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Faridabad News: निगम कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल शुरू, सफाई व्यवस्था और दफ्तरों में कामकाज ठप
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मुख्यालय पर भारी बारिश के बावजूद धरने पर डटे रहे, सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून की तेज बारिश के बीच बृहस्पतिवार को नगर निगम कर्मचारियों की तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल शुरू हो गई। पहले ही दिन इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था और नगर निगम के कामकाज पर साफ दिखाई दिया। नगर निगम मुख्यालय पर कर्मचारी भारी बारिश के बावजूद धरने पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में कूड़ा उठान प्रभावित रहा जबकि जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी का काम भी देर तक प्रभावित रहा। निगम मुख्यालय में विभिन्न कार्यों से पहुंचे लोगों को भी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में 6 से 8 अगस्त तक राज्यव्यापी हड़ताल की जा रही है। फरीदाबाद नगर निगम मुख्यालय पर पहले दिन हुए प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान दलीप बोहोत ने की, जबकि संचालन जिला सचिव अनिल चिंडालिया ने किया।
17 मांगों पर बनी थी सहमति, फिर भी नहीं हुए आदेश जारी
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगुहेर ने कहा कि मई 2026 में पालिका कर्मचारियों ने 14 दिन तक हड़ताल की थी। इसके बाद 13 मई को सरकार और नगर पालिका कर्मचारी संघ के बीच वार्ता हुई, जिसमें 22 मांगों में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें हरियाणा में कार्यरत करीब 13 हजार पालिका रोल कर्मचारियों को नियमित करना, अन्य कर्मचारियों से जुड़े कई लंबित मामलों का समाधान और विभिन्न सेवा संबंधी मांगें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 30 जून तक इन मांगों पर आदेश जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
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सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
जिला प्रधान दलीप बोहोत और जिला सचिव अनिल चिंडालिया ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। 14 जून को रोहतक में हुई कर्मचारी कन्वेंशन में यह निर्णय लिया गया था कि यदि सरकार समझौते को लागू नहीं करती है तो 6 से 8 अगस्त तक राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। 29 जुलाई और 5 अगस्त को सरकार के साथ दो दौर की वार्ता भी हुई, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि 8 अगस्त तक सरकार समझौते के अनुरूप आदेश जारी नहीं करती है तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे।
हड़ताल का शहर में दिखा असर
हड़ताल के पहले दिन शहर के कई इलाकों में नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठ सका। बारिश के कारण पहले से बने जलभराव वाले स्थानों पर सफाई और पानी निकासी का काम भी प्रभावित रहा। कई जगह सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर पड़े रहे। निगम मुख्यालय में संपत्ति कर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, शिकायतों और अन्य कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को भी कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा। कई लोग बिना काम कराए वापस लौट गए।
पार्षद-कार्यकारी अभियंता विवाद पर यह कहा
नगर निगम कर्मचारियों से जुड़े पार्षद और कार्यकारी अभियंता विवाद पर सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगुहेर ने कहा कि अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और कोर्ट ही इसमें फैसला करेगा। उस मामले में पार्षदों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। वर्तमान हड़ताल पूरी तरह राज्य स्तर पर कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर की जा रही है। प्रदर्शन में राज्य सचिव अजय शास्त्री, गुरुचरण खंडिया, सुदेश जैनवाल, रघुबीर चौटाला, वेदप्रकाश शर्मा, श्रीनंद ढकोलिया, महेंद्र कुड़िया, सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून की तेज बारिश के बीच बृहस्पतिवार को नगर निगम कर्मचारियों की तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल शुरू हो गई। पहले ही दिन इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था और नगर निगम के कामकाज पर साफ दिखाई दिया। नगर निगम मुख्यालय पर कर्मचारी भारी बारिश के बावजूद धरने पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में कूड़ा उठान प्रभावित रहा जबकि जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी का काम भी देर तक प्रभावित रहा। निगम मुख्यालय में विभिन्न कार्यों से पहुंचे लोगों को भी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में 6 से 8 अगस्त तक राज्यव्यापी हड़ताल की जा रही है। फरीदाबाद नगर निगम मुख्यालय पर पहले दिन हुए प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान दलीप बोहोत ने की, जबकि संचालन जिला सचिव अनिल चिंडालिया ने किया।
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17 मांगों पर बनी थी सहमति, फिर भी नहीं हुए आदेश जारी
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगुहेर ने कहा कि मई 2026 में पालिका कर्मचारियों ने 14 दिन तक हड़ताल की थी। इसके बाद 13 मई को सरकार और नगर पालिका कर्मचारी संघ के बीच वार्ता हुई, जिसमें 22 मांगों में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें हरियाणा में कार्यरत करीब 13 हजार पालिका रोल कर्मचारियों को नियमित करना, अन्य कर्मचारियों से जुड़े कई लंबित मामलों का समाधान और विभिन्न सेवा संबंधी मांगें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 30 जून तक इन मांगों पर आदेश जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
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सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
जिला प्रधान दलीप बोहोत और जिला सचिव अनिल चिंडालिया ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। 14 जून को रोहतक में हुई कर्मचारी कन्वेंशन में यह निर्णय लिया गया था कि यदि सरकार समझौते को लागू नहीं करती है तो 6 से 8 अगस्त तक राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। 29 जुलाई और 5 अगस्त को सरकार के साथ दो दौर की वार्ता भी हुई, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि 8 अगस्त तक सरकार समझौते के अनुरूप आदेश जारी नहीं करती है तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे।
हड़ताल का शहर में दिखा असर
हड़ताल के पहले दिन शहर के कई इलाकों में नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठ सका। बारिश के कारण पहले से बने जलभराव वाले स्थानों पर सफाई और पानी निकासी का काम भी प्रभावित रहा। कई जगह सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर पड़े रहे। निगम मुख्यालय में संपत्ति कर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, शिकायतों और अन्य कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को भी कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा। कई लोग बिना काम कराए वापस लौट गए।
पार्षद-कार्यकारी अभियंता विवाद पर यह कहा
नगर निगम कर्मचारियों से जुड़े पार्षद और कार्यकारी अभियंता विवाद पर सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगुहेर ने कहा कि अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और कोर्ट ही इसमें फैसला करेगा। उस मामले में पार्षदों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। वर्तमान हड़ताल पूरी तरह राज्य स्तर पर कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर की जा रही है। प्रदर्शन में राज्य सचिव अजय शास्त्री, गुरुचरण खंडिया, सुदेश जैनवाल, रघुबीर चौटाला, वेदप्रकाश शर्मा, श्रीनंद ढकोलिया, महेंद्र कुड़िया, सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।