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Faridabad News: आठ साल बाद फिर रफ्तार पकड़ेगी बराही तालाब परियोजना
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बराही तालाब की फाइल फोटो ।
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फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने संभाली कमान, निविदा प्रक्रिया भी शुरू की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद के ऐतिहासिक बराही तालाब के पुनर्विकास की लंबे समय से अटकी योजना अब दोबारा जमीन पर उतरने की तैयारी में है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शुरू हुई यह परियोजना वर्षों तक विवाद और प्रशासनिक अड़चनों में फंसी रही, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) को सौंप दी गई है। प्राधिकरण ने निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बराही तालाब धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से शहर की महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता है। यहां हर वर्ष बराही मेले के अलावा छठ पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। बावजूद इसके वर्षों से तालाब बदहाल स्थिति में पड़ा है। करीब आठ वर्ष पहले इसे आधुनिक स्वरूप देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन प्रस्तावित निर्माण में तालाब का क्षेत्रफल कम किए जाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने रोक लगा दी थी। इसके बाद संशोधित योजना तैयार की गई, जिसमें पुराने स्वरूप के अनुरूप तालाब विकसित करने का निर्णय लिया गया।
हाल ही में एफएमडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर परियोजना को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे। अब टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के साथ निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। परियोजना के तहत तालाब में स्वच्छ पानी बनाए रखने के लिए लघु सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित करने की योजना भी शामिल है। आसपास के क्षेत्रों से आने वाले सीवर के पानी को शोधित कर तालाब में छोड़ा जाएगा और समय-समय पर पानी बदला जाएगा। हालांकि एसटीपी का निर्माण भी फिलहाल लंबित है, जिसे जल्द शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
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बराही तालाब को केवल जलाशय तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पर्यटन और मनोरंजन स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां प्रस्तावित नक्षत्र गार्डन में 27 प्रकार के पौधे और वृक्ष लगाए जाएंगे। साथ ही डिजिटल गैलरी, बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र और खानपान की सुविधाएं विकसित करने की योजना है, जिससे यह स्थान स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता ओमदत्त के अनुसार, परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि योजना पूरी होने के बाद बराही तालाब जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संवर्धन, हरित क्षेत्र के विस्तार और नागरिकों के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधा के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद के ऐतिहासिक बराही तालाब के पुनर्विकास की लंबे समय से अटकी योजना अब दोबारा जमीन पर उतरने की तैयारी में है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शुरू हुई यह परियोजना वर्षों तक विवाद और प्रशासनिक अड़चनों में फंसी रही, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) को सौंप दी गई है। प्राधिकरण ने निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बराही तालाब धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से शहर की महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता है। यहां हर वर्ष बराही मेले के अलावा छठ पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। बावजूद इसके वर्षों से तालाब बदहाल स्थिति में पड़ा है। करीब आठ वर्ष पहले इसे आधुनिक स्वरूप देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन प्रस्तावित निर्माण में तालाब का क्षेत्रफल कम किए जाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने रोक लगा दी थी। इसके बाद संशोधित योजना तैयार की गई, जिसमें पुराने स्वरूप के अनुरूप तालाब विकसित करने का निर्णय लिया गया।
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हाल ही में एफएमडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर परियोजना को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे। अब टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के साथ निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। परियोजना के तहत तालाब में स्वच्छ पानी बनाए रखने के लिए लघु सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित करने की योजना भी शामिल है। आसपास के क्षेत्रों से आने वाले सीवर के पानी को शोधित कर तालाब में छोड़ा जाएगा और समय-समय पर पानी बदला जाएगा। हालांकि एसटीपी का निर्माण भी फिलहाल लंबित है, जिसे जल्द शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
बराही तालाब को केवल जलाशय तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पर्यटन और मनोरंजन स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां प्रस्तावित नक्षत्र गार्डन में 27 प्रकार के पौधे और वृक्ष लगाए जाएंगे। साथ ही डिजिटल गैलरी, बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र और खानपान की सुविधाएं विकसित करने की योजना है, जिससे यह स्थान स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता ओमदत्त के अनुसार, परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि योजना पूरी होने के बाद बराही तालाब जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संवर्धन, हरित क्षेत्र के विस्तार और नागरिकों के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधा के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।