{"_id":"6a36d82372c013fc0e0c974a","slug":"there-is-no-direct-route-from-the-mumbai-expressway-to-sector-8-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-72856-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: मुंबई एक्सप्रेसवे से सेक्टर-8 के लिए नहीं है सीधा रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: मुंबई एक्सप्रेसवे से सेक्टर-8 के लिए नहीं है सीधा रास्ता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हजारों वाहन चालकों को रोजाना काटना पड़ता है लंबा चक्कर, अंदरूनी मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव
सेक्टर-8 समेत नहर पार क्षेत्र के लोगों में बढ़ी नाराजगी, सेक्टर-3 से 87 तक की आबादी और करीब 50 गांव प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के तेजी से विकसित हो रहे नहर पार क्षेत्र और पुराने सेक्टरों को जोड़ने वाली सड़क व्यवस्था की एक बड़ी कमी अब आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। मुंबई एक्सप्रेसवे से सेक्टर-8 की ओर सीधा संपर्क मार्ग नहीं होने के कारण रोजाना हजारों वाहन चालकों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और ईंधन की बर्बादी होने के साथ शहर के अंदरूनी मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन चालकों को सेक्टर-8 पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। यदि एक्सप्रेसवे से सीधे संपर्क मार्ग का निर्माण कर दिया जाए तो बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी और शहर के कई हिस्सों में यातायात भी सुगम हो सकेगा।
तेजी से बढ़ रही आबादी लेकिन सड़क संपर्क अब भी अधूरा
आरडब्ल्यूए प्रधान जगमोहन गुप्ता ने बताया कि इस मार्ग का उपयोग प्रतिदिन लाखों लोग करते हैं। सेक्टर-3, 8, 9, 10, 11, 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78, 82 और 87 सहित नहर पार क्षेत्र के करीब 50 गांवों के लोगों की आवाजाही इसी दिशा में होती है। फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में नहर पार क्षेत्र में तेजी से आवासीय परियोजनाएं विकसित हुई हैं जिससे इस इलाके की आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ी है। इसके बावजूद सड़क नेटवर्क उसी गति से विकसित नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
एक संपर्क मार्ग से कम हो सकता है शहर के अंदर का ट्रैफिक दबाव
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि एक्सप्रेसवे से सेक्टर-8 तक सीधा संपर्क मार्ग बनाया जाता है तो शहर के अंदर से होकर गुजरने वाले वाहनों की संख्या कम होगी। इससे सेक्टरों की मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति में सुधार आएगा और लोगों का सफर अधिक सुरक्षित व सुगम बनेगा। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि एक्सप्रेसवे का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब उसे शहर के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए।
अतिक्रमण ने बढ़ाई परेशानी, सुबह-शाम लग रहा जाम
क्षेत्र के भीतर यातायात व्यवस्था भी बदहाल बनी हुई है। मुख्य सड़कों पर रेहड़ी-पटरी संचालकों के अतिक्रमण के कारण कई स्थानों पर सड़कें संकरी हो गई हैं। सुबह कार्यालय और स्कूल के समय तथा शाम को बाजार खुलने के दौरान लंबा जाम लग जाता है। इससे एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
शिकायतों के बावजूद नहीं निकला समाधान
स्थानीय निवासी राम कृष्ण और नीलम का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में बढ़ती आबादी और वाहनों के कारण समस्या और गंभीर हो जाएगी।
विकास के साथ जरूरी है बेहतर कनेक्टिविटी
फरीदाबाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का तेजी से विस्तार करने वाला औद्योगिक और आवासीय शहर है। ग्रेटर फरीदाबाद और नहर पार क्षेत्र में लगातार नई कॉलोनियां और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। ऐसे में एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी आधारभूत परियोजनाओं को स्थानीय सेक्टरों से प्रभावी ढंग से जोड़ना भविष्य की यातायात जरूरतों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सेक्टर-8 समेत नहर पार क्षेत्र के लोगों में बढ़ी नाराजगी, सेक्टर-3 से 87 तक की आबादी और करीब 50 गांव प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के तेजी से विकसित हो रहे नहर पार क्षेत्र और पुराने सेक्टरों को जोड़ने वाली सड़क व्यवस्था की एक बड़ी कमी अब आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। मुंबई एक्सप्रेसवे से सेक्टर-8 की ओर सीधा संपर्क मार्ग नहीं होने के कारण रोजाना हजारों वाहन चालकों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और ईंधन की बर्बादी होने के साथ शहर के अंदरूनी मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन चालकों को सेक्टर-8 पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। यदि एक्सप्रेसवे से सीधे संपर्क मार्ग का निर्माण कर दिया जाए तो बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी और शहर के कई हिस्सों में यातायात भी सुगम हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तेजी से बढ़ रही आबादी लेकिन सड़क संपर्क अब भी अधूरा
आरडब्ल्यूए प्रधान जगमोहन गुप्ता ने बताया कि इस मार्ग का उपयोग प्रतिदिन लाखों लोग करते हैं। सेक्टर-3, 8, 9, 10, 11, 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78, 82 और 87 सहित नहर पार क्षेत्र के करीब 50 गांवों के लोगों की आवाजाही इसी दिशा में होती है। फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में नहर पार क्षेत्र में तेजी से आवासीय परियोजनाएं विकसित हुई हैं जिससे इस इलाके की आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ी है। इसके बावजूद सड़क नेटवर्क उसी गति से विकसित नहीं हो पाया है।
एक संपर्क मार्ग से कम हो सकता है शहर के अंदर का ट्रैफिक दबाव
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि एक्सप्रेसवे से सेक्टर-8 तक सीधा संपर्क मार्ग बनाया जाता है तो शहर के अंदर से होकर गुजरने वाले वाहनों की संख्या कम होगी। इससे सेक्टरों की मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति में सुधार आएगा और लोगों का सफर अधिक सुरक्षित व सुगम बनेगा। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि एक्सप्रेसवे का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब उसे शहर के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए।
अतिक्रमण ने बढ़ाई परेशानी, सुबह-शाम लग रहा जाम
क्षेत्र के भीतर यातायात व्यवस्था भी बदहाल बनी हुई है। मुख्य सड़कों पर रेहड़ी-पटरी संचालकों के अतिक्रमण के कारण कई स्थानों पर सड़कें संकरी हो गई हैं। सुबह कार्यालय और स्कूल के समय तथा शाम को बाजार खुलने के दौरान लंबा जाम लग जाता है। इससे एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
शिकायतों के बावजूद नहीं निकला समाधान
स्थानीय निवासी राम कृष्ण और नीलम का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में बढ़ती आबादी और वाहनों के कारण समस्या और गंभीर हो जाएगी।
विकास के साथ जरूरी है बेहतर कनेक्टिविटी
फरीदाबाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का तेजी से विस्तार करने वाला औद्योगिक और आवासीय शहर है। ग्रेटर फरीदाबाद और नहर पार क्षेत्र में लगातार नई कॉलोनियां और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। ऐसे में एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी आधारभूत परियोजनाओं को स्थानीय सेक्टरों से प्रभावी ढंग से जोड़ना भविष्य की यातायात जरूरतों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।