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Ghaziabad News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय अटका
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गाजियाबाद। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बैंक में पीएफएमएस की दिक्कत के कारण अटक गया है। सत्यापन के बाद भी पैसे खाते में नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता परेशान हैं। इस संबंध में आ रही शिकायत की लखनऊ से जानकारी ली जा रही है।
जिले में कुल 1371 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें 2500 से अधिक कार्यकर्ताओं और सहायिकाएं कार्यरत हैं। इनका मानदेय पिछले चार माह से अटका है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय का कहना है कि पैसा तो आ गया है, खाते में दिखाई भी दे रहा है, लेकिन जब कार्यकर्ता पैसा निकालने जा रहीं हैं तो रकम नहीं दिखाई दे रही है।
पड़ताल पर पता चला है कि दिल्ली से पीएफएमएस के जरिये पैसा भेजने में दिक्कत आ रही है। इसलिए बैंक में पैसा नहीं पहुंच पा रहा है। कुछ के खाते सत्यापन के समय रिजेक्ट हो गए थे, उनका दोबारा सत्यापन कर उन्हें खुलवाया गया, बावजूद इसके राशि नहीं पहुंच पा रही है। यहां 450 से अधिक कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की राशि अटकी पड़ी है। अब लेखा के एक कर्मचारी को बृहस्पतिवार को लखनऊ भेजा गया है।
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जिले में कुल 1371 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें 2500 से अधिक कार्यकर्ताओं और सहायिकाएं कार्यरत हैं। इनका मानदेय पिछले चार माह से अटका है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय का कहना है कि पैसा तो आ गया है, खाते में दिखाई भी दे रहा है, लेकिन जब कार्यकर्ता पैसा निकालने जा रहीं हैं तो रकम नहीं दिखाई दे रही है।
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पड़ताल पर पता चला है कि दिल्ली से पीएफएमएस के जरिये पैसा भेजने में दिक्कत आ रही है। इसलिए बैंक में पैसा नहीं पहुंच पा रहा है। कुछ के खाते सत्यापन के समय रिजेक्ट हो गए थे, उनका दोबारा सत्यापन कर उन्हें खुलवाया गया, बावजूद इसके राशि नहीं पहुंच पा रही है। यहां 450 से अधिक कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की राशि अटकी पड़ी है। अब लेखा के एक कर्मचारी को बृहस्पतिवार को लखनऊ भेजा गया है।