 16 कोचों के इस संयोजन में प्रथम श्रेणी का एक, द्वितीय श्रेणी के चार और तृतीय श्रेणी के 11 कोच शामिल होंगे। एक बार में कुल 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। प्रथम श्रेणी के एक कोच में 24, द्वितीय श्रेणी के एक कोच में 44 और द्वितीय श्रेणी के तीन मोटर कोचों में कुल 144 यात्रियों के लिए जगह होगी। वहीं, तृतीय श्रेणी के पांच मोटर कोचों में 335, चार ट्रेलर कोचों में 220 और दो ड्राइविंग ट्रेलर कोचों में 56 यात्रियों के बैठने और सोने की व्यवस्था होगी।
रूट और टाइमिंग
ट्रेन संख्या 27421 और 27422 वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का वाराणसी जंक्शन और नई दिल्ली के बीच प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ठहराव होगा। ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी से नई दिल्ली के रूप में रात 8:50 बजे वाराणसी से रवाना होगी और अगली सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह सेवा शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन मिलेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली से वाराणसी वापसी में रात 9:40 बजे नई दिल्ली से प्रस्थान करेगी और अगली सुबह 06:45 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह सेवा शनिवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन मिलेगी।