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Faridabad News: क्रेच और प्ले स्कूलों की मनमानी, सुरक्षा मानकों पर नहीं हो रहा अमल
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नोटिसों के बाद भी कई संस्थानों ने दस्तावेज नहीं किए जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में संचालित सैकड़ों निजी प्ले स्कूल और क्रेच बच्चों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए जारी नोटिसों के बावजूद अधिकांश संस्थानों ने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। ऐसे में अभिभावकों के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
दरअसल पिछले वर्ष सेहतपुर स्थित एक प्ले स्कूल एवं क्रेच में दो वर्षीय बच्चे की मौत की घटना सामने आई थी। इसके बाद विभाग ने जिले के प्ले स्कूलों और क्रेच की जांच शुरू की थी। पहले चरण में करीब 350 संस्थानों को पंजीकरण संबंधी दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए थे और इसके लिए मार्च तक का समय दिया गया था। हालांकि निर्धारित अवधि बीतने के दो महीने बाद भी केवल 60 संस्थानों ने ही दस्तावेज जमा कराए हैं। इनमें से भी महज सात संस्थानों के दस्तावेज नियमों के अनुरूप पाए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक जिले में एक हजार से अधिक निजी प्ले स्कूल और क्रेच संचालित हो रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे संस्थानों की है जिनके पास न तो वैध पंजीकरण है और न ही बच्चों की देखभाल, सुरक्षा, स्वच्छता और भवन संबंधी मानकों की पर्याप्त व्यवस्था। इसके बावजूद नए सत्र में बच्चों के दाखिले लगातार लिए जा रहे हैं।
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कामकाजी अभिभावकों की मजबूरी बन रहे क्रेच
शहर में बड़ी संख्या में नौकरीपेशा अभिभावक अपने छोटे बच्चों को दिनभर की देखभाल के लिए क्रेच और प्ले स्कूलों में छोड़ते हैं। ऐसे में इन संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षित स्टाफ, आपातकालीन सुविधाएं और स्वच्छ वातावरण होना बेहद जरूरी है। लेकिन विभागीय जांच में सामने आया है कि कई संस्थान आवश्यक मानकों को पूरा किए बिना ही संचालित हो रहे हैं।
इन क्षेत्रों में सबसे अधिक संस्थान
सेहतपुर, पल्ला, बसंतपुर और ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में प्ले स्कूलों और क्रेच की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन क्षेत्रों में कई संस्थानों के पास पंजीकरण और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
बिना पंजीकरण के क्रेच व प्ले स्कूल संचालित करना अवैध है। ऐसे संस्थानों को दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।- मीनाक्षी चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में संचालित सैकड़ों निजी प्ले स्कूल और क्रेच बच्चों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए जारी नोटिसों के बावजूद अधिकांश संस्थानों ने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। ऐसे में अभिभावकों के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
दरअसल पिछले वर्ष सेहतपुर स्थित एक प्ले स्कूल एवं क्रेच में दो वर्षीय बच्चे की मौत की घटना सामने आई थी। इसके बाद विभाग ने जिले के प्ले स्कूलों और क्रेच की जांच शुरू की थी। पहले चरण में करीब 350 संस्थानों को पंजीकरण संबंधी दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए थे और इसके लिए मार्च तक का समय दिया गया था। हालांकि निर्धारित अवधि बीतने के दो महीने बाद भी केवल 60 संस्थानों ने ही दस्तावेज जमा कराए हैं। इनमें से भी महज सात संस्थानों के दस्तावेज नियमों के अनुरूप पाए गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक जिले में एक हजार से अधिक निजी प्ले स्कूल और क्रेच संचालित हो रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे संस्थानों की है जिनके पास न तो वैध पंजीकरण है और न ही बच्चों की देखभाल, सुरक्षा, स्वच्छता और भवन संबंधी मानकों की पर्याप्त व्यवस्था। इसके बावजूद नए सत्र में बच्चों के दाखिले लगातार लिए जा रहे हैं।
कामकाजी अभिभावकों की मजबूरी बन रहे क्रेच
शहर में बड़ी संख्या में नौकरीपेशा अभिभावक अपने छोटे बच्चों को दिनभर की देखभाल के लिए क्रेच और प्ले स्कूलों में छोड़ते हैं। ऐसे में इन संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षित स्टाफ, आपातकालीन सुविधाएं और स्वच्छ वातावरण होना बेहद जरूरी है। लेकिन विभागीय जांच में सामने आया है कि कई संस्थान आवश्यक मानकों को पूरा किए बिना ही संचालित हो रहे हैं।
इन क्षेत्रों में सबसे अधिक संस्थान
सेहतपुर, पल्ला, बसंतपुर और ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में प्ले स्कूलों और क्रेच की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन क्षेत्रों में कई संस्थानों के पास पंजीकरण और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
बिना पंजीकरण के क्रेच व प्ले स्कूल संचालित करना अवैध है। ऐसे संस्थानों को दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।- मीनाक्षी चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग