JNU: पीएम मोदी-गृह मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने वालों पर एफआईआर दर्ज, जेएनयू प्रशासन ने कराया केस
जेएनयू में भड़काऊ और आपत्तिजनक नारेबाजी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जेएनयू छात्रों के ऊपर नारेबाजी, प्रदर्शन और पुतला दहन करने के आरोप लगते रहे है। पिछले एक वर्ष से जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों और प्रशासन के बीच कई मामलों को लेकर गतिरोध देखने को मिला है।
विस्तार
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी को लेकर दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। यह मामला सोमवार शाम को जेएनयू के साबरमती ढाबा में एक छात्र सभा के दौरान लगाए गए नारों से जुड़ा है।
पुलिस ने बताया कि एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने), 353(1) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी से मंगलवार को वसंत कुंज उत्तरी पुलिस थाने में शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई हुई। पुलिस ने कहा कि जेएनयू प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई की मांग के बाद मामला दर्ज किया गया, जिसने नारों को अत्यधिक आपत्तिजनक, उत्तेजक और भड़काऊ बताया था।
भड़काऊ और आपत्तिजनक नारेबाजी की गई
छात्र सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली दंगे मामले में आरोपी जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने और पांच जनवरी 2020 को परिसर में हुई हिंसा के खिलाफ नाराजगी और आक्रोश व्यक्त करने के लिए जुटे थे। इस बीच छात्रों की ओर से कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ नारेबाजी की गई।
इस मामले पर जेएनयू सुरक्षा विभाग द्वारा एसएचओ को लिखे पत्र के अनुसार साबरमती हॉस्टल के बाहर जेएनयू छात्र संघ से जुड़े छात्रों की ओर से गुरिल्ला ढाबा पर प्रतिरोध की रात शीर्षक के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसका उद्देश्य पांच जनवरी 2020 को जेएनयू में हुई हिंसा की छठी वर्षगांठ मनाना था। कार्यक्रम की शुरुआत के समय ऐसा लगा कि छात्र सिर्फ वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ही आए थे। लेकिन इस बीच कुछ छात्रों ने बेहद आपत्तिजनक, भड़काऊ और उत्तेजक नारे लगाने शुरू कर दिए।
क्या है पूरा विवाद
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सोमवार रात को साबरमती हॉस्टल के बाहर कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ नारेबाजी की गई। इस संबंध में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया है। इस मामले पर जेएनयू सुरक्षा विभाग ने वसंत कुंज(नॉर्थ) थाना एसएचओ को मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायत पत्र दिया है।
नारेबाजी पर मुकदमा दर्ज की मांग पर शिक्षक संघ का विरोध
जेएनयू आपत्तिजनक नारेबाजी मामले में सुरक्षा विभाग की मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर शिक्षक संघ ने विरोध दर्ज कराया है। शिक्षक संघ ने 5 जनवरी 2020 हमले की छठी वर्षगांठ पर सोमवार रात को आयोजित छात्र संघ के कार्यक्रम में हुई नारेबाजी पर दिल्ली पुलिस से मुकदमा दर्ज कराने की मांग को हास्यास्पद और दमनकारी बताया है।
शिक्षक संघ के अनुसार जेएनयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस ठीक वही हैं जो छह साल पहले हिंसा के निर्विवाद रूप से आपराधिक कृत्य को रोकने में पहले तो नाकाम रहे। फिर खुद को जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ रहे। मुकदमा दर्ज कराने की गाथा को शिक्षक संघ जेएनयू को नष्ट करने के एजेंडे से देखता है। लेकिन विश्वविद्यालय की भावना को खत्म नहीं किया जा सकता।