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Delhi NCR News: सन्नौथ गांव के तालाब से कचरा ढालाव हटेगा, डीडीए ने एमसीडी को दिया एक हफ्ते का समय
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-एनजीटी में जवाब दाखिल करते हुए डीडीए ने बताया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सन्नौथ गांव के ऐतिहासिक तालाब को पुराने स्वरूप में लाने के लिए कदम उठाया है। डीडीए ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को तालाब की जमीन पर बने कचरा ढालाव को एक सप्ताह के अंदर हटाने के निर्देश दिए हैं। यह मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में चल रही एक याचिका से जुड़ा है।
एनजीटी में जवाब दाखिल करते हुए डीडीए ने बताया कि सन्नौथ गांव की खसरा संख्या 99 की करीब 36 बीघा 4 बिस्वा जमीन राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के रूप में दर्ज है। यह जमीन फरवरी 2021 में डीडीए को सौंपी गई थी। जांच के दौरान डीडीए को पता चला कि तालाब की जमीन पर एमसीडी का कचरा ढालाव बना है। यहां कचरा जमा होने से आसपास गंदगी फैल रही है। इससे तालाब के पुनरुद्धार में भी परेशानी हो रही है।
डीडीए ने साफ किया है कि उसने यह कचरा ढालाव नहीं बनाया है और न ही इसका संचालन उसके जिम्मे है। डीडीए ने एमसीडी को ढालाव हटाने तक वहां जमा कचरे की सफाई कराने और दोबारा कचरा डालने पर रोक लगाने को कहा है। कार्रवाई की तस्वीरें और रिपोर्ट डीडीए को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एनजीटी के सामने सही जानकारी रखी जा सके।
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दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के साथ हुए समझौते के बाद अब डीडीए तालाबों की सफाई और पुनरुद्धार का काम संभाल रहा है। सन्नौथ गांव के तालाब के लिए सीमांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग से जमीन का सत्यापन पूरा होगा। इसके बाद तालाब की सफाई, सुंदरीकरण और पुनरुद्धार का काम शुरू किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सन्नौथ गांव के ऐतिहासिक तालाब को पुराने स्वरूप में लाने के लिए कदम उठाया है। डीडीए ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को तालाब की जमीन पर बने कचरा ढालाव को एक सप्ताह के अंदर हटाने के निर्देश दिए हैं। यह मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में चल रही एक याचिका से जुड़ा है।
एनजीटी में जवाब दाखिल करते हुए डीडीए ने बताया कि सन्नौथ गांव की खसरा संख्या 99 की करीब 36 बीघा 4 बिस्वा जमीन राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के रूप में दर्ज है। यह जमीन फरवरी 2021 में डीडीए को सौंपी गई थी। जांच के दौरान डीडीए को पता चला कि तालाब की जमीन पर एमसीडी का कचरा ढालाव बना है। यहां कचरा जमा होने से आसपास गंदगी फैल रही है। इससे तालाब के पुनरुद्धार में भी परेशानी हो रही है।
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डीडीए ने साफ किया है कि उसने यह कचरा ढालाव नहीं बनाया है और न ही इसका संचालन उसके जिम्मे है। डीडीए ने एमसीडी को ढालाव हटाने तक वहां जमा कचरे की सफाई कराने और दोबारा कचरा डालने पर रोक लगाने को कहा है। कार्रवाई की तस्वीरें और रिपोर्ट डीडीए को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एनजीटी के सामने सही जानकारी रखी जा सके।
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दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के साथ हुए समझौते के बाद अब डीडीए तालाबों की सफाई और पुनरुद्धार का काम संभाल रहा है। सन्नौथ गांव के तालाब के लिए सीमांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग से जमीन का सत्यापन पूरा होगा। इसके बाद तालाब की सफाई, सुंदरीकरण और पुनरुद्धार का काम शुरू किया जाएगा।