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Faridabad News: तीन साल बाद ताबूत में घर लौटा शाहरुख
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रोज़गार के लिए गया था बंगलुरु, हादसे ने छीनी जिंदगी, गांव में गम का माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां । तीन साल से घर से दूर रहकर परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने का सपना संजोए 20 वर्षीय शाहरुख खान आखिरकार अपने गांव लौटा, लेकिन जिंदा नहीं, बल्कि उसका शव पहुंचा। इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार और गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।
पिनगवां थाना क्षेत्र के गांव बूबलहेडी निवासी शाहरुख खान पुत्र असरुद्दीन पिछले तीन वर्षों से बंगलुरु में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहा था। वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा था। परिवार के लोग उसकी घर वापसी का पिछले तीन वर्ष से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बंंगलुरु में शाहरुख का सड़क हादसा हो गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे इलाज के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
जैसे ही यह दुखद खबर परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद शाहरुख का शव गांव बूबल्हेडी लाया गया, जहां गमगीन माहौल में उसे गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी की आंखें नम थी।
तीन साल से नहीं आया था घर :
परिजनों के अनुसार शाहरुख तीन साल से घर नहीं आया था। वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने और बेहतर भविष्य के सपने लेकर घर से निकला था। उसके दिल में हजारों अरमान थे, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां । तीन साल से घर से दूर रहकर परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने का सपना संजोए 20 वर्षीय शाहरुख खान आखिरकार अपने गांव लौटा, लेकिन जिंदा नहीं, बल्कि उसका शव पहुंचा। इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार और गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।
पिनगवां थाना क्षेत्र के गांव बूबलहेडी निवासी शाहरुख खान पुत्र असरुद्दीन पिछले तीन वर्षों से बंगलुरु में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहा था। वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा था। परिवार के लोग उसकी घर वापसी का पिछले तीन वर्ष से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बंंगलुरु में शाहरुख का सड़क हादसा हो गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे इलाज के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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जैसे ही यह दुखद खबर परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद शाहरुख का शव गांव बूबल्हेडी लाया गया, जहां गमगीन माहौल में उसे गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी की आंखें नम थी।
तीन साल से नहीं आया था घर :
परिजनों के अनुसार शाहरुख तीन साल से घर नहीं आया था। वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने और बेहतर भविष्य के सपने लेकर घर से निकला था। उसके दिल में हजारों अरमान थे, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।