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Faridabad News: वर्षों पहले बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों की होगी मरम्मत
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नगर निगम ने शुरू की कवायद, सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को मिलेगी सहूलियत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्वच्छता को लेकर फरीदाबाद नगर निगम अब दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है। एक ओर शहर के सभी जोन में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से नए सार्वजनिक शौचालय कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों पहले स्थापित सार्वजनिक शौचालयों को भी आधुनिक और उपयोगी बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। नगर निगम का मानना है कि केवल नए ढांचे खड़े करने से स्वच्छता व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, बल्कि पहले से मौजूद सुविधाओं का बेहतर रखरखाव और समय-समय पर उनका उन्नयन भी उतना ही जरूरी है।
फरीदाबाद हरियाणा का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर है, जहां प्रतिदिन लाखों लोगों की आवाजाही होती है। औद्योगिक इकाइयों, बाजारों, परिवहन केंद्रों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों के लिए स्वच्छ और कार्यशील सार्वजनिक शौचालय बुनियादी आवश्यकता हैं। पिछले कुछ वर्षों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में प्री-कास्ट कंक्रीट और प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय स्थापित किए गए थे। समय के साथ इनमें से कई सुविधाओं में टूट-फूट और रखरखाव संबंधी समस्याएं सामने आने लगी थीं।
मरम्मत से लेकर नियमित रखरखाव तक बनेगी व्यवस्था
नगर निगम ने अब शहरभर में स्थापित सार्वजनिक शौचालयों के व्यापक उन्नयन और रखरखाव की योजना तैयार की है। इसके तहत क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत, छतों और दरवाजों का नवीनीकरण, पाइपलाइन और जल निकासी व्यवस्था में सुधार, रंग-रोगन तथा अन्य आवश्यक कार्य किए जाएंगे। साथ ही नियमित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सुविधाएं लंबे समय तक उपयोग योग्य बनी रहें।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
स्वच्छता विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शहर की सफाई व्यवस्था का आकलन सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता और उनकी स्थिति से भी किया जाता है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शौचालयों की संख्या, साफ-सफाई, रखरखाव और नागरिक संतुष्टि महत्वपूर्ण मानक होते हैं। ऐसे में नगर निगम की यह पहल फरीदाबाद की स्वच्छता रैंकिंग को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
स्वच्छता को लेकर बदल रही निगम की कार्यशैली
पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन, सफाई अभियानों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर दिया है। अब सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छता संबंधी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम कई स्तर पर काम कर रहा है। इसमें लोगों से फीडबैक भी लिए जा रहे हैं।- निगम आयुक्त,धीरेंद्र खड़गटा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्वच्छता को लेकर फरीदाबाद नगर निगम अब दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है। एक ओर शहर के सभी जोन में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से नए सार्वजनिक शौचालय कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों पहले स्थापित सार्वजनिक शौचालयों को भी आधुनिक और उपयोगी बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। नगर निगम का मानना है कि केवल नए ढांचे खड़े करने से स्वच्छता व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, बल्कि पहले से मौजूद सुविधाओं का बेहतर रखरखाव और समय-समय पर उनका उन्नयन भी उतना ही जरूरी है।
फरीदाबाद हरियाणा का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर है, जहां प्रतिदिन लाखों लोगों की आवाजाही होती है। औद्योगिक इकाइयों, बाजारों, परिवहन केंद्रों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों के लिए स्वच्छ और कार्यशील सार्वजनिक शौचालय बुनियादी आवश्यकता हैं। पिछले कुछ वर्षों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में प्री-कास्ट कंक्रीट और प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय स्थापित किए गए थे। समय के साथ इनमें से कई सुविधाओं में टूट-फूट और रखरखाव संबंधी समस्याएं सामने आने लगी थीं।
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मरम्मत से लेकर नियमित रखरखाव तक बनेगी व्यवस्था
नगर निगम ने अब शहरभर में स्थापित सार्वजनिक शौचालयों के व्यापक उन्नयन और रखरखाव की योजना तैयार की है। इसके तहत क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत, छतों और दरवाजों का नवीनीकरण, पाइपलाइन और जल निकासी व्यवस्था में सुधार, रंग-रोगन तथा अन्य आवश्यक कार्य किए जाएंगे। साथ ही नियमित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सुविधाएं लंबे समय तक उपयोग योग्य बनी रहें।
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स्वच्छता विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शहर की सफाई व्यवस्था का आकलन सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता और उनकी स्थिति से भी किया जाता है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शौचालयों की संख्या, साफ-सफाई, रखरखाव और नागरिक संतुष्टि महत्वपूर्ण मानक होते हैं। ऐसे में नगर निगम की यह पहल फरीदाबाद की स्वच्छता रैंकिंग को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
स्वच्छता को लेकर बदल रही निगम की कार्यशैली
पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन, सफाई अभियानों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर दिया है। अब सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छता संबंधी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम कई स्तर पर काम कर रहा है। इसमें लोगों से फीडबैक भी लिए जा रहे हैं।- निगम आयुक्त,धीरेंद्र खड़गटा