{"_id":"698248b67d900c87390f5950","slug":"like-the-metro-tickets-for-fmda-buses-will-also-be-available-online-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-61948-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: मेट्रो की तरह एफएमडीए की बसों में भी ऑनलाइन मिलेगा टिकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: मेट्रो की तरह एफएमडीए की बसों में भी ऑनलाइन मिलेगा टिकट
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद में बसों में ई-टिकटिंग की तैयारी, बदलेगी सफर की तस्वीर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले की सार्वजनिक बस सेवा जल्द ही डिजिटल दौर में प्रवेश करने जा रही है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने शहर की बसों में ई-टिकटिंग और यात्री फीडबैक सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
इस कदम से यात्रियों को जहां कागजी टिकटों की झंझट से राहत मिलने की उम्मीद है वहीं बस संचालन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना लागू होने के बाद शहर की बस सेवा पहले से ज्यादा व्यवस्थित और जवाबदेह बनेगी। फरीदाबाद में अभी प्राधिकरण की ज्यादातर बसों में मैन्युअल टिकटिंग होती है जिसमें कंडक्टर हाथ से टिकट काटते हैं। इस व्यवस्था में कई बार विवाद, देरी और शिकायतें सामने आती रही हैं। एफएमडीए अब इस पुरानी प्रणाली को बदलकर डिजिटल टिकटिंग लागू करना चाहता है। इसके तहत यात्रियों को मोबाइल ऐप, स्मार्ट कार्ड या डिजिटल पेमेंट के जरिए टिकट लेने की सुविधा मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार ई-टिकटिंग लागू होने के बाद यात्रियों को लंबी लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। बस में चढ़ते ही वे अपने स्मार्ट कार्ड या मोबाइल से टिकट ले सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और सफर ज्यादा आसान बनेगा।
चार कंपनियां दौड़ में शामिल
इस परियोजना के लिए एफएमडीए ने निविदा जारी की थी, जिसके जवाब में चार आईटी कंपनियों ने आवेदन किया है। इन कंपनियों के पास बड़े शहरों में डिजिटल सिस्टम लगाने का अनुभव बताया जा रहा है। एफएमडीए ने इन कंपनियों का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेष समिति बनाई है। इस समिति में एफएमडीए के हेड आईटी राकेश गुप्ता, डीएस एडमिन अरविंद मुखर्जी और स्मार्ट सिटी अन्य अधिकारी शामिल हैं। समिति तकनीकी क्षमता, काम का अनुभव और वित्तीय स्थिति जैसे पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी।
राजस्व में गड़बड़ी पर लगेगी रोक
मैन्युअल टिकटिंग में कई बार राजस्व के नुकसान की शिकायतें आती रही हैं। ई-टिकटिंग सिस्टम लागू होने के बाद हर टिकट का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा। इससे यह साफ होगा कि किस बस में कितने यात्री सफर कर रहे हैं और कितना किराया वसूला गया है। एफएमडीए के अधिकारियों का मानना है कि इससे राजस्व में सुधार होने के साथ बस सेवा की निगरानी भी बेहतर हो सकेगी। कंट्रोल रूम से यह देखा जा सकेगा कि किस रूट पर कितनी बसें चल रही हैं और कहां ज्यादा भीड़ है। इसी आधार पर जरूरत के अनुसार बसों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
यात्रियों की आवाज सुनेगा सिस्टम
ई-टिकटिंग के साथ-साथ एफएमडीए एक फीडबैक मैनेजमेंट सिस्टम भी शुरू करने जा रहा है। अभी तक यात्रियों के पास अपनी शिकायतें दर्ज कराने का कोई आसान और प्रभावी तरीका नहीं था। नए सिस्टम के तहत बसों और बस स्टैंड पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। यात्री इन्हें स्कैन करके सीधे अपनी शिकायत या सुझाव दे सकेंगे। अगर किसी बस के ड्राइवर या कंडक्टर का व्यवहार ठीक नहीं है बस समय पर नहीं आती है या बस स्टैंड पर सफाई की समस्या है तो यात्री तुरंत इसकी जानकारी दे सकेंगे। ये शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेंगी जिससे जल्द कार्रवाई की उम्मीद है।
आम लोगों को मिलेंगे कई लाभ
इस नई व्यवस्था से आम यात्री को कई फायदे मिलने की उम्मीद है। सबसे पहले स्मार्ट कार्ड की सुविधा मिलने से बार-बार नकद रखने की जरूरत नहीं रहेगी। लोग मेट्रो की तरह बस में भी कार्ड से यात्रा कर सकेंगे। दूसरा मोबाइल ऐप के जरिए बस की रीयल-टाइम लोकेशन देखी जा सकेगी। इससे यात्रियों को पता चल सकेगा कि अगली बस कितनी देर में आएगी। इससे इंतजार का समय कम होगा और योजना बनाकर यात्रा करना आसान होगा। तीसरा एफएमडीए इस सिस्टम को शहर की जरूरतों के अनुसार बदल भी सकेगा। अगर किसी रूट पर ज्यादा भीड़ होती है तो उस रूट पर और बसें चलाई जा सकेंगी। इसी तरह कम भीड़ वाले रूट पर बसों की संख्या घटाई जा सकेगी।
पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम पार्टनर के चयन के बाद सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। कुछ चुनिंदा रूटों पर ई-टिकटिंग और फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके बाद पूरे शहर में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। एफएमडीए का मानना है कि यह पहल फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे सार्वजनिक परिवहन बेहतर होने के साथ नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद भी मजबूत होगा।
परिवहन व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
फरीदाबाद एक तेजी से बढ़ता औद्योगिक शहर है जहां रोजाना लाखों लोग बसों से सफर करते हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर कई सुविधाएं ठीक से मिलने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि ई-टिकटिंग और फीडबैक सिस्टम लागू होने के बाद शहर की परिवहन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
वर्जन
लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण हर स्तर पर काम कर रहा है। जल्द ही लोगों को इन सभी का लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा। - विवेक गिल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए
Trending Videos
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले की सार्वजनिक बस सेवा जल्द ही डिजिटल दौर में प्रवेश करने जा रही है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने शहर की बसों में ई-टिकटिंग और यात्री फीडबैक सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
इस कदम से यात्रियों को जहां कागजी टिकटों की झंझट से राहत मिलने की उम्मीद है वहीं बस संचालन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना लागू होने के बाद शहर की बस सेवा पहले से ज्यादा व्यवस्थित और जवाबदेह बनेगी। फरीदाबाद में अभी प्राधिकरण की ज्यादातर बसों में मैन्युअल टिकटिंग होती है जिसमें कंडक्टर हाथ से टिकट काटते हैं। इस व्यवस्था में कई बार विवाद, देरी और शिकायतें सामने आती रही हैं। एफएमडीए अब इस पुरानी प्रणाली को बदलकर डिजिटल टिकटिंग लागू करना चाहता है। इसके तहत यात्रियों को मोबाइल ऐप, स्मार्ट कार्ड या डिजिटल पेमेंट के जरिए टिकट लेने की सुविधा मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार ई-टिकटिंग लागू होने के बाद यात्रियों को लंबी लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। बस में चढ़ते ही वे अपने स्मार्ट कार्ड या मोबाइल से टिकट ले सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और सफर ज्यादा आसान बनेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
चार कंपनियां दौड़ में शामिल
इस परियोजना के लिए एफएमडीए ने निविदा जारी की थी, जिसके जवाब में चार आईटी कंपनियों ने आवेदन किया है। इन कंपनियों के पास बड़े शहरों में डिजिटल सिस्टम लगाने का अनुभव बताया जा रहा है। एफएमडीए ने इन कंपनियों का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेष समिति बनाई है। इस समिति में एफएमडीए के हेड आईटी राकेश गुप्ता, डीएस एडमिन अरविंद मुखर्जी और स्मार्ट सिटी अन्य अधिकारी शामिल हैं। समिति तकनीकी क्षमता, काम का अनुभव और वित्तीय स्थिति जैसे पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी।
राजस्व में गड़बड़ी पर लगेगी रोक
मैन्युअल टिकटिंग में कई बार राजस्व के नुकसान की शिकायतें आती रही हैं। ई-टिकटिंग सिस्टम लागू होने के बाद हर टिकट का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा। इससे यह साफ होगा कि किस बस में कितने यात्री सफर कर रहे हैं और कितना किराया वसूला गया है। एफएमडीए के अधिकारियों का मानना है कि इससे राजस्व में सुधार होने के साथ बस सेवा की निगरानी भी बेहतर हो सकेगी। कंट्रोल रूम से यह देखा जा सकेगा कि किस रूट पर कितनी बसें चल रही हैं और कहां ज्यादा भीड़ है। इसी आधार पर जरूरत के अनुसार बसों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
यात्रियों की आवाज सुनेगा सिस्टम
ई-टिकटिंग के साथ-साथ एफएमडीए एक फीडबैक मैनेजमेंट सिस्टम भी शुरू करने जा रहा है। अभी तक यात्रियों के पास अपनी शिकायतें दर्ज कराने का कोई आसान और प्रभावी तरीका नहीं था। नए सिस्टम के तहत बसों और बस स्टैंड पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। यात्री इन्हें स्कैन करके सीधे अपनी शिकायत या सुझाव दे सकेंगे। अगर किसी बस के ड्राइवर या कंडक्टर का व्यवहार ठीक नहीं है बस समय पर नहीं आती है या बस स्टैंड पर सफाई की समस्या है तो यात्री तुरंत इसकी जानकारी दे सकेंगे। ये शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेंगी जिससे जल्द कार्रवाई की उम्मीद है।
आम लोगों को मिलेंगे कई लाभ
इस नई व्यवस्था से आम यात्री को कई फायदे मिलने की उम्मीद है। सबसे पहले स्मार्ट कार्ड की सुविधा मिलने से बार-बार नकद रखने की जरूरत नहीं रहेगी। लोग मेट्रो की तरह बस में भी कार्ड से यात्रा कर सकेंगे। दूसरा मोबाइल ऐप के जरिए बस की रीयल-टाइम लोकेशन देखी जा सकेगी। इससे यात्रियों को पता चल सकेगा कि अगली बस कितनी देर में आएगी। इससे इंतजार का समय कम होगा और योजना बनाकर यात्रा करना आसान होगा। तीसरा एफएमडीए इस सिस्टम को शहर की जरूरतों के अनुसार बदल भी सकेगा। अगर किसी रूट पर ज्यादा भीड़ होती है तो उस रूट पर और बसें चलाई जा सकेंगी। इसी तरह कम भीड़ वाले रूट पर बसों की संख्या घटाई जा सकेगी।
पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम पार्टनर के चयन के बाद सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। कुछ चुनिंदा रूटों पर ई-टिकटिंग और फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके बाद पूरे शहर में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। एफएमडीए का मानना है कि यह पहल फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे सार्वजनिक परिवहन बेहतर होने के साथ नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद भी मजबूत होगा।
परिवहन व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
फरीदाबाद एक तेजी से बढ़ता औद्योगिक शहर है जहां रोजाना लाखों लोग बसों से सफर करते हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर कई सुविधाएं ठीक से मिलने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि ई-टिकटिंग और फीडबैक सिस्टम लागू होने के बाद शहर की परिवहन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
वर्जन
लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण हर स्तर पर काम कर रहा है। जल्द ही लोगों को इन सभी का लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा। - विवेक गिल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए
