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Faridabad News: छांयसा में हेपेटाइटिस संक्रमितों का आंकड़ा 50 के पार
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-केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया गांव का दौरा, मृतकों के परिजनों से की मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। क्षेत्र के गांव छांयसा में हेपेटाइटिस बी और सी के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने गंभीरता दिखाई है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की तीन सदस्यीय टीम ने गांव का दौरा कर हालात का जायजा लिया। एनसीडीसी की अतिरिक्त निदेशक हेमा गोगिया, उप निदेशक हेमलता और महामारी विशेषज्ञ डॉ. वरुण टीम में शामिल रहे।
टीम ने हेपेटाइटिस से मृतकों के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की और उनकी मेडिकल हिस्ट्री की विस्तृत जानकारी जुटाई। डॉक्टरों ने मौत के कारणों को समझने के लिए परिजनों से बातचीत की। इसके साथ ही उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा भी की। टीम ने गांव में संभावित संक्रमण के स्रोतों पर भी चर्चा की। एनसीडीसी की टीम ने स्थानीय चिकित्सकों से दूषित पानी की जांच रिपोर्ट और अब तक किए गए बचाव उपायों की जानकारी ली। मृतकों की विस्तृत रिपोर्ट की समीक्षा के लिए टीम शाम को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हो गई। स्वास्थ्य विभाग आगे की जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाएगा। एनसीडीसी की टीम ने 16 वर्षीय मृतक हुमा के घर का भी दौरा किया। परिजन ने बताया कि बीमारी की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। हालत अचानक बिगड़ गई और कई अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन बचा नहीं सके।
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संक्रमितों का आकंड़ा 50 के पार-
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में छांयसा गांव में हेपेटाइटिस बी और सी से चार तथा पीलिया से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इनमें अधिकांश मृतक नाबालिग थे। मौत के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंगलवार को हेपेटाइटिस बी और सी के 75 टेस्ट किए गए, जिनमें से चार नए मामले सामने आए। जिनमें तीन मरीज हेपेटाइटिस सी और एक मरीज हेपेटाइटिस बी से संक्रमित पाया गया। पिछले एक हफ्ते में गांव में कुल संक्रमितों की संख्या 51 पहुंच चुकी है।
1800 से अधिक लोगों की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 1800 से अधिक लोगों की जांच की है। पानी के 31 सैंपल लिए गए, जिनमें से 6 सैंपल में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। इसके साथ ही पानी में क्लोरिन की कमी पाई गई थी। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 15 हजार क्लोरिन की टैबलेट वितरित कर चुकी है।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में कैंप कर रही है। डोर-टू-डोर अभियान चलाकर जांच की जा रही है। ग्रामीणों का टीकाकरण किया जा रहा है। दिन में तीन टीम जांच के लिए लगाया गया है। रात में भी एंबुलेंस समेत टीम को भी रखा गया है।- संजय, डिप्टी सिविल सर्जन, पलवल
सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में भाजपा सरकार के राज में जो हुआ, वह हम सबने देखा। वहां दूषित जल के कारण मौतें हुईं। छांयसा गांव में ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। सरकार को पता है कि गांव के 15 लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में हेपेटाइटिस ए, बी और सी के कई मरीज हैं। एक्यूट लिवर फेलियर, उल्टी और दस्त से अधिकांश ग्रामीण ग्रस्त हैं। गांव के एक-तिहाई हिस्से में ही पेयजल पहुंच रहा है, दो-तिहाई हिस्से में पेयजल उपलब्ध ही नहीं है। अधिकांश पानी के सैंपल में दूषित जल के अवशेष पाए गए हैं।
- रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस नेता
छांयसा गांव का मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संज्ञान में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में कैंप कर रही है। मरीजों और उनके संपर्क वालों के सैंपल लिए जा रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। बीमारी का फैलना दुखद है। इसकी रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही ग्रामीणों को इस समस्या से निजात दिला दी जाएगी।
- गौरव गौतम, खेल राज्य मंत्री, हरियाणा सरकार