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Ghaziabad News: रियल एस्टेट कंपनी के खाते से उड़ाए 63.85 लाख
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गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी के बैंक खाते से बिना अनुमति 63.85 लाख रुपये दो अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए गए। कंपनी के निदेशक की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
एस्ट्रसकॉर्म सुपरस्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आकाश दीक्षित का कंपनी का रेरा खाता इंडियन बैंक की वसुंधरा शाखा में है। 10 अगस्त को शाम करीब 4:15 बजे खाते से दो आरटीजीएस के माध्यम से रकम निकाली गई। पहला ट्रांजेक्शन 25.35 लाख और दूसरा 38.50 लाख रुपये का था।
आकाश दीक्षित का आरोप है कि उन्होंने बैंक को रकम ट्रांसफर करने के लिए कोई निर्देश या अनुमति नहीं दी थी। शाम 5:33 बजे शाखा प्रबंधक राहुल वर्मा ने उन्हें फोन कर जानकारी दी। बैंक को एक फोन आया था जिसमें कॉलर ने खुद को आकाश बताकर कंपनी का फर्जी लेटरहेड भेजा और आरटीजीएस करने को कहा।
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शिकायत में कहा गया है कि बैंक ने कंपनी के पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर संपर्क कर सत्यापन नहीं किया। न ही कोई अनुमति संबंधी संदेश आया। इसके बावजूद बिना जांच के रकम ट्रांसफर कर दी गई।
डीसीपी साइबर धवल जायसवाल ने बताया कि ट्रांसफर की गई रकम को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस बैंक के सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
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एस्ट्रसकॉर्म सुपरस्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आकाश दीक्षित का कंपनी का रेरा खाता इंडियन बैंक की वसुंधरा शाखा में है। 10 अगस्त को शाम करीब 4:15 बजे खाते से दो आरटीजीएस के माध्यम से रकम निकाली गई। पहला ट्रांजेक्शन 25.35 लाख और दूसरा 38.50 लाख रुपये का था।
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आकाश दीक्षित का आरोप है कि उन्होंने बैंक को रकम ट्रांसफर करने के लिए कोई निर्देश या अनुमति नहीं दी थी। शाम 5:33 बजे शाखा प्रबंधक राहुल वर्मा ने उन्हें फोन कर जानकारी दी। बैंक को एक फोन आया था जिसमें कॉलर ने खुद को आकाश बताकर कंपनी का फर्जी लेटरहेड भेजा और आरटीजीएस करने को कहा।
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शिकायत में कहा गया है कि बैंक ने कंपनी के पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर संपर्क कर सत्यापन नहीं किया। न ही कोई अनुमति संबंधी संदेश आया। इसके बावजूद बिना जांच के रकम ट्रांसफर कर दी गई।
डीसीपी साइबर धवल जायसवाल ने बताया कि ट्रांसफर की गई रकम को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस बैंक के सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।