{"_id":"69c433dc636b0cfd240fc00b","slug":"saji-suron-ki-mahfil-at-npti-sitar-player-uma-shankar-performs-bandha-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-65865-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: एनपीटीआई में सजी सुरों की महफिल, सितार वादक उमा शंकर ने बांधा समा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: एनपीटीआई में सजी सुरों की महफिल, सितार वादक उमा शंकर ने बांधा समा
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-33 स्थित राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान (एनपीटीआई) में आयोजित सांस्कृतिक संध्या एक शाम-भारतीय संस्कृति के नाम में सितार वादक उमा शंकर ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और अतिथियों ने देर तक शास्त्रीय संगीत के सुरों का आनंद लिया। कार्यक्रम का आयोजन महानिदेशक हेमंत जैन के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें 32वें फाउंडेशन बैच के एक्जीक्यूटिव ट्रेनी, एनएचपीसी इंडक्शन के प्रतिभागी, सेनेगल से आए प्रतिनिधि तथा एमबीए और पीजीडीसी के विद्यार्थियों ने भागीदारी की।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद उमा शंकर ने विभिन्न रागों के आलाप के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। उन्होंने एक प्यार का नगमा है और होंठों से छू लो तुम जैसे लोकप्रिय गीतों की धुनें भी प्रस्तुत कीं, जिन पर श्रोता झूम उठे।
प्रस्तुति के दौरान मशहूर तबला वादक उस्ताद मुस्तफा हुसैन ने संगत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने सभागार में एक अलग ही संगीतात्मक वातावरण बना दिया।
Trending Videos
फरीदाबाद। सेक्टर-33 स्थित राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान (एनपीटीआई) में आयोजित सांस्कृतिक संध्या एक शाम-भारतीय संस्कृति के नाम में सितार वादक उमा शंकर ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और अतिथियों ने देर तक शास्त्रीय संगीत के सुरों का आनंद लिया। कार्यक्रम का आयोजन महानिदेशक हेमंत जैन के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें 32वें फाउंडेशन बैच के एक्जीक्यूटिव ट्रेनी, एनएचपीसी इंडक्शन के प्रतिभागी, सेनेगल से आए प्रतिनिधि तथा एमबीए और पीजीडीसी के विद्यार्थियों ने भागीदारी की।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद उमा शंकर ने विभिन्न रागों के आलाप के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। उन्होंने एक प्यार का नगमा है और होंठों से छू लो तुम जैसे लोकप्रिय गीतों की धुनें भी प्रस्तुत कीं, जिन पर श्रोता झूम उठे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रस्तुति के दौरान मशहूर तबला वादक उस्ताद मुस्तफा हुसैन ने संगत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने सभागार में एक अलग ही संगीतात्मक वातावरण बना दिया।