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UP: गाजियाबाद में पांच हजार घरों में अचानक हुआ अंधेरा, उपभोक्ता हुए परेशान, बाद में खुद की ही निकली लापरवाही

माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: Akash Dubey Updated Mon, 16 Mar 2026 11:06 PM IST
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सार

सुबह नौ बजे प्रीपेड स्मार्ट मीटर डिस्कनेक्ट हुए, जिससे उपभोक्ता परेशान हुए। दो घंटे तक बिजली नहीं आने पर कंट्रोल रूम में फोन घनघनाते रहे।

Five thousand consumers lost power due to non-recharge of meters
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

समय से मीटर रीचार्ज नहीं करने के कारण सोमवार सुबह जनपद में पांच हजार प्रीपेड स्मार्ट मीटर डिस्कनेक्ट हो गए। माइनस में जाने पर उपभोक्ताओं के यहां सुबह करीब नौ बजे बिजली गुल हो गई। करीब दो घंटे तक बिजली नहीं आने पर ऊर्जा निगम के कंट्रोलरूम और जेई और लाइनमैन के पास फोन घनघनाने लगे। ऊर्जा निगम की ओर से जब बताया गया कि रिचार्ज नहीं करने से मीटर नेगेटिव में होने से बिजली कट गई है तब जाकर लोगों ने अपने- अपने मीटर रिचार्ज किए। रिचार्ज करने के बाद दोपहर बाद तक बिजली आपूर्ति बहाल हुई।

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जिले में तीन जोनों में दो लाख से ज्यादा प्रीेपेड स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं। ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि इनमें करीब 98 हजार प्रीपेड स्मार्ट मीटर से बिजली ले रहे उपभोक्ताओं ने कई महीने से रिचार्ज नहीं कराया गया है। इससे ऊर्जा निगम करीब 35 करोड़ के माइनस में है। ऐसे उपभोक्ताओं की सूची बनाकर निगम की ओर से बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार सुबह करीब नौ बजे नेगेटिव में चल रहे मीटर अपने आप डिस्कनेक्ट हो गए।
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ऊर्जा निगम को मिला डेढ़ करोड़ का राजस्व
मुख्य अभियंता ने बताया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के डिस्कनेक्ट होने के बाद ज्यादातर उपभोक्ताओं ने शाम तक मीटर रिचार्ज कर लिया। इससे करीब डेढ़ करोड़ का बकाया राजस्व ऊर्जा निगम के पास आया है। शाम तक ज्यादातर कनेक्शन जोड़ दिए गए थे। रात के समय किसी बकायेदार की बिजली नहीं काटी जा रही है। बताया कि जो कई महीने से बकाया नहीं जमा कर रहे हैं और अपना मीटर रिचार्ज नहीं कर रहे हैं उनकी निगरानी की जा रही थी। बीते 28 फरवरी से एक मार्च तक ट्रायल बेस पर पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में मीटर ऑटोमेटेड डिस्कनेक्ट हो गए थे। लोगों को पहले से ही अलर्ट किया गया है कि वह अपना बकाया जमा कर दें और मीटर समय से रिचार्ज करते रहें। ज्यादातर वही मीटर डिस्कनेक्ट हो रहे हैं जिनका भार पांच किलो या उससे ज्यादा है। एक मार्च से 16 मार्च तक करीब 30 हजार उपभोक्ताओं ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर रिचार्ज कर लिया है। 15 दिन में करीब साढ़े पांच करोड़ का राजस्व ऊर्जा निगम को प्राप्त हुआ है।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा निगम का सुझाव
- रिचार्ज के बाद भी रि-कनेक्ट नहीं होने पर 1912 पर करें शिकायत

विद्युत संबंधी समस्या होने पर यहां करें शिकायत
1912
जिले में बनाए गए कंट्रोलरूम का नंबर 9193320115

ऐसे काम करता है प्रीपेड स्मार्ट मीटर
मोबाइल एप या काउंटर से कराना होता है रिचार्ज।
बैलेंस खत्म होते ही स्वतः बंद हो जाती है आपूर्ति।
रिचार्ज के बाद कुछ मिनट में बहाल हो जाती है बिजली।
एसएमएस/एप नोटिफिकेशन से मिलती है सूचना।

ये रखें ध्यान
त्योहार या व्यस्त दिनों से पहले पर्याप्त रिचार्ज रखें।

मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि अलर्ट मिल सके।

न्यूनतम बैलेंस अलर्ट की सुविधा सक्रिय कराएं।

किसी समस्या पर तुरंत हेल्पलाइन से संपर्क करें।

यूपीपीसीएल कंजयूमर एप मोबाइल में करें डाउनलोड।

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