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Faridabad News: आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी को दोषमुक्त करार दिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन की अदालत ने वर्ष 2017 के आत्महत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए विनय कुमार रावत को दोषमुक्त करार दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मृतक द्वारा झेले गए लगभग 86 लाख रुपये के आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव को आधार बनाकर किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक उसके खिलाफ ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद न हों।
यह मामला सेक्टर-7 थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें मृतक विनय शर्मा की पत्नी ने आरोप लगाया था कि विनय कुमार रावत और अन्य लोगों के दबाव और धमकियों के चलते उनके पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि मृतक को कारोबारी गतिविधियों में भारी नुकसान हुआ था, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। अदालत ने इस तथ्य को स्वीकार भी किया कि आर्थिक नुकसान के कारण मृतक तनाव में था, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि इस नुकसान के लिए विनय को जिम्मेदार ठहराने का कोई पुख्ता प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं है।
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फरीदाबाद। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन की अदालत ने वर्ष 2017 के आत्महत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए विनय कुमार रावत को दोषमुक्त करार दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मृतक द्वारा झेले गए लगभग 86 लाख रुपये के आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव को आधार बनाकर किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक उसके खिलाफ ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद न हों।
यह मामला सेक्टर-7 थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें मृतक विनय शर्मा की पत्नी ने आरोप लगाया था कि विनय कुमार रावत और अन्य लोगों के दबाव और धमकियों के चलते उनके पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि मृतक को कारोबारी गतिविधियों में भारी नुकसान हुआ था, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। अदालत ने इस तथ्य को स्वीकार भी किया कि आर्थिक नुकसान के कारण मृतक तनाव में था, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि इस नुकसान के लिए विनय को जिम्मेदार ठहराने का कोई पुख्ता प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं है।
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