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Ghaziabad News: रिकॉर्ड में निकला सिलिंडर, उपभोक्ता को मिला नहीं...फिर कौन खा रहा हक
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गाजियाबाद। पीएनजी लगने, पलायन या अन्य कारणों से गैस सिलिंडर की जरूरत नहीं पड़ रही, लेकिन उनके नाम पर सिलिंडर लगातार निकल रहे हैं। ऐसा एक-दो नहीं, बल्कि हजारों उपभोक्ताओं के साथ हो रहा है। ये मामले इस्राइल-ईरान के बीच युद्ध की स्थिति से हुई गैस की किल्लत के बाद पकड़ मे आ रहे हैं।
खास बात यह है कि जैसे ही जरूरत पड़ती है और उपभोक्ता सिलिंडर बुक कर एजेंसी पर पहुंचते हैं तो उन्हें केवाईसी के नाम पर टाल दिया जाता है। कई एजेंसियों पर सर्वर ठप बताकर केवाईसी प्रक्रिया में एक सप्ताह या उससे अधिक का समय लगाया जा रहा है।
नकद में हो रहा भुगतान : गोविंदपुरम निवासी आदेश शर्मा ने बताया कि उनके नाम से जो सिलिंडर निकाले जा रहे हैं, उनका भुगतान नकद दिखाया जा रहा है, जबकि वह खुद हमेशा ऑनलाइन पेमेंट करते हैं। इससे साफ है कि कोई दूसरा व्यक्ति उनके कनेक्शन का दुरुपयोग कर रहा है और कार्रवाई से बचने के लिए कैश का सहारा ले रहा है।
वहीं, गंगाविहार कॉलोनी निवासी महावीर चौधरी ने बताया कि लंबे समय से पीएनजी इस्तेमाल कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर जब सिलिंडर बुक करने की कोशिश की तो एजेंसी ने केवाईसी का हवाला देकर रोक दिया। सवाल यह है कि जब केवाईसी पूरी नहीं है तो हर महीने उनके नाम से सिलिंडर कैसे निकल रहा है।
दोहरी कनेक्शन वालों पर ज्यादा असर : जिले में 12 लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं। इनमें करीब 3.55 लाख उपभोक्ताओं के पास पीएनजी कनेक्शन है। खास बात यह है कि दो लाख से ज्यादा उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। इनमें से अधिकांश उपभोक्ता पीएनजी के चलते लंबे समय से सिलिंडर नहीं ले रहे थे। अब उनके नाम से लगातार सिलिंडर निकलने के मैसेज मिल रहे हैं। इससे फर्जी निकासी का शक गहरा गया है।
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खास बात यह है कि जैसे ही जरूरत पड़ती है और उपभोक्ता सिलिंडर बुक कर एजेंसी पर पहुंचते हैं तो उन्हें केवाईसी के नाम पर टाल दिया जाता है। कई एजेंसियों पर सर्वर ठप बताकर केवाईसी प्रक्रिया में एक सप्ताह या उससे अधिक का समय लगाया जा रहा है।
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नकद में हो रहा भुगतान : गोविंदपुरम निवासी आदेश शर्मा ने बताया कि उनके नाम से जो सिलिंडर निकाले जा रहे हैं, उनका भुगतान नकद दिखाया जा रहा है, जबकि वह खुद हमेशा ऑनलाइन पेमेंट करते हैं। इससे साफ है कि कोई दूसरा व्यक्ति उनके कनेक्शन का दुरुपयोग कर रहा है और कार्रवाई से बचने के लिए कैश का सहारा ले रहा है।
वहीं, गंगाविहार कॉलोनी निवासी महावीर चौधरी ने बताया कि लंबे समय से पीएनजी इस्तेमाल कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर जब सिलिंडर बुक करने की कोशिश की तो एजेंसी ने केवाईसी का हवाला देकर रोक दिया। सवाल यह है कि जब केवाईसी पूरी नहीं है तो हर महीने उनके नाम से सिलिंडर कैसे निकल रहा है।
दोहरी कनेक्शन वालों पर ज्यादा असर : जिले में 12 लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं। इनमें करीब 3.55 लाख उपभोक्ताओं के पास पीएनजी कनेक्शन है। खास बात यह है कि दो लाख से ज्यादा उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। इनमें से अधिकांश उपभोक्ता पीएनजी के चलते लंबे समय से सिलिंडर नहीं ले रहे थे। अब उनके नाम से लगातार सिलिंडर निकलने के मैसेज मिल रहे हैं। इससे फर्जी निकासी का शक गहरा गया है।