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Faridabad News: निगम सदन की दूसरी बैठक भी रही बेनतीजा, नहीं बन पाई सहमति

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:35 AM IST
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The second meeting of the corporation house also remained inconclusive, no consensus could be reached.
फरीदाबाद नगर निगम कांफ्रेस हॉल में सदन की बैठक लेती मेयर प्रवीण जोशी । स्रोत: नगर निगम
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न फाइनेंस कमेटी का गठन हो सका और न ही बड़े विकास कार्यों पर मुहर लग पाई
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दो बैठकों के विफल होने के बाद प्रदेश नेतृत्व की ओर देख रहे पार्षद और लोग

- मेयर ने भी किया स्पष्ट एक पार्टी में आपस में नहीं होते चुनाव


मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। नगर निगम सदन की लगातार दूसरी बैठक बेनतीजा रहने के बाद अब शहरवासियों और पार्षदों की निगाहें प्रदेश नेतृत्व पर टिक गई हैं। निगम से जुड़े कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का मानना है कि मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बिना फरीदाबाद में विकास कार्यों को नई गति मिलना फिलहाल मुश्किल दिखाई दे रहा है।


बैठक में शामिल कई पार्षदों का कहना है कि मौजूदा हालात में नगर निगम के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया ठप सी हो गई है। गुटों में बंटे सदन में न तो सहमति बन पा रही है और न ही जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा हो पा रहा है। यही वजह है कि दो अहम बैठकों के बावजूद न फाइनेंस कमेटी का गठन हो सका और न ही बड़े विकास कार्यों पर मुहर लग पाई।
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सीएम की ओर टकटकी


पार्षदों और स्थानीय लोगों की साझा राय है कि मुख्यमंत्री के स्तर पर हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है। लोगों को उम्मीद है कि प्रदेश सरकार की ओर से ठोस फैसला आने पर फाइनेंस कमेटी का गठन, वरिष्ठ डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चयन जैसे मुद्दे सुलझ सकेंगे। सदन में यह बात भी सामने आई कि मेयर की ओर से शीर्ष नेतृत्व से इन पदों के चयन को लेकर चर्चा की बात कही गई है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।


दो गुटों में बंटा निगम, पार्षद असहज


फरीदाबाद नगर निगम में भाजपा के भीतर दो स्पष्ट धाराएं बन चुकी हैं। इसी कारण यह दूसरी बैठक रही जो बिना नतीजे के समाप्त हुई। पार्षदों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर दोनों पक्षों के नेताओं का वर्चस्व इतना मजबूत है कि कई जनप्रतिनिधि खुलकर अपनी बात रखने से भी बच रहे हैं। इससे न सिर्फ सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है बल्कि जमीनी मुद्दे भी दबकर रह जा रहे हैं।


नहर पार के गांवों से लेकर शहर तक काम ठप


निगम सीमा में शामिल हुए नहर पार के 24 गांवों में बड़े विकास कार्य लंबे समय से रुके हुए हैं। सड़क, जलापूर्ति, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी जरूरतें अधूरी पड़ी हैं। इसके अलावा अनखीर श्मशान घाट में लाइटिंग व्यवस्था से जुड़े कार्य भी अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। नगर निगम के कुल 46 वार्डों में 100 से अधिक विकास कार्य लंबित बताए जा रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि इन कामों को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें बार-बार निगम अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं लेकिन कई बार सुनवाई तक नहीं होती।


जमीनी भरोसा कमजोर


पार्षदों का दर्द यहीं खत्म नहीं होता। उनका कहना है कि जब वे अपने क्षेत्र में लोगों से किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाते तो जमीनी स्तर पर जनता का भरोसा जीतना मुश्किल हो जाता है। इससे न सिर्फ पार्षदों की साख प्रभावित हो रही है बल्कि निगम व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।


मेयर ने किया मतभेद से इनकार


वहीं मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने निगम में किसी भी प्रकार के मतभेद से इनकार किया है। उनका कहना है कि सदन पूरी तरह एकजुट है और विकास कार्यों को लेकर सभी की मंशा साफ है। हालांकि लगातार बैठकों का बेनतीजा रहना यह संकेत दे रहा है कि फिलहाल स्थानीय स्तर पर समाधान निकलना आसान नहीं है।


फरीदाबाद के साथ पलवल तक दिख रही है गुटबाजी


केंद्रीय राज्य मंत्री एवं फरीदाबाद सांसद कृष्णपाल गुर्जर ने रविवार को पलवल की अनाज मंडी में नव वर्ष मिलन समारोह का आयोजन किया। कृष्णपाल गुर्जर ने बिना नाम लिए स्थानीय विधायक व खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम पर शायराना अंदाज में तीखे तंज कसें। रैली से कैबिनेट मंत्री राजेश नागर, विपुल गोयल, गौरव गौतम और भाजपा जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला का फोटो पोस्टर से गायब रहा। विधानसभा चुनाव के बाद से ही पलवल में भाजपा की गुटबाजी लगातार गहराती जा रही है। वहीं अब फरीदाबाद सदन की बैठक में भी कुछ इसी तरह की बात सामने आ रही है।
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