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Delhi NCR News: डीटीयू के छात्रों का ड्रोन तकनीक में नवाचार, 15-15 लाख का मिला पुरस्कार
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- एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन 5.0 में साइबर सुरक्षा और निगरानी श्रेणी में मिली बड़ी सफलता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के छात्रों ने एक बार फिर नवाचार में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। छात्रों ने रक्षा और निगरानी से जुड़ी अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक विकसित कर केंद्र सरकार की सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) आइडिया हैकाथॉन 5.0 में 15-15 लाख रुपये का पुरस्कार हासिल किया है।
इस प्रतियोगिता में छात्रों को साइबर सुरक्षा, निगरानी और गुप्त ऑपरेशन श्रेणी में सम्मानित किया गया। छात्र चितवन तेजन ने ‘ड्रोन फॉरेंसिक’ तकनीक विकसित की है, जिसकी मदद से दुश्मन देश से आए ड्रोन के क्रैश होने पर उसके माइक्रोप्रोसेसर की मेमोरी से उड़ान मार्ग और गतिविधियों का पूरा डाटा निकाला जा सकता है। यह तकनीक युद्ध जैसी परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। वहीं, डीटीयू इनक्यूबेटर से जुड़े स्टार्टअप संस्थापक अंशुल शर्मा को ‘फ्लाइंग विंग वीटीओएल यूएवी सिस्टम’ के लिए सम्मानित किया गया है। इस सिस्टम की खासियत है कि इसमें 150 किलोमीटर तक की रेंज के साथ एक स्मार्ट और ऑटोमेटेड ड्रोन स्टेशन तैयार किया गया है, जहां एक साथ चार ड्रोन तैनात किए जा सकते हैं। ये ड्रोन बिना मानवीय हस्तक्षेप के खुद उड़ान भरते हैं, लौटते हैं और चार्जिंग या ईंधन की प्रक्रिया भी स्वचालित रूप से पूरी करते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के छात्रों ने एक बार फिर नवाचार में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। छात्रों ने रक्षा और निगरानी से जुड़ी अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक विकसित कर केंद्र सरकार की सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) आइडिया हैकाथॉन 5.0 में 15-15 लाख रुपये का पुरस्कार हासिल किया है।
इस प्रतियोगिता में छात्रों को साइबर सुरक्षा, निगरानी और गुप्त ऑपरेशन श्रेणी में सम्मानित किया गया। छात्र चितवन तेजन ने ‘ड्रोन फॉरेंसिक’ तकनीक विकसित की है, जिसकी मदद से दुश्मन देश से आए ड्रोन के क्रैश होने पर उसके माइक्रोप्रोसेसर की मेमोरी से उड़ान मार्ग और गतिविधियों का पूरा डाटा निकाला जा सकता है। यह तकनीक युद्ध जैसी परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। वहीं, डीटीयू इनक्यूबेटर से जुड़े स्टार्टअप संस्थापक अंशुल शर्मा को ‘फ्लाइंग विंग वीटीओएल यूएवी सिस्टम’ के लिए सम्मानित किया गया है। इस सिस्टम की खासियत है कि इसमें 150 किलोमीटर तक की रेंज के साथ एक स्मार्ट और ऑटोमेटेड ड्रोन स्टेशन तैयार किया गया है, जहां एक साथ चार ड्रोन तैनात किए जा सकते हैं। ये ड्रोन बिना मानवीय हस्तक्षेप के खुद उड़ान भरते हैं, लौटते हैं और चार्जिंग या ईंधन की प्रक्रिया भी स्वचालित रूप से पूरी करते हैं।
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