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Faridabad News: प्याऊ की जमीन की रजिस्ट्री पर बवाल
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-ग्रामीणों ने भूमाफियाओं व अधिकारियों पर लगाए मिलीभगत के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल के अंतर्गत सोहना मार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत खरखड़ी की प्याऊ भूमि को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामवासियों व ग्राम पंचायत ने आरोप लगाया है कि राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर करीब चार कनाल से अधिक प्याऊ की जमीन की अवैध रजिस्ट्री कर दी गई। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है और उन्होंने शहर थाना तावडू में शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम पंचायत खरखड़ी के सरपंच अशफाक, शहाबुद्दीन, इस्माइल, रमजानी सहित अनेक ग्रामीण सोमवार को शहर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि मौजा खरखड़ी, तहसील तावडू, जिला नूंह के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करीब 19 कनाल 14 मरला जमीन में से 4 कनाल 18.5 मरला भूमि प्याऊ के नाम से दर्ज थी, जिसकी देखरेख वर्षों से ग्राम पंचायत और ग्रामीण करते आ रहे हैं। आरोप है कि वर्ष 2012-2013 के दौरान कुछ लोगों ने राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर विरासत इंतकाल अपने नाम दर्ज करा लिया, जबकि नियम अनुसार प्याऊ की जमीन का इंतकाल नहीं किया जा सकता था।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में पहले भी एसडीएम नूंह द्वारा आदेश जारी कर स्पष्ट किया गया था कि उक्त जमीन का इंतकाल नियमों के विरुद्ध है और संबंधित व्यक्ति कभी भी प्याऊ की देखरेख करने वाले नहीं रहे। इसके बावजूद राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर जमीन को खुद काश्त में दिखाया गया और बाद में 23 फरवरी 2026 को उक्त भूमि का बिक्रीनामा पवन कुमार निवासी तावडू के पक्ष में करा दिया गया। शिकायत में अनिल कुमार, सुनील कुमार, पवन कुमार, वहीदा नंबरदार, संजय गोयल, संबंधित हल्का पटवारी, गिरदावर, तहसीलदार, कर्मचारियों तथा डीटीपी कार्यालय के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।
करोड़ों की है जमीन :
ग्रामीणों का कहना है कि सोहना-तावडू मुख्य मार्ग के साथ लगती इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत करोड़ों रुपये में है, जिस पर लंबे समय से भूमाफियाओं की नजर बनी हुई है और पहले भी इसे हड़पने की कोशिश की जा चुकी है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए और अवैध रजिस्ट्री को रद्द कराया जाए, ताकि पंचायत की जमीन को बचाया जा सके। शहर थाना तावडू प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामला गंभीर है। सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
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तावडू। उपमंडल के अंतर्गत सोहना मार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत खरखड़ी की प्याऊ भूमि को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामवासियों व ग्राम पंचायत ने आरोप लगाया है कि राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर करीब चार कनाल से अधिक प्याऊ की जमीन की अवैध रजिस्ट्री कर दी गई। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है और उन्होंने शहर थाना तावडू में शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम पंचायत खरखड़ी के सरपंच अशफाक, शहाबुद्दीन, इस्माइल, रमजानी सहित अनेक ग्रामीण सोमवार को शहर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि मौजा खरखड़ी, तहसील तावडू, जिला नूंह के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करीब 19 कनाल 14 मरला जमीन में से 4 कनाल 18.5 मरला भूमि प्याऊ के नाम से दर्ज थी, जिसकी देखरेख वर्षों से ग्राम पंचायत और ग्रामीण करते आ रहे हैं। आरोप है कि वर्ष 2012-2013 के दौरान कुछ लोगों ने राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर विरासत इंतकाल अपने नाम दर्ज करा लिया, जबकि नियम अनुसार प्याऊ की जमीन का इंतकाल नहीं किया जा सकता था।
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ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में पहले भी एसडीएम नूंह द्वारा आदेश जारी कर स्पष्ट किया गया था कि उक्त जमीन का इंतकाल नियमों के विरुद्ध है और संबंधित व्यक्ति कभी भी प्याऊ की देखरेख करने वाले नहीं रहे। इसके बावजूद राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर जमीन को खुद काश्त में दिखाया गया और बाद में 23 फरवरी 2026 को उक्त भूमि का बिक्रीनामा पवन कुमार निवासी तावडू के पक्ष में करा दिया गया। शिकायत में अनिल कुमार, सुनील कुमार, पवन कुमार, वहीदा नंबरदार, संजय गोयल, संबंधित हल्का पटवारी, गिरदावर, तहसीलदार, कर्मचारियों तथा डीटीपी कार्यालय के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।
करोड़ों की है जमीन :
ग्रामीणों का कहना है कि सोहना-तावडू मुख्य मार्ग के साथ लगती इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत करोड़ों रुपये में है, जिस पर लंबे समय से भूमाफियाओं की नजर बनी हुई है और पहले भी इसे हड़पने की कोशिश की जा चुकी है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए और अवैध रजिस्ट्री को रद्द कराया जाए, ताकि पंचायत की जमीन को बचाया जा सके। शहर थाना तावडू प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामला गंभीर है। सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।