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Faridabad News: नहरपार में अवैध जींस रंगाई फैक्ट्री पर सीएम फ्लाइंग का छापा
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बिना दस्तावेज के चल रही थी वर्कशॉप, रसायनयुक्त दूषित पानी खुले में छोड़ने की हुई पुष्टि
-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जारी करेगा कारण बताओ नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नहरपार क्षेत्र स्थित गांव डूंगरपुर में मुख्यमंत्री उड़न दस्ता (सीएम फ्लाइंग) और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित जींस रंगाई एवं धुलाई की फैक्टरी पर छापा मारा। जांच में फैक्टरी बिना किसी वैध अनुमति के संचालित होती पाई गई। वहीं रंगाई और धुलाई में इस्तेमाल होने वाले रसायनों से युक्त दूषित पानी को बिना शोधन के खुले क्षेत्र में छोड़ा जा रहा था, जिससे जल प्रदूषण फैलने की पुष्टि हुई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्टरी संचालक के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर क्लोजर (बंद करने) की कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।
मुख्यमंत्री उड़न दस्ता फरीदाबाद के इंस्पेक्टर भगत सिंह ने बताया कि 10 जुलाई को टीम को सूचना मिली थी कि गांव डूंगरपुर के राजस्व क्षेत्र में साई कंपनी से यमुना पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर एक वर्कशॉप में अवैध रूप से जींस की रंगाई और धुलाई की जा रही है। सूचना के आधार पर सीएम फ्लाइंग ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता (एईई) व्योम शर्मा और उनकी टीम के साथ मौके पर संयुक्त औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि वर्कशॉप भूपेंद्र निवासी मीठापुर द्वारा संचालित की जा रही थी। निरीक्षण में मौके पर बड़ी मात्रा में जींस की रंगाई और धुलाई का कार्य चल रहा था।
जांच के दौरान अधिकारियों ने संचालन संबंधी अनुमति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति व अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन संचालक के पास दस्तावेज नहीं था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर स्पॉट इंस्पेक्शन रिपोर्ट तैयार की। अधिकारियों ने बताया कि फैक्टरी संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार क्लोजर रिपोर्ट तैयार कर फैक्टरी को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध रूप से संचालित और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
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-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जारी करेगा कारण बताओ नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नहरपार क्षेत्र स्थित गांव डूंगरपुर में मुख्यमंत्री उड़न दस्ता (सीएम फ्लाइंग) और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित जींस रंगाई एवं धुलाई की फैक्टरी पर छापा मारा। जांच में फैक्टरी बिना किसी वैध अनुमति के संचालित होती पाई गई। वहीं रंगाई और धुलाई में इस्तेमाल होने वाले रसायनों से युक्त दूषित पानी को बिना शोधन के खुले क्षेत्र में छोड़ा जा रहा था, जिससे जल प्रदूषण फैलने की पुष्टि हुई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्टरी संचालक के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर क्लोजर (बंद करने) की कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।
मुख्यमंत्री उड़न दस्ता फरीदाबाद के इंस्पेक्टर भगत सिंह ने बताया कि 10 जुलाई को टीम को सूचना मिली थी कि गांव डूंगरपुर के राजस्व क्षेत्र में साई कंपनी से यमुना पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर एक वर्कशॉप में अवैध रूप से जींस की रंगाई और धुलाई की जा रही है। सूचना के आधार पर सीएम फ्लाइंग ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता (एईई) व्योम शर्मा और उनकी टीम के साथ मौके पर संयुक्त औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि वर्कशॉप भूपेंद्र निवासी मीठापुर द्वारा संचालित की जा रही थी। निरीक्षण में मौके पर बड़ी मात्रा में जींस की रंगाई और धुलाई का कार्य चल रहा था।
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जांच के दौरान अधिकारियों ने संचालन संबंधी अनुमति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति व अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन संचालक के पास दस्तावेज नहीं था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर स्पॉट इंस्पेक्शन रिपोर्ट तैयार की। अधिकारियों ने बताया कि फैक्टरी संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार क्लोजर रिपोर्ट तैयार कर फैक्टरी को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध रूप से संचालित और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
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