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Faridabad News: संशोधित खबर<bha>--</bha> मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने किया नगर परिषद का औचक निरीक्षण, मिली खामियां
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-ड्यूटी से दो कर्मचारी बगैर सूचना के लापता
-आधा दर्जन कर्मचारी पहुंचे एक से डेढ़ घंटे देरी से
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) फरीदाबाद की टीम ने सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर नगर परिषद होडल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। टीम को शिकायत मिली थी कि कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी समय पर ड्यूटी पर नहीं आते हैं। इसके साथ ही प्रॉपर्टी आईडी बनाने के कार्य में धांधली की जा रही है।
शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने तहसीलदार होडल एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार तथा नगर पालिका हथीन के सचिव देवेंद्र कुमार के साथ संयुक्त रूप से नगर परिषद होडल कार्यालय में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कुल 22 अधिकारी और कर्मचारी तैनात पाए गए।
निरीक्षण के दौरान दो कर्मचारी अनुपस्थित मिले :
जांच के दौरान पाया गया कि केवल 6 कर्मचारी ही समय पर कार्यालय में उपस्थित मिले। वहीं 8 कर्मचारी अन्य सरकारी कार्यों और अतिरिक्त चार्ज के कारण अन्य स्थानों पर तैनात पाए गए। इसके अलावा 7 कर्मचारी निर्धारित समय से देरी से कार्यालय पहुंचे। वहीं, 2 कर्मचारी पूरी तरह से गैरहाजिर मिले।
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लंबित मामलों का रिकॉर्ड खंगाला :
निरीक्षण के दौरान टीम ने कार्यालय में लंबित मामलों से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाला। इसमें सीएम विंडो, सामान्य शिकायतों, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तथा विवाह पंजीकरण से जुड़े लंबित मामलों का रिकॉर्ड लिया गया। इसके अलावा वर्ष 2026 में बनाई गई प्रॉपर्टी आईडी का माहवार रिकॉर्ड भी जांच के लिए लिया गया।
मंगला टॉकीज की जमीन का किया निरीक्षण--
इस दौरान टीम ने प्रॉपर्टी आईडी के आवेदन लंबित मिले, जिनका मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने दस दिन के अंदर निपटाने के नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए। टीम ने लगभग चार घंटे तक रिकॉर्ड खंगालने के बाद शहर के बंद पड़े मंगला टॉकीज सिनेमा हॉल की जमीन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दो प्रॉपर्टी आईडी ऐसी पाई गईं, जिनमें पहले भूमि का प्रकार व्यवसायिक दर्ज था, लेकिन बाद में उसे रिहायशी श्रेणी में बदल दिया गया था। नियमों के अनुसार किसी भी भूमि को व्यवसायिक से रिहायशी श्रेणी में बदलने से पहले संबंधित प्रॉपर्टी आईडी मेकर और चेकर को बकाया टैक्स का भुगतान करवाना होता है।
बिना जांच किए सचिव और लिपिक ने जारी किया नो ड्यूज :
भवन निरीक्षक की मौके की रिपोर्ट लेना तथा व्यवसायिक निर्माण को हटाने के बाद ही इस प्रकार का परिवर्तन किया जा सकता है। लेकिन जांच में सामने आया कि नगर परिषद के संबंधित लिपिक और सचिव द्वारा केवल रिहायशी भूमि के अनुसार डेवलपमेंट टैक्स लेकर नो ड्यूज जारी कर दिया गया। जिससे प्रक्रिया में अनियमितता पाई गई। मुख्यमंत्री उड़न दस्ता की टीम ने पूरे मामले का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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दोबारा चेक किया प्रॉपर्टी आईडी का रिकॉर्ड :
बाद में मुख्यमंत्री उड़न दस्ता की टीम ने कार्यालय में फिर से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी के रिकॉर्ड को खंगालने में लग गई। वहीं, पीआईडी के मामले रेड जोन में थे, जिन्हें दस दिन से ज्यादा का समय हो चुका था। उनका भी तत्काल निदान कर लोगों के काम कराने के निर्देश दिए। टीम ने कमर्शियल से रेजिडेंशियल में बदली गई प्रॉपर्टी आईडी से सरकार व बोर्ड को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए सांय पांच बजे तक परिषद कार्यालय में जुटी रही।
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क्या कहते है अधिकारी--
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने नगर परिषद कार्यालय के कर्मचारियों की उपस्थिति और कॉमर्शियल से रेजिडेंशियल में बदली गई प्रॉपर्टी आईडी के मामलों पर संज्ञान लिया है। नगर परिषद के ईओ को लंबित प्रॉपर्टी आईडी के मामलों का तत्काल निदान कराने और लोगों की समस्याओं का निदान कराने के निर्देश दिए हैं। उन्हें टैक्स चोरी रोकने के निर्देश दिए गए हैं, टीम जांच में जुटी हुई है।-
- अनिल कुमार तहसीलदार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, होडल
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-आधा दर्जन कर्मचारी पहुंचे एक से डेढ़ घंटे देरी से
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) फरीदाबाद की टीम ने सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर नगर परिषद होडल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। टीम को शिकायत मिली थी कि कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी समय पर ड्यूटी पर नहीं आते हैं। इसके साथ ही प्रॉपर्टी आईडी बनाने के कार्य में धांधली की जा रही है।
शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने तहसीलदार होडल एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार तथा नगर पालिका हथीन के सचिव देवेंद्र कुमार के साथ संयुक्त रूप से नगर परिषद होडल कार्यालय में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कुल 22 अधिकारी और कर्मचारी तैनात पाए गए।
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निरीक्षण के दौरान दो कर्मचारी अनुपस्थित मिले :
जांच के दौरान पाया गया कि केवल 6 कर्मचारी ही समय पर कार्यालय में उपस्थित मिले। वहीं 8 कर्मचारी अन्य सरकारी कार्यों और अतिरिक्त चार्ज के कारण अन्य स्थानों पर तैनात पाए गए। इसके अलावा 7 कर्मचारी निर्धारित समय से देरी से कार्यालय पहुंचे। वहीं, 2 कर्मचारी पूरी तरह से गैरहाजिर मिले।
लंबित मामलों का रिकॉर्ड खंगाला :
निरीक्षण के दौरान टीम ने कार्यालय में लंबित मामलों से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाला। इसमें सीएम विंडो, सामान्य शिकायतों, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तथा विवाह पंजीकरण से जुड़े लंबित मामलों का रिकॉर्ड लिया गया। इसके अलावा वर्ष 2026 में बनाई गई प्रॉपर्टी आईडी का माहवार रिकॉर्ड भी जांच के लिए लिया गया।
मंगला टॉकीज की जमीन का किया निरीक्षण
इस दौरान टीम ने प्रॉपर्टी आईडी के आवेदन लंबित मिले, जिनका मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने दस दिन के अंदर निपटाने के नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए। टीम ने लगभग चार घंटे तक रिकॉर्ड खंगालने के बाद शहर के बंद पड़े मंगला टॉकीज सिनेमा हॉल की जमीन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दो प्रॉपर्टी आईडी ऐसी पाई गईं, जिनमें पहले भूमि का प्रकार व्यवसायिक दर्ज था, लेकिन बाद में उसे रिहायशी श्रेणी में बदल दिया गया था। नियमों के अनुसार किसी भी भूमि को व्यवसायिक से रिहायशी श्रेणी में बदलने से पहले संबंधित प्रॉपर्टी आईडी मेकर और चेकर को बकाया टैक्स का भुगतान करवाना होता है।
बिना जांच किए सचिव और लिपिक ने जारी किया नो ड्यूज :
भवन निरीक्षक की मौके की रिपोर्ट लेना तथा व्यवसायिक निर्माण को हटाने के बाद ही इस प्रकार का परिवर्तन किया जा सकता है। लेकिन जांच में सामने आया कि नगर परिषद के संबंधित लिपिक और सचिव द्वारा केवल रिहायशी भूमि के अनुसार डेवलपमेंट टैक्स लेकर नो ड्यूज जारी कर दिया गया। जिससे प्रक्रिया में अनियमितता पाई गई। मुख्यमंत्री उड़न दस्ता की टीम ने पूरे मामले का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
दोबारा चेक किया प्रॉपर्टी आईडी का रिकॉर्ड :
बाद में मुख्यमंत्री उड़न दस्ता की टीम ने कार्यालय में फिर से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी के रिकॉर्ड को खंगालने में लग गई। वहीं, पीआईडी के मामले रेड जोन में थे, जिन्हें दस दिन से ज्यादा का समय हो चुका था। उनका भी तत्काल निदान कर लोगों के काम कराने के निर्देश दिए। टीम ने कमर्शियल से रेजिडेंशियल में बदली गई प्रॉपर्टी आईडी से सरकार व बोर्ड को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए सांय पांच बजे तक परिषद कार्यालय में जुटी रही।
क्या कहते है अधिकारी
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने नगर परिषद कार्यालय के कर्मचारियों की उपस्थिति और कॉमर्शियल से रेजिडेंशियल में बदली गई प्रॉपर्टी आईडी के मामलों पर संज्ञान लिया है। नगर परिषद के ईओ को लंबित प्रॉपर्टी आईडी के मामलों का तत्काल निदान कराने और लोगों की समस्याओं का निदान कराने के निर्देश दिए हैं। उन्हें टैक्स चोरी रोकने के निर्देश दिए गए हैं, टीम जांच में जुटी हुई है।-
- अनिल कुमार तहसीलदार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, होडल