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Faridabad News: एशियन बॉक्सिंग प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे लोकेश चौधरी
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28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में आयोजित की जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए बल्लभगढ़ के गांव डीग के रहने वाले लोकेश चौधरी मंगोलिया के लिए रवाना हो गए हैं। यह प्रतियोगिता 28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता से पहले 28 मार्च तक खिलाड़ियों का ट्रेनिंग सेशन रखा गया है, जिसके बाद मुकाबले शुरू होंगे।
लोकेश चौधरी का चयन नोएडा में आयोजित 9वीं एलीट मेन नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। उन्होंने 80-85 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए जगह पक्की की थी। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भारतीय सेना की ओर से भाग लिया था। वर्तमान में लोकेश भारतीय सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं।
पापा का सपना पूरा करने के लिए चुनी बॉक्सिंग
लोकेश चौधरी ने बताया कि उन्होंने 2012 में बॉक्सिंग शुरू की थी। उन्होंने बॉक्सिंग को अपने पिता नाहर सिंह का सपना पूरा करने के लिए चुना। उनके पिता एक किसान हैं और उन्होंने हमेशा लोकेश को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
खेल कोटे से आर्मी में मिली नौकरी
लोकेश ने बताया कि उन्हें भारतीय सेना में खेल कोटे से भर्ती होने का अवसर मिला। सेना में भी उनके वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलता है, जिससे वह अपनी प्रैक्टिस और खेल को जारी रख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल की बदौलत ही उन्हें सेना में नौकरी मिली है और वह देश की सेवा के साथ-साथ अपने खेल को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत चुके हैं पदक
लोकेश ने बताया कि उन्होंने 2011 से खेल की शुरुआत की थी। हालांकि, बीच में कुछ समय के लिए खेल से दूर हो गए थे, लेकिन बाद में फिर से वापसी की और आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। 2024 में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था, जबकि गोवा में आयोजित नेशनल गेम्स 2024 में सिल्वर मेडल हासिल किया था। अब उनका लक्ष्य एशियन चैंपियनशिप के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।
गांव से निकलकर बनाया बड़ा मुकाम
गांव से निकलकर संघर्ष के दम पर आज लोकेश देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस सफलता के पीछे उनके कोच ओलंपियन व अर्जुन अवॉर्डी, हरियाणा पुलिस में कार्यरत डीएसपी जय भगवान, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर डॉ. राजीव गोदारा, तथा कोच मुकेश और प्रदीप का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए बल्लभगढ़ के गांव डीग के रहने वाले लोकेश चौधरी मंगोलिया के लिए रवाना हो गए हैं। यह प्रतियोगिता 28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता से पहले 28 मार्च तक खिलाड़ियों का ट्रेनिंग सेशन रखा गया है, जिसके बाद मुकाबले शुरू होंगे।
लोकेश चौधरी का चयन नोएडा में आयोजित 9वीं एलीट मेन नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। उन्होंने 80-85 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए जगह पक्की की थी। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भारतीय सेना की ओर से भाग लिया था। वर्तमान में लोकेश भारतीय सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं।
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पापा का सपना पूरा करने के लिए चुनी बॉक्सिंग
लोकेश चौधरी ने बताया कि उन्होंने 2012 में बॉक्सिंग शुरू की थी। उन्होंने बॉक्सिंग को अपने पिता नाहर सिंह का सपना पूरा करने के लिए चुना। उनके पिता एक किसान हैं और उन्होंने हमेशा लोकेश को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
खेल कोटे से आर्मी में मिली नौकरी
लोकेश ने बताया कि उन्हें भारतीय सेना में खेल कोटे से भर्ती होने का अवसर मिला। सेना में भी उनके वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलता है, जिससे वह अपनी प्रैक्टिस और खेल को जारी रख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल की बदौलत ही उन्हें सेना में नौकरी मिली है और वह देश की सेवा के साथ-साथ अपने खेल को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत चुके हैं पदक
लोकेश ने बताया कि उन्होंने 2011 से खेल की शुरुआत की थी। हालांकि, बीच में कुछ समय के लिए खेल से दूर हो गए थे, लेकिन बाद में फिर से वापसी की और आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। 2024 में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था, जबकि गोवा में आयोजित नेशनल गेम्स 2024 में सिल्वर मेडल हासिल किया था। अब उनका लक्ष्य एशियन चैंपियनशिप के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।
गांव से निकलकर बनाया बड़ा मुकाम
गांव से निकलकर संघर्ष के दम पर आज लोकेश देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस सफलता के पीछे उनके कोच ओलंपियन व अर्जुन अवॉर्डी, हरियाणा पुलिस में कार्यरत डीएसपी जय भगवान, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर डॉ. राजीव गोदारा, तथा कोच मुकेश और प्रदीप का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।