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Delhi NCR News: एसी से सीधे धूप में नहीं निकलें, बढ़ सकती हैं सांस-एलर्जी की समस्याएं
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अचानक तापमान में बड़ा अंतर होने के कारण शरीर को ढलने में लगता है समय
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग घरों, दफ्तरों और वाहनों में लंबे समय तक एयर कंडीशनर (एसी) का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि एसी के ठंडे वातावरण से निकलकर सीधे तेज धूप और गर्मी में जाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अचानक तापमान में बड़ा अंतर होने के कारण शरीर को वातावरण के अनुरूप ढलने में समय लगता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार इन दिनों सर्दी-जुकाम, गले में खराश, छींक, एलर्जी और सांस संबंधी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। तापमान में अचानक बदलाव से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों में सांस लेने में परेशानी अधिक देखी जा रही है।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि लंबे समय तक एसी में रहने के बाद सीधे बाहर निकलने पर शरीर को अचानक गर्म हवा का सामना करना पड़ता है। इससे गले में संक्रमण, एलर्जी, खांसी और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को एसी से बाहर निकलने से पहले कुछ मिनट सामान्य तापमान वाले वातावरण में रुकना चाहिए, ताकि शरीर धीरे-धीरे बाहरी तापमान के अनुसार खुद को ढाल सके।
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डॉ कुमार ने सलाह दी कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, शरीर को हाइड्रेट रखना और एसी का तापमान अत्यधिक कम न रखना भी जरूरी है। यदि लगातार खांसी, गले में दर्द, बुखार या सांस लेने में दिक्कत हो तो चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
बॉक्स - इन बातों का रखें ध्यान
-एसी से निकलते ही सीधे धूप या गर्म हवा में न जाएं।
-एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।
-दिनभर पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें।
-बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
-एलर्जी या सांस की समस्या बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग घरों, दफ्तरों और वाहनों में लंबे समय तक एयर कंडीशनर (एसी) का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि एसी के ठंडे वातावरण से निकलकर सीधे तेज धूप और गर्मी में जाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अचानक तापमान में बड़ा अंतर होने के कारण शरीर को वातावरण के अनुरूप ढलने में समय लगता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार इन दिनों सर्दी-जुकाम, गले में खराश, छींक, एलर्जी और सांस संबंधी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। तापमान में अचानक बदलाव से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों में सांस लेने में परेशानी अधिक देखी जा रही है।
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गुरु तेग बहादुर अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि लंबे समय तक एसी में रहने के बाद सीधे बाहर निकलने पर शरीर को अचानक गर्म हवा का सामना करना पड़ता है। इससे गले में संक्रमण, एलर्जी, खांसी और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को एसी से बाहर निकलने से पहले कुछ मिनट सामान्य तापमान वाले वातावरण में रुकना चाहिए, ताकि शरीर धीरे-धीरे बाहरी तापमान के अनुसार खुद को ढाल सके।
डॉ कुमार ने सलाह दी कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, शरीर को हाइड्रेट रखना और एसी का तापमान अत्यधिक कम न रखना भी जरूरी है। यदि लगातार खांसी, गले में दर्द, बुखार या सांस लेने में दिक्कत हो तो चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
बॉक्स - इन बातों का रखें ध्यान
-एसी से निकलते ही सीधे धूप या गर्म हवा में न जाएं।
-एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।
-दिनभर पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें।
-बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
-एलर्जी या सांस की समस्या बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।