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Faridabad News: स्लोगन वाले तकिए के कवर लोगों का खूब आ रहे पसंद
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बिजनौर के रहने वाले शिल्पकार दवेंद्रे लेकर आए है हैंडमेड कपड़े
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। 39वें सूरजकुंड मेले में जहां एक ओर लोगों को शिल्पकारों की कला काफी पसंद आ रही है वहीं दूसरी ओर लोगों को शिल्पकार दवेंद्रे की ओर से तैयार किए गए स्लोगन वाले हैंडमेड तकिया कवर (कुशन कवर) लोगों को काफी पसंद आ रहे है।
एक अनोखी कारीगरी और आकर्षक डिजाइनों के कारण यह उत्पाद लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इन कुशन कवरों की खासियत यह है कि इनमें लिखे गए व्यक्तिगत, प्रेरणादायक और भावनात्मक स्लोगन इन्हें आम कुशन कवर से अलग बनाते हैं। घरों की साज-सज्जा में यह कुशन चार चांद लग रहे हैं। शिल्पकार दवेंद्रे का कहना है कि बेहतरीन गुणवत्ता वाले कपड़े और पूरी तरह हाथ से की गई कारीगरी इन उत्पादों की पहचान है। ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए वह मेले में काफी समय से आ रहे हैं। उनको 2020 में स्टेट अवार्ड से नवाजा गया था। वह इस बार मेले में 300 रुपये लेकर 3800 रुपये तक के कुशन कवर से लेकर बेडशीट लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति किसी भी कुशन पर कोई स्लोगन अपनी पसंद का लिखवा चाहते हैं तो वह उनकी डिमांड पर बना देते हैं। उनको एक कुशन को बनाने में 4 से 5 घंटे का समय लगता है। वह करीब 15 साल से मेले में आ रहे हैं। उनकी ओर से इस बार मेले में तुमसे न हो पाएगा, करने से होता है, मेरे प्यारा पापा, मेरी मम्मी मारेगी, जिद्दी जाट, मेरे प्यारा नाना जी आदि स्लोग के कुशन लेकर आए हैं।
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बल्लभगढ़। 39वें सूरजकुंड मेले में जहां एक ओर लोगों को शिल्पकारों की कला काफी पसंद आ रही है वहीं दूसरी ओर लोगों को शिल्पकार दवेंद्रे की ओर से तैयार किए गए स्लोगन वाले हैंडमेड तकिया कवर (कुशन कवर) लोगों को काफी पसंद आ रहे है।
एक अनोखी कारीगरी और आकर्षक डिजाइनों के कारण यह उत्पाद लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इन कुशन कवरों की खासियत यह है कि इनमें लिखे गए व्यक्तिगत, प्रेरणादायक और भावनात्मक स्लोगन इन्हें आम कुशन कवर से अलग बनाते हैं। घरों की साज-सज्जा में यह कुशन चार चांद लग रहे हैं। शिल्पकार दवेंद्रे का कहना है कि बेहतरीन गुणवत्ता वाले कपड़े और पूरी तरह हाथ से की गई कारीगरी इन उत्पादों की पहचान है। ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए वह मेले में काफी समय से आ रहे हैं। उनको 2020 में स्टेट अवार्ड से नवाजा गया था। वह इस बार मेले में 300 रुपये लेकर 3800 रुपये तक के कुशन कवर से लेकर बेडशीट लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति किसी भी कुशन पर कोई स्लोगन अपनी पसंद का लिखवा चाहते हैं तो वह उनकी डिमांड पर बना देते हैं। उनको एक कुशन को बनाने में 4 से 5 घंटे का समय लगता है। वह करीब 15 साल से मेले में आ रहे हैं। उनकी ओर से इस बार मेले में तुमसे न हो पाएगा, करने से होता है, मेरे प्यारा पापा, मेरी मम्मी मारेगी, जिद्दी जाट, मेरे प्यारा नाना जी आदि स्लोग के कुशन लेकर आए हैं।
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