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करावल नगर की टूटी पुलिया : घूमकर जाएं या चोट खाएं, प्रशासन ने लटकाया काम
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- प्रशासन से कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के करावल नगर चौक पर मुख्य पुलिया महीनों से टूटी पड़ी है, जिससे हजारों लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। वाहनों को एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए काफी दूर से घूमकर आना पड़ता है, जबकि पैदल चलने वालों को उभरे लोहे के सरियों से पैरों में चोट लगने का खतरा है।
एक माह पहले मरम्मत का काम शुरू तो हुआ, लेकिन कुछ दिनों में ही ठप हो गया।अब पुलिया न आधी बनी है, न पूरी खराब। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि टूटी पुलिया के कारण माल की सप्लाई रुक गई है। टेम्पो चालक अंदर आने से मना करते हैं। स्कूली बच्चों को बस से काफी दूर उतरकर पैदल जाना पड़ता है। बारिश और रात के अंधेरे में बच्चों व बुजुर्गों के नाले में गिरने का खतरा बना रहता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पातीं।
स्थानीय निवासी नीरज ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण उनकी फैक्टरी का सामान इलाके में अंदर नहीं आ पाता टेम्पो चालक इलाके के अंदर आने से ही मना कर देते हैं। आकाश ने बताया कि टूटी पुलिया के कारण उनके स्कूल की बस इलाके में अंदर तक नहीं आ पाती जिस कारण उन्हें काफी दूर तक पैदल चल कर जाना पड़ता है। अन्य निवासी ने दावा करते हुए बताया कि इस मामले में प्रशासन से कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के करावल नगर चौक पर मुख्य पुलिया महीनों से टूटी पड़ी है, जिससे हजारों लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। वाहनों को एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए काफी दूर से घूमकर आना पड़ता है, जबकि पैदल चलने वालों को उभरे लोहे के सरियों से पैरों में चोट लगने का खतरा है।
एक माह पहले मरम्मत का काम शुरू तो हुआ, लेकिन कुछ दिनों में ही ठप हो गया।अब पुलिया न आधी बनी है, न पूरी खराब। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि टूटी पुलिया के कारण माल की सप्लाई रुक गई है। टेम्पो चालक अंदर आने से मना करते हैं। स्कूली बच्चों को बस से काफी दूर उतरकर पैदल जाना पड़ता है। बारिश और रात के अंधेरे में बच्चों व बुजुर्गों के नाले में गिरने का खतरा बना रहता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पातीं।
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स्थानीय निवासी नीरज ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण उनकी फैक्टरी का सामान इलाके में अंदर नहीं आ पाता टेम्पो चालक इलाके के अंदर आने से ही मना कर देते हैं। आकाश ने बताया कि टूटी पुलिया के कारण उनके स्कूल की बस इलाके में अंदर तक नहीं आ पाती जिस कारण उन्हें काफी दूर तक पैदल चल कर जाना पड़ता है। अन्य निवासी ने दावा करते हुए बताया कि इस मामले में प्रशासन से कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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