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Faridabad News: अमेरिका माल भेजने के नाम पर कारोबारी से 32.51 लाख ठगे
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फरीदाबाद। कंटेनर से अमेरिका कपड़े भेजने के नाम पर एक कारोबारी से 32.51 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोप है कि एक साल तक माल और रुपये लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन न तो कपड़े वापस किए और न ही भुगतान हुआ। आखिरकार कारोबारी ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की, जिसके बाद सूरजकुंड थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
एफआईआर के अनुसार डबुआ पाली रोड निवासी गौरव नागर एक्सपोर्ट कंपनी चलाते हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनकी फर्म से कपड़े विदेश भेजे जाते हैं। यह काम कंपनी के कर्मचारी विजय कुमार वासु के माध्यम से किया जाता था। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की निजी कंपनी के मालिक हेतराम शर्मा और मैनेजर नीरज शर्मा के जरिए शिपमेंट भेजी गई। जनवरी 2025 में ग्रीनफील्ड कॉलोनी में हुई बैठक के बाद शिपमेंट के कागजात तैयार कराए गए और माल तुगलकाबाद कस्टम में पहुंचाया गया। बाद में डिब्बों की संख्या और वजन में गड़बड़ी बताकर शिपमेंट रोक ली गई।
मार्किंग और स्टीकर बदलने के नाम पर 60 हजार रुपये भी ऑनलाइन ले लिए गए। शिपमेंट चार मार्च तक यूके पहुंचनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाद में आरोपियों ने गलती मानते हुए माल लौटाने और उसकी कीमत देने की बात कही, मगर तय समय निकलने के बाद भी न माल वापस किया गया और न ही 32 लाख 51 हजार रुपये दिए गए। माल लेने के लिए कर्मचारी को यूके भेजा गया, लेकिन वहां भी कोई जवाब नहीं मिला। कारोबारी का आरोप है कि धोखाधड़ी कर उनका सामान हड़प लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। संवाद
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एफआईआर के अनुसार डबुआ पाली रोड निवासी गौरव नागर एक्सपोर्ट कंपनी चलाते हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनकी फर्म से कपड़े विदेश भेजे जाते हैं। यह काम कंपनी के कर्मचारी विजय कुमार वासु के माध्यम से किया जाता था। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की निजी कंपनी के मालिक हेतराम शर्मा और मैनेजर नीरज शर्मा के जरिए शिपमेंट भेजी गई। जनवरी 2025 में ग्रीनफील्ड कॉलोनी में हुई बैठक के बाद शिपमेंट के कागजात तैयार कराए गए और माल तुगलकाबाद कस्टम में पहुंचाया गया। बाद में डिब्बों की संख्या और वजन में गड़बड़ी बताकर शिपमेंट रोक ली गई।
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मार्किंग और स्टीकर बदलने के नाम पर 60 हजार रुपये भी ऑनलाइन ले लिए गए। शिपमेंट चार मार्च तक यूके पहुंचनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाद में आरोपियों ने गलती मानते हुए माल लौटाने और उसकी कीमत देने की बात कही, मगर तय समय निकलने के बाद भी न माल वापस किया गया और न ही 32 लाख 51 हजार रुपये दिए गए। माल लेने के लिए कर्मचारी को यूके भेजा गया, लेकिन वहां भी कोई जवाब नहीं मिला। कारोबारी का आरोप है कि धोखाधड़ी कर उनका सामान हड़प लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। संवाद
