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Faridabad News: थैलेसीमिया पीड़ित दो बच्चों के एचआईवी संक्रमित पाए जाने के मामले ने तूल पकड़
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पीएमओ के निर्देश पर की जा रही हैं जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में हाल ही में थैलेसीमिया पीड़ित दो बच्चों के एचआईवी संक्रमित पाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिकायत मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने गंभीर संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। संस्था फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया के महासचिव की ओर से भेजी गई शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
पीएमओ के निर्देश पर जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और प्रदेश के औषधि नियंत्रण विभाग को सौंपी गई है। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि रक्त की स्क्रीनिंग प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई और संक्रमित रक्त बच्चों तक कैसे पहुंचा।
प्रारंभिक स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि विंडो पीरियड के दौरान एचआईवी संक्रमित व्यक्ति द्वारा रक्तदान किए जाने से संक्रमण की पहचान नहीं हो सकी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि केवल एलाइजा आधारित एंटीबॉडी जांच की गई हो तो शुरुआती छह सप्ताह में संक्रमण पकड़ में नहीं आता।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी ब्लड बैंकों में नेट (एनएटी) टेस्टिंग अनिवार्य करने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है और दोष तय होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में हाल ही में थैलेसीमिया पीड़ित दो बच्चों के एचआईवी संक्रमित पाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिकायत मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने गंभीर संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। संस्था फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया के महासचिव की ओर से भेजी गई शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
पीएमओ के निर्देश पर जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और प्रदेश के औषधि नियंत्रण विभाग को सौंपी गई है। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि रक्त की स्क्रीनिंग प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई और संक्रमित रक्त बच्चों तक कैसे पहुंचा।
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प्रारंभिक स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि विंडो पीरियड के दौरान एचआईवी संक्रमित व्यक्ति द्वारा रक्तदान किए जाने से संक्रमण की पहचान नहीं हो सकी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि केवल एलाइजा आधारित एंटीबॉडी जांच की गई हो तो शुरुआती छह सप्ताह में संक्रमण पकड़ में नहीं आता।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी ब्लड बैंकों में नेट (एनएटी) टेस्टिंग अनिवार्य करने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है और दोष तय होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।