बबली हत्याकांड: मर्डर के बाद सचिन ने चलाई बाइक, प्रेमी ने खेत में फेंका कटा सिर; उस रात की हैवानियत की हद पार
दिल्ली निवासी बबली की हत्या मामले में पुलिस आरोपी प्रेमी विकास और अमन को तो जेल भेज चुकी है। उनसे पूछताछ में सामने आया था कि वारदात की पटकथा विकास के बड़े भाई अजीत ने रची थी। उसी ने ही बबली की हत्या के लिए दो चापड़ लाकर दिए थे।
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बबली हत्याकांड में पुलिस ने मंगलवार को विकास के बड़े भाई साजिशकर्ता अजीत को गढ़ रोड से गिरफ्तार कर लिया। उसने ही बबली की हत्या के लिए दो चापड़ लाकर दिए थे। वहीं आरोपी सचिन की तलाश में पुलिस की टीमें अब तक 20 से अधिक संभावित ठिकानों पर दबिश दे चुकी हैं। विकास और अमन को जेल भेज दिया गया है।
विकास ने बबली के बाल पकड़ सिर को खेत में फेंका
पुलिस ने बताया कि हत्या की रात बाइक पर सवार तीनों आरोपियों विकास, अमन और सचिन ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बाइक को सचिन चला रहा था, जबकि बीच में अमन और पीछे मृतका का प्रेमी विकास बैठा था। हत्या के बाद पहले अमन ने कटे हुए सिर को पकड़ा, फिर पीछे बैठे विकास ने उसे बालों से पकड़कर हवा में घुमाया और पूरी ताकत से खेत की ओर फेंक दिया।
दिन-रात दबिश दे रही पुलिस
पुलिस के अनुसार आरोपियों के चेहरे पर जरा भी पछतावा नहीं था। हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी सचिन अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस की पांच टीमें सचिन की गिरफ्तारी के लिए दिन-रात एक कर रही हैं। पुलिस अब तक बुलंदशहर, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली समेत 20 से अधिक स्थानों पर दबिश दे चुकी हैं। सचिन के करीबियों और रिश्तेदारों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है।
रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामले में सख्त की जा रही जांच
जिस प्रेमी पर बबली ने अटूट विश्वास किया था, उसी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर न केवल उसकी जान ली, बल्कि उसकी गरिमा को भी तार-तार कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में आता है। अपराधियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती से जुटा रही है।
साजिशकर्ता बड़ा भाई अजीत भी गिरफ्तार
दिल्ली निवासी बबली की हत्या मामले में पुलिस आरोपी प्रेमी विकास और अमन को तो जेल भेज चुकी है। उनसे पूछताछ में सामने आया था कि वारदात की पटकथा विकास के बड़े भाई अजीत ने रची थी। उसी ने ही बबली की हत्या के लिए दो चापड़ लाकर दिए थे। अजीत दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से छिपा फिर रहा था। मंगलवार को अजीत को हिरासत में लेकर चालान कर दिया गया।
विकास के बड़े भाई साजिशकर्ता अजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी सचिन की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा। - शंकर प्रसाद, एसपी सिटी बुलंदशहर
कर्ज से मुक्ति और नई शादीशुदा जिंदगी बचाने के लिए रची खौफनाक साजिश
अपनी नई शादीशुदा जिंदगी बचाने और कर्ज से मुक्ति पाने के लिए विकास ने बबली को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। साजिश के तहत 14 मार्च की शाम विकास बबली को बहला-फुसलाकर अपने गांव सुलैला में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने लाया। वे ब्रजघाट तक बस से आए, जहां विकास का भाई सचिन और गजरौला निवासी दोस्त अमन पहले से ही बाइक लेकर मौजूद थे। चारों एक ही बाइक पर सवार होकर घुंघरावली रजवाहे के पास सुनसान जंगल में पहुंचे।
पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाई, पर नहीं पसीजा दिल
वहां तीनों ने शराब पी। इस बीच जब बबली को अनहोनी की आशंका हुई, तो उसने विरोध किया। मौत सामने देख वह हत्यारों के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाई और जान बख्शने की भीख मांगी, लेकिन पत्थर दिल हत्यारों का दिल नहीं पसीजा। विकास ने उसके पैर पकड़ लिए और अमन ने उसे जोर से जकड़ लिया, तभी आरोपी सचिन ने गोश्त काटने वाले भारी चापड़ से एक ही झटके में बबली का सिर धड़ से अलग कर दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए वे सिर को बाइक पर रखकर करीब 700 मीटर दूर ले गए और उसे जंगल में फेंक दिया।
सीसीटीवी से बचने को चुना ग्रामीण रास्ता
शातिर हत्यारों ने पुलिस से बचने के लिए पूरी प्लानिंग की थी। दिल्ली-मुरादनगर से आने के लिए आमतौर पर बीबीनगर या गढ़मुक्तेश्वर मार्ग का उपयोग किया जाता है, जहां सीसीटीवी कैमरों की भरमार है। इनसे बचने के लिए आरोपी बबली को ब्रजघाट से बहादुरगढ़, पलवाड़ा और जलालपुर जैसे लिंक मार्गों से लेकर आए।
नीलगाय न होती तो नहीं मिलता नामोनिशान
घटनास्थल के पास ही एक नीलगाय का शव पड़ा था, जिसे करीब आधा दर्जन कुत्ते खा रहे थे। पुलिस का मानना है कि यदि कुत्तों का पेट नीलगाय के मांस से न भरा होता, तो वे बबली के शव को क्षत-विक्षत कर देते। ऐसी स्थिति में महिला की शिनाख्त असंभव हो जाती और यह ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री कभी न सुलझ पाती।
अनाथ हुईं तीन बेटियां, दादी के पास है मासूम
बबली की मौत के बाद उसकी तीन बेटियों के सिर से मां का साया भी उठ गया है। बड़ी बेटी 16 साल, मंझली 10 साल और सबसे छोटी महज 7 साल की है। पति की मौत के बाद बबली बच्चों से अलग मुरादनगर रहती थी, जबकि बेटियां अपनी दादी के पास रह रही थीं। परिजनों को तो यह भी नहीं पता था कि बबली की हत्या हो चुकी है, पुलिस की सूचना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।