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Faridabad News: प्राइमरी स्कूल के पास गड्ढे में गिरा चौथी का छात्र, हालत गंभीर
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एसआईआर ड्यूटी के कारण स्कूल में थे सिर्फ दो शिक्षक, गेट से बाहर निकलकर खाली प्लॉट में नहाने गया था मासूम
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ के सेक्टर-62 आशियाना स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल के पास शुक्रवार सुबह खाली प्लॉट में नहाने गया चौथी का छात्र पानी में डूबने लगा। बच्चों के शोर मचाने पर स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाला। चौथी के छात्र रेहान को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और लापरवाही से खुले छोड़े गए गड्ढों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, स्कूल के पास ही एक खाली प्लॉट मौजूद है, जहां पिछले दिनों हुई बरसात के कारण उसमें पानी भर गया है। बताया जा रहा है कि उमस और गर्मी के कारण रेहान नहाने के लिए गड्ढे में उतर गया, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह अचानक गहरे पानी में डूबने लगा। उसको डूबता देख किनारे पर खड़े उसके दोस्तों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्चों का शोर सुनकर स्कूल के शिक्षक और आसपास के लोग तुरंत मौके की तरफ दौड़े। शिक्षकों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासियों ने पानी में छलांग लगाकर उसको बाहर निकाला।
एसआईआर के कारण कम थे शिक्षक
जानकारी के अनुसार, गांव शाहपुरा के सरकारी स्कूल की प्राइमरी शाखा वर्तमान में सेक्टर-62 आशियाना में संचालित होती है, जहां कक्षा पांचवीं तक के बच्चे पढ़ाई करते हैं। स्कूल के शिक्षक उपकार ने बताया कि वर्तमान में चल रहे मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के कारण स्कूल की दो महिला अध्यापिकाओं की ड्यूटी चुनाव कार्य में लगी हुई है। स्टाफ की इस कमी के कारण शुक्रवार को स्कूल में केवल दो शिक्षक ही मौजूद थे, जिनके जिम्मे पूरे स्कूल के बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी थी।
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मिड-डे मील के समय बाहर निकले बच्चे
शिक्षक उपकार के मुताबिक, शुक्रवार सुबह स्कूल सुचारू रूप से शुरू हुआ था। सुबह करीब 10 बजे वह खुद दूसरे कक्षा-कक्ष में बच्चों को पढ़ा रहे थे, जबकि स्कूल की दूसरी महिला शिक्षिका एक सहायक कर्मचारी के साथ मिलकर बच्चों के लिए दोपहर का भोजन (मिड-डे मील) तैयार करवा रही थीं। इसी दौरान चौथी कक्षा में पढ़ने वाला रेहान कुछ अन्य बच्चों के साथ स्कूल के मुख्य गेट के पास आकर खड़ा हो गया। शिक्षकों की व्यस्तता का फायदा उठाकर रेहान और उसके साथी चुपके से स्कूल परिसर से बाहर निकल गए।
मां ने कहा-लापरवाहों पर हो कार्रवाई
पीड़ित बच्चे रेहान की मां असरीन ने बताया कि उसके पति की कई वर्ष पहले ही मृत्यु हो चुकी है। पति के गुजर जाने के बाद वह अकेले ही मेहनत-मजदूरी करके बेहद तंगहाली में अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उसने रोते हुए कहा कि उसे क्या पता था कि जिस बच्चे को वह सुबह सही-सलामत स्कूल पढ़ने भेज रही है, वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ने लगेगा। इस लापरवाही के लिए जो जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। इस हादसे के बाद से पीड़ित मां और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मामला हमारे संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।-संदेश सोलंकी, डिप्टी डीईओ, फरीदाबाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ के सेक्टर-62 आशियाना स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल के पास शुक्रवार सुबह खाली प्लॉट में नहाने गया चौथी का छात्र पानी में डूबने लगा। बच्चों के शोर मचाने पर स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाला। चौथी के छात्र रेहान को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और लापरवाही से खुले छोड़े गए गड्ढों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, स्कूल के पास ही एक खाली प्लॉट मौजूद है, जहां पिछले दिनों हुई बरसात के कारण उसमें पानी भर गया है। बताया जा रहा है कि उमस और गर्मी के कारण रेहान नहाने के लिए गड्ढे में उतर गया, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह अचानक गहरे पानी में डूबने लगा। उसको डूबता देख किनारे पर खड़े उसके दोस्तों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्चों का शोर सुनकर स्कूल के शिक्षक और आसपास के लोग तुरंत मौके की तरफ दौड़े। शिक्षकों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासियों ने पानी में छलांग लगाकर उसको बाहर निकाला।
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एसआईआर के कारण कम थे शिक्षक
जानकारी के अनुसार, गांव शाहपुरा के सरकारी स्कूल की प्राइमरी शाखा वर्तमान में सेक्टर-62 आशियाना में संचालित होती है, जहां कक्षा पांचवीं तक के बच्चे पढ़ाई करते हैं। स्कूल के शिक्षक उपकार ने बताया कि वर्तमान में चल रहे मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के कारण स्कूल की दो महिला अध्यापिकाओं की ड्यूटी चुनाव कार्य में लगी हुई है। स्टाफ की इस कमी के कारण शुक्रवार को स्कूल में केवल दो शिक्षक ही मौजूद थे, जिनके जिम्मे पूरे स्कूल के बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी थी।
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मिड-डे मील के समय बाहर निकले बच्चे
शिक्षक उपकार के मुताबिक, शुक्रवार सुबह स्कूल सुचारू रूप से शुरू हुआ था। सुबह करीब 10 बजे वह खुद दूसरे कक्षा-कक्ष में बच्चों को पढ़ा रहे थे, जबकि स्कूल की दूसरी महिला शिक्षिका एक सहायक कर्मचारी के साथ मिलकर बच्चों के लिए दोपहर का भोजन (मिड-डे मील) तैयार करवा रही थीं। इसी दौरान चौथी कक्षा में पढ़ने वाला रेहान कुछ अन्य बच्चों के साथ स्कूल के मुख्य गेट के पास आकर खड़ा हो गया। शिक्षकों की व्यस्तता का फायदा उठाकर रेहान और उसके साथी चुपके से स्कूल परिसर से बाहर निकल गए।
मां ने कहा-लापरवाहों पर हो कार्रवाई
पीड़ित बच्चे रेहान की मां असरीन ने बताया कि उसके पति की कई वर्ष पहले ही मृत्यु हो चुकी है। पति के गुजर जाने के बाद वह अकेले ही मेहनत-मजदूरी करके बेहद तंगहाली में अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उसने रोते हुए कहा कि उसे क्या पता था कि जिस बच्चे को वह सुबह सही-सलामत स्कूल पढ़ने भेज रही है, वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ने लगेगा। इस लापरवाही के लिए जो जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। इस हादसे के बाद से पीड़ित मां और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मामला हमारे संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।-संदेश सोलंकी, डिप्टी डीईओ, फरीदाबाद