{"_id":"69d2c044b2f5c795dd0fea53","slug":"190-lakh-rupees-duped-in-the-name-of-getting-a-job-ghaziabad-news-c-198-1-gbd1023-17448-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: नौकरी लगवाने के नाम पर 1.90 लाख रुपये ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: नौकरी लगवाने के नाम पर 1.90 लाख रुपये ठगे
विज्ञापन
विज्ञापन
इंदिरापुरम। थानाक्षेत्र के आम्रपाली विलेज निवासी चांद रैना से अज्ञात व्यक्ति ने उनके बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर 1.90 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद न तो नौकरी लगी और न ही रुपये वापस मिले। मामला वर्ष 2025 का है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पांच अप्रैल को नोएडा सेक्टर 6 स्थित प्लेसमेंट कंपनी हेनरी हार्विन एजुकेशन में कार्यरत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
चांद जी रैना ने बताया कि मई 2025 में वह बेटे शिवाक्ष के साथ हेनरी हार्विन एजुकेशन के कार्यालय गए थे। यहां कार्यरत अधिकारी ने उन्हें सैप एमएम नामक कोर्स की जानकारी दी।
कोर्स के बाद विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों से साक्षात्कार की कॉल आने और नौकरी लगने का वादा किया। इसके बाद वह बेटे को कोर्स कराने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने कोर्स की फीस बतौर 55,000 रुपये दिए।
इसके अलावा जॉब सुरक्षा के नाम पर फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर 1,35,000 रुपये आरोपी को दिए। बताया कि बेटे ने निश्चित समय सीमा से पहले ही कोर्स पूरा कर लिया। इसके लिए उसे प्रमाण-पत्र भी दिया गया। इसके बाद वह इंतजार करते रहे लेकिन न तो किसी कंपनी से साक्षात्कार के लिए कॉल आई और न ही बेटे की नौकरी लगी।
उन्होंने कई बार आरोपी से बातचीत कर पूछा लेकिन कोई जबाव नहीं मिला। आरोप है कि अब उनसे संपर्क ही नहीं किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। प्रभारी एसीपी इंदिरापुरम श्वेता यादव ने बताया कि जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
Trending Videos
चांद जी रैना ने बताया कि मई 2025 में वह बेटे शिवाक्ष के साथ हेनरी हार्विन एजुकेशन के कार्यालय गए थे। यहां कार्यरत अधिकारी ने उन्हें सैप एमएम नामक कोर्स की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोर्स के बाद विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों से साक्षात्कार की कॉल आने और नौकरी लगने का वादा किया। इसके बाद वह बेटे को कोर्स कराने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने कोर्स की फीस बतौर 55,000 रुपये दिए।
इसके अलावा जॉब सुरक्षा के नाम पर फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर 1,35,000 रुपये आरोपी को दिए। बताया कि बेटे ने निश्चित समय सीमा से पहले ही कोर्स पूरा कर लिया। इसके लिए उसे प्रमाण-पत्र भी दिया गया। इसके बाद वह इंतजार करते रहे लेकिन न तो किसी कंपनी से साक्षात्कार के लिए कॉल आई और न ही बेटे की नौकरी लगी।
उन्होंने कई बार आरोपी से बातचीत कर पूछा लेकिन कोई जबाव नहीं मिला। आरोप है कि अब उनसे संपर्क ही नहीं किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। प्रभारी एसीपी इंदिरापुरम श्वेता यादव ने बताया कि जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।