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Faridabad News: सड़कें बन रहीं पशुओं का बसेरा, सवालों के घेरे में लोगों की सुरक्षा
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लावारिस पशुओं की बढ़ती मौजूदगी से शहर में हादसों का खतरा बढ़ा
आए दिन जाम की भी बनती है स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक शहर में लावारिस पशुओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। शहर की मुख्य सड़कें, बाजार और रिहायशी इलाके अब इन लावारिस पशुओं के लिए आम ठिकाना बनते जा रहे हैं। गाय, बैल और अन्य पशु दिनभर सड़कों पर घूमते या बीच रास्ते में बैठे नजर आते हैं, जिससे आम लोगों और पशुओं दोनों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। साथ ही इससे आए दिन सड़कों पर जाम भी लगता है।
ये लावारिस पशु अचानक वाहन के सामने आ जाते हैं, जिससे चालकों को तुरंत ब्रेक लगाना पड़ता है। इस वजह से कई बार वाहन फिसलने, टकराने और अचानक जाम जैसी स्थिति बन जाती है। सुबह ऑफिस जाने और शाम के पीक ट्रैफिक के समय यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। लोगों का कहना है कि नगर निगम को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लावारिस पशुओं को हटाने की कार्रवाई कभी-कभी होती है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
शहर के एनआईटी, बल्लभगढ़, सेक्टर-15, सेक्टर-21, सेक्टर-37 और ग्रेटर फरीदाबाद जैसे क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इन जगहों पर कई बार सड़क किनारे और चौराहों पर पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आम लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। रात के समय यह खतरा और भी बढ़ जाता है, क्योंकि अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु कई बार वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पर निकलना अब पहले की तुलना में अधिक जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और लावारिस पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों और गोशालाओं में भेजने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए, ताकि शहर की सड़कें सुरक्षित बन सकें और हादसों में कमी आए।
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आए दिन जाम की भी बनती है स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक शहर में लावारिस पशुओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। शहर की मुख्य सड़कें, बाजार और रिहायशी इलाके अब इन लावारिस पशुओं के लिए आम ठिकाना बनते जा रहे हैं। गाय, बैल और अन्य पशु दिनभर सड़कों पर घूमते या बीच रास्ते में बैठे नजर आते हैं, जिससे आम लोगों और पशुओं दोनों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। साथ ही इससे आए दिन सड़कों पर जाम भी लगता है।
ये लावारिस पशु अचानक वाहन के सामने आ जाते हैं, जिससे चालकों को तुरंत ब्रेक लगाना पड़ता है। इस वजह से कई बार वाहन फिसलने, टकराने और अचानक जाम जैसी स्थिति बन जाती है। सुबह ऑफिस जाने और शाम के पीक ट्रैफिक के समय यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। लोगों का कहना है कि नगर निगम को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लावारिस पशुओं को हटाने की कार्रवाई कभी-कभी होती है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
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शहर के एनआईटी, बल्लभगढ़, सेक्टर-15, सेक्टर-21, सेक्टर-37 और ग्रेटर फरीदाबाद जैसे क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इन जगहों पर कई बार सड़क किनारे और चौराहों पर पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आम लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। रात के समय यह खतरा और भी बढ़ जाता है, क्योंकि अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु कई बार वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पर निकलना अब पहले की तुलना में अधिक जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और लावारिस पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों और गोशालाओं में भेजने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए, ताकि शहर की सड़कें सुरक्षित बन सकें और हादसों में कमी आए।