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Ghaziabad News: लिट्टी चोखा मिलन समारोह के जरिये पूर्वांचल वोट साधने पर जोर
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निशा ठाकुर
साहिबाबाद। लिट्टी चोखा सम्मेलन के जरिए विधानसभा चुनाव 2027 के लिए पूर्वांचलों का वोट साधने पर जोर रहा। पूरे सम्मेलन में जगह-जगह मगध जीता है अवध जीतेंगे, 2017 की जीत 2027 में दोहराएंगे, जैसे बोर्ड लगे हुए थे। मंच से भी उप मुख्यमंत्री ने बिहार जीत की उपलब्धि को दोहराया और सभी को एकजुट होकर उत्तर प्रदेश में भी फिर से भाजपा सरकार को बहुमत दिलाने की अपील की।
सम्मेलन में गाजियाबाद में रह रहे सभी पूर्वांचल नेताओं और समाज के वरिष्ठ लोगों को आमंत्रित किया गया था। समाज के लोग अपनी-अपनी भीड़ लेकर सम्मेलन में पहुंचे थे। खोड़ा से लेकर साहिबाबाद और नंदग्राम से लेकर राजनगर एक्सटेंशन में रह हरे पूर्वांचल और मिथिलांचल समाज के लोग शामिल हुए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों को एकजुट होकर मगध के बाद अब अवध में भाजपा का परचम लहराने का संदेश दिया गया।
इनसेट
लिट्टी चोखा से लेकर रहा दाल-भात तक का व्यंजन
केबिनेट मंत्री द्वारा आयोजित लिट्टी चोखा सम्मेलन का पूरा निमंत्रण पत्र जहां भोजपुरी में लिखा गया था। वहीं सम्मेलन में न केवल पूर्वांचल का पसंदीदा लिट्टी-चोखा रहा बल्कि चूड़ा-दही से लेकर दाल-भात तक सभी व्यंजन जो बिहार में खाए जाते हैं, शामिल रहा। स्वयं केबिनेट मंत्री ने सभी पूर्वांचल नेताओं के साथ मिलकर लिट्टी चोखा बल्कि चूड़ा दही का व्यंजन हाथों से खाया (जैसा कि बिहार में खाया जाता है।)।
इनसेट
दो वर्ष से केबिनेट मंत्री कर रहे सम्मेलन
केबिनेट मंत्री सुनील शर्मा गत दो वर्ष से लिट्टी चोखा का सम्मेलन कर रहे हैं। वर्ष में एक बार शहर के सभी पूर्वांचल समाज के लोगों को एकजुट कर उनसे समाज के साथ ही राजनीति चर्चा भी की जाती है। दरअसल वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल समाज के कुछ लोगों ने भाजपा से नाराजगी जताई थी। बाद में समाज के कुछ लोग आगे आए और पत्रकार वार्ता कर समाज के एकजुट होकर भाजपा को समर्थन देने की बात कही। पूर्वांचल समाज के लोगों का कहना है कि ऐसे में लिट्टी-चोखा सम्मेलन समाज के लोगों को यह विश्वास जताने के लिए किया जाता है कि भाजपा उनके साथ है। इस कार्यक्रम के अगुवा भी पूर्वांचल समाज के लोग ही रहते हैं।
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साहिबाबाद। लिट्टी चोखा सम्मेलन के जरिए विधानसभा चुनाव 2027 के लिए पूर्वांचलों का वोट साधने पर जोर रहा। पूरे सम्मेलन में जगह-जगह मगध जीता है अवध जीतेंगे, 2017 की जीत 2027 में दोहराएंगे, जैसे बोर्ड लगे हुए थे। मंच से भी उप मुख्यमंत्री ने बिहार जीत की उपलब्धि को दोहराया और सभी को एकजुट होकर उत्तर प्रदेश में भी फिर से भाजपा सरकार को बहुमत दिलाने की अपील की।
सम्मेलन में गाजियाबाद में रह रहे सभी पूर्वांचल नेताओं और समाज के वरिष्ठ लोगों को आमंत्रित किया गया था। समाज के लोग अपनी-अपनी भीड़ लेकर सम्मेलन में पहुंचे थे। खोड़ा से लेकर साहिबाबाद और नंदग्राम से लेकर राजनगर एक्सटेंशन में रह हरे पूर्वांचल और मिथिलांचल समाज के लोग शामिल हुए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों को एकजुट होकर मगध के बाद अब अवध में भाजपा का परचम लहराने का संदेश दिया गया।
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लिट्टी चोखा से लेकर रहा दाल-भात तक का व्यंजन
केबिनेट मंत्री द्वारा आयोजित लिट्टी चोखा सम्मेलन का पूरा निमंत्रण पत्र जहां भोजपुरी में लिखा गया था। वहीं सम्मेलन में न केवल पूर्वांचल का पसंदीदा लिट्टी-चोखा रहा बल्कि चूड़ा-दही से लेकर दाल-भात तक सभी व्यंजन जो बिहार में खाए जाते हैं, शामिल रहा। स्वयं केबिनेट मंत्री ने सभी पूर्वांचल नेताओं के साथ मिलकर लिट्टी चोखा बल्कि चूड़ा दही का व्यंजन हाथों से खाया (जैसा कि बिहार में खाया जाता है।)।
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दो वर्ष से केबिनेट मंत्री कर रहे सम्मेलन
केबिनेट मंत्री सुनील शर्मा गत दो वर्ष से लिट्टी चोखा का सम्मेलन कर रहे हैं। वर्ष में एक बार शहर के सभी पूर्वांचल समाज के लोगों को एकजुट कर उनसे समाज के साथ ही राजनीति चर्चा भी की जाती है। दरअसल वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल समाज के कुछ लोगों ने भाजपा से नाराजगी जताई थी। बाद में समाज के कुछ लोग आगे आए और पत्रकार वार्ता कर समाज के एकजुट होकर भाजपा को समर्थन देने की बात कही। पूर्वांचल समाज के लोगों का कहना है कि ऐसे में लिट्टी-चोखा सम्मेलन समाज के लोगों को यह विश्वास जताने के लिए किया जाता है कि भाजपा उनके साथ है। इस कार्यक्रम के अगुवा भी पूर्वांचल समाज के लोग ही रहते हैं।