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Delhi NCR News: पंखों से लेकर रंग-बिरंगी तितलियों तक, नेचर वॉक में दिखी प्रकृति की खूबसूरती
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-संडे बटरफ्लाई-ड्रैगनफ्लाई वॉक और संडे बर्ड वॉक में 36 लोगों ने लिया हिस्सा, प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का दिया संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में रविवार को प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए विशेष नेचर वॉक का आयोजन हुआ। इस वॉक में पक्षी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों, छात्रों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और पर्यावरण में रुचि रखने वाले लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कुल 36 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
वॉक का संचालन दिल्ली विश्वविद्यालय के क्लस्टर इनोवेशन सेंटर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. असानी भादुरी और तितली एवं ड्रैगनफ्लाई विशेषज्ञ सीबी मौर्य की देखरेख में किया गया। चिड़ियाघर के अधिकारी और विशेषज्ञ भी पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ मौजूद रहे। वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने चिड़ियाघर परिसर में 43 पक्षी प्रजातियों को दर्ज किया। इसके अलावा 12 तितली, छह ड्रैगनफ्लाई और तीन डैम्सलफ्लाई प्रजातियों की भी पहचान की गई। प्रतिभागियों ने 500 से अधिक तितलियों, ड्रैगनफ्लाई और डैम्सलफ्लाई के बारे में जानकारी भी दर्ज की। इस दौरान प्लेन टाइगर, स्ट्राइप्ड टाइगर, कॉमन ग्रास येलो, लेमन इमिग्रेंट, कॉमन मॉर्मन और लाइम स्वैलोटेल जैसी तितलियां देखने को मिलें। वहीं क्रिमसन टेल, कॉमन क्लबटेल, वांडरिंग ग्लाइडर और ग्रीन मार्श हॉक जैसी ड्रैगनफ्लाई प्रजातियां भी दर्ज की गईं।
प्रकृति संरक्षण की दी जानकारी : विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को पक्षियों, तितलियों और ड्रैगनफ्लाई के व्यवहार, जीवन और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये जीव केवल देखने में सुंदर नहीं होते, बल्कि परागण, प्राकृतिक रूप से कीटों को नियंत्रित करने और पर्यावरण के स्वास्थ्य को समझने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रजातियों की पहचान करने और वैज्ञानिक तरीके से जैव-विविधता का रिकॉर्ड तैयार करने के बारे में भी जानकारी दी गई। इससे लोगों को प्रकृति के करीब आने और पर्यावरण संरक्षण को समझने का अवसर मिला।
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16 अगस्त को अगली नेचर वॉक : चिड़ियाघर निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि सीखने का बेहतर अवसर देने के लिए प्रत्येक रविवार की नेचर वॉक में प्रतिभागियों की संख्या सीमित रखी जाती है। इसके लिए पहले से पंजीकरण कराना जरूरी है और चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाता है। अगली ‘संडे इंसेक्ट एंड स्पाइडर वॉक’ और ‘संडे बर्ड वॉक’ 16 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। ये नेचर वॉक सुबह 6:30 बजे से 10 बजे तक होंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में रविवार को प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए विशेष नेचर वॉक का आयोजन हुआ। इस वॉक में पक्षी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों, छात्रों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और पर्यावरण में रुचि रखने वाले लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कुल 36 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
वॉक का संचालन दिल्ली विश्वविद्यालय के क्लस्टर इनोवेशन सेंटर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. असानी भादुरी और तितली एवं ड्रैगनफ्लाई विशेषज्ञ सीबी मौर्य की देखरेख में किया गया। चिड़ियाघर के अधिकारी और विशेषज्ञ भी पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ मौजूद रहे। वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने चिड़ियाघर परिसर में 43 पक्षी प्रजातियों को दर्ज किया। इसके अलावा 12 तितली, छह ड्रैगनफ्लाई और तीन डैम्सलफ्लाई प्रजातियों की भी पहचान की गई। प्रतिभागियों ने 500 से अधिक तितलियों, ड्रैगनफ्लाई और डैम्सलफ्लाई के बारे में जानकारी भी दर्ज की। इस दौरान प्लेन टाइगर, स्ट्राइप्ड टाइगर, कॉमन ग्रास येलो, लेमन इमिग्रेंट, कॉमन मॉर्मन और लाइम स्वैलोटेल जैसी तितलियां देखने को मिलें। वहीं क्रिमसन टेल, कॉमन क्लबटेल, वांडरिंग ग्लाइडर और ग्रीन मार्श हॉक जैसी ड्रैगनफ्लाई प्रजातियां भी दर्ज की गईं।
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प्रकृति संरक्षण की दी जानकारी : विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को पक्षियों, तितलियों और ड्रैगनफ्लाई के व्यवहार, जीवन और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये जीव केवल देखने में सुंदर नहीं होते, बल्कि परागण, प्राकृतिक रूप से कीटों को नियंत्रित करने और पर्यावरण के स्वास्थ्य को समझने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रजातियों की पहचान करने और वैज्ञानिक तरीके से जैव-विविधता का रिकॉर्ड तैयार करने के बारे में भी जानकारी दी गई। इससे लोगों को प्रकृति के करीब आने और पर्यावरण संरक्षण को समझने का अवसर मिला।
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16 अगस्त को अगली नेचर वॉक : चिड़ियाघर निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि सीखने का बेहतर अवसर देने के लिए प्रत्येक रविवार की नेचर वॉक में प्रतिभागियों की संख्या सीमित रखी जाती है। इसके लिए पहले से पंजीकरण कराना जरूरी है और चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाता है। अगली ‘संडे इंसेक्ट एंड स्पाइडर वॉक’ और ‘संडे बर्ड वॉक’ 16 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। ये नेचर वॉक सुबह 6:30 बजे से 10 बजे तक होंगी।