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Ghaziabad News: दिन ढलते ही घरों में सिमट रहा बचपन, झुग्गियों में डर का पहरा
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माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। सात वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी से केवल एक परिवार नहीं उजड़ा, बल्कि निर्माणाधीन मॉल के आसपास रहने वाले सैकड़ों लोगों की दिनचर्या भी बदल गई है। जिन झुग्गियों में बच्चे देर शाम तक बेखौफ खेलते थे, वहां अब सूरज ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है। माताएं घबराकर बच्चों को घरों के भीतर बुला लेती हैं और हर आहट पर चौकन्नी हो जाती हैं।
झुग्गी बस्ती की महिलाओं का कहना है कि इस घटना ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया है। एक महिला ने बताया कि हमारे भी छोटे-छोटे बच्चे हैं। पहले देर शाम तक बाहर खेल लेते थे, लेकिन अब अंधेरा होने से पहले ही उन्हें घर के अंदर ले आते हैं। हर समय डर बना रहता है। कुछ अन्य महिलाओं ने बताया कि पहले आसपास का माहौल इतना भयावह नहीं था, लेकिन अब यहां नशा करने और असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे परिवारों में असुरक्षा की भावना गहरा गई है।
वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माणाधीन मॉल में सुरक्षा व्यवस्था केवल नाममात्र की है। उनका कहना है कि सुरक्षा में लापरवाही, परिसर में असामाजिक तत्वों की आवाजाही और पहले भी सामने आ चुकी घटनाओं के बावजूद व्यवस्था नहीं बदली। एक मजदूर ने बताया कि परिसर में गेट तो हैं, लेकिन रात के समय आने-जाने वालों से कोई पूछताछ नहीं होती। उसके अनुसार, आधी रात के बाद तो कोई भी आसानी से अंदर जा सकता है और सुरक्षाकर्मी रोकने-टोकने की जहमत भी नहीं उठाते।
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जनवरी में मिला था महिला का शव
बस्ती में रहने वालों ने एक और चौंकाने वाली जानकारी दी। वहां तैनात एक महिला सुरक्षाकर्मी के मुताबिक, इसी वर्ष दो जनवरी को निर्माणाधीन मॉल में काम करने वाली एक महिला लापता हो गई थी। बाद में जनवरी के अंत में बेसमेंट की सफाई के दौरान उसका शव मिला था। बच्ची के पिता ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उस समय पुलिस जांच के लिए आई थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया। इस संबंध में नंदग्राम एसीपी से बात करने पर उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी तैनाती से पहले का है और इसकी जानकारी कराई जाएगी।
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बियर की खाली कैन और गिलास मिले
निर्माणाधीन मॉल के कई हिस्सों में बियर की खाली कैन और गिलास पड़े मिले। वहां काम करने वाले मजदूरों का आरोप है कि रात में काम बंद होने के बाद असामाजिक तत्व परिसर में आ जाते हैं और शराब पीते हैं। उनका आरोप है कि यह सब सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में होता है। मजदूरों ने बताया कि शिकायत इसलिए नहीं कर पाते, क्योंकि डर रहता है कि ठेकेदार काम से हटा देगा। मजबूरी में वे सब कुछ देखते हुए भी चुप रहने के लिए विवश हैं।
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गाजियाबाद। सात वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी से केवल एक परिवार नहीं उजड़ा, बल्कि निर्माणाधीन मॉल के आसपास रहने वाले सैकड़ों लोगों की दिनचर्या भी बदल गई है। जिन झुग्गियों में बच्चे देर शाम तक बेखौफ खेलते थे, वहां अब सूरज ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है। माताएं घबराकर बच्चों को घरों के भीतर बुला लेती हैं और हर आहट पर चौकन्नी हो जाती हैं।
झुग्गी बस्ती की महिलाओं का कहना है कि इस घटना ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया है। एक महिला ने बताया कि हमारे भी छोटे-छोटे बच्चे हैं। पहले देर शाम तक बाहर खेल लेते थे, लेकिन अब अंधेरा होने से पहले ही उन्हें घर के अंदर ले आते हैं। हर समय डर बना रहता है। कुछ अन्य महिलाओं ने बताया कि पहले आसपास का माहौल इतना भयावह नहीं था, लेकिन अब यहां नशा करने और असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे परिवारों में असुरक्षा की भावना गहरा गई है।
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वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माणाधीन मॉल में सुरक्षा व्यवस्था केवल नाममात्र की है। उनका कहना है कि सुरक्षा में लापरवाही, परिसर में असामाजिक तत्वों की आवाजाही और पहले भी सामने आ चुकी घटनाओं के बावजूद व्यवस्था नहीं बदली। एक मजदूर ने बताया कि परिसर में गेट तो हैं, लेकिन रात के समय आने-जाने वालों से कोई पूछताछ नहीं होती। उसके अनुसार, आधी रात के बाद तो कोई भी आसानी से अंदर जा सकता है और सुरक्षाकर्मी रोकने-टोकने की जहमत भी नहीं उठाते।
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जनवरी में मिला था महिला का शव
बस्ती में रहने वालों ने एक और चौंकाने वाली जानकारी दी। वहां तैनात एक महिला सुरक्षाकर्मी के मुताबिक, इसी वर्ष दो जनवरी को निर्माणाधीन मॉल में काम करने वाली एक महिला लापता हो गई थी। बाद में जनवरी के अंत में बेसमेंट की सफाई के दौरान उसका शव मिला था। बच्ची के पिता ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उस समय पुलिस जांच के लिए आई थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया। इस संबंध में नंदग्राम एसीपी से बात करने पर उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी तैनाती से पहले का है और इसकी जानकारी कराई जाएगी।
बियर की खाली कैन और गिलास मिले
निर्माणाधीन मॉल के कई हिस्सों में बियर की खाली कैन और गिलास पड़े मिले। वहां काम करने वाले मजदूरों का आरोप है कि रात में काम बंद होने के बाद असामाजिक तत्व परिसर में आ जाते हैं और शराब पीते हैं। उनका आरोप है कि यह सब सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में होता है। मजदूरों ने बताया कि शिकायत इसलिए नहीं कर पाते, क्योंकि डर रहता है कि ठेकेदार काम से हटा देगा। मजबूरी में वे सब कुछ देखते हुए भी चुप रहने के लिए विवश हैं।