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साइबर क्राइम का साया: पिनगवां में दुकानदारों के बैंक अकाउंट फ्रीज, बढ़ी चिंता
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामलों ने अब छोटे दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डिजिटल पेमेंट, जो कभी सुविधा का माध्यम माना जाता था, अब व्यापारियों के लिए चिंता और डर का कारण बनता जा रहा है। पिनगवां कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में आए दिन दुकानदारों के बैंक अकाउंट बिना किसी सूचना के फ्रीज किए जा रहे हैं। स्थानीय दुकानदार तय्यब हुसैन, राशिद खान और मोहम्मद कासिम का कहना है कि अब कारोबार करना पहले से ज्यादा जोखिम भरा हो गया है। उनका कहना है कि ग्राहक से ऑनलाइन भुगतान लेने के कुछ ही समय बाद उनका बैंक अकाउंट बंद कर दिया जाता है, जिससे उनका पूरा पैसा फंस जाता है।
- फ्रॉड का डर और अनजान जोखिम : दुकानदारों का कहना है कि उन्हें यह पता ही नहीं होता कि उनके खाते में आया पैसा किसी साइबर फ्रॉड से जुड़ा है या नहीं। इसके बावजूद पूरे अकाउंट को फ्रीज कर दिया जाता है, जिससे उनकी जमा पूंजी प्रभावित होती है। मोबाइल दुकानदार तय्यब हुसैन ने बताया कि उनके खाते में करीब 90 हजार रुपये थे। उन्होंने एक ग्राहक को 15 हजार रुपये का मोबाइल बेचा, लेकिन उसके बाद उनका पूरा अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। व्यापारियों ने प्रशासन और बैंकिंग संस्थाओं से मांग की है कि केवल संदिग्ध लेन-देन की राशि को ही होल्ड किया जाए, न कि पूरे अकाउंट को बंद किया जाए।
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- फ्रॉड का डर और अनजान जोखिम : दुकानदारों का कहना है कि उन्हें यह पता ही नहीं होता कि उनके खाते में आया पैसा किसी साइबर फ्रॉड से जुड़ा है या नहीं। इसके बावजूद पूरे अकाउंट को फ्रीज कर दिया जाता है, जिससे उनकी जमा पूंजी प्रभावित होती है। मोबाइल दुकानदार तय्यब हुसैन ने बताया कि उनके खाते में करीब 90 हजार रुपये थे। उन्होंने एक ग्राहक को 15 हजार रुपये का मोबाइल बेचा, लेकिन उसके बाद उनका पूरा अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। व्यापारियों ने प्रशासन और बैंकिंग संस्थाओं से मांग की है कि केवल संदिग्ध लेन-देन की राशि को ही होल्ड किया जाए, न कि पूरे अकाउंट को बंद किया जाए।
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