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Ghaziabad News: रवि योग, शिव योग और सिद्ध योग में आज मनेगी हरियाली तीज
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गाजियाबाद। श्रावण मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का पर्व इस बार कई शुभ संयोगों में मनाया जाएगा। इस वर्ष 15 अगस्त शनिवार को हरियाली तीज पर बुधादित्य योग, गजकेसरी योग, शिवयोग और रवि योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार इतने शुभ योग एक साथ बनने से इस तीज का महत्व और बढ़ गया है।
पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि यह भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक पर्व है। इस बार शिवयोग और त्रिग्रही योग भी बन रहा है, जिससे व्रत-पूजन का फल कई गुना बढ़ जाएगा। पौराणिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अनेक जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। श्रावण शुक्ल तृतीया के दिन भगवान शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसी कारण यह तिथि अखंड सौभाग्य, दाम्पत्य सुख और मनोवांछित वर की प्राप्ति का प्रतीक मानी जाती है।
हरियाली तीज को मधुश्रवा तीज, स्वर्ण गौरी तीज और सिंधारा तीज के नाम से भी जाना जाता है। लोक परंपरा के अनुसार इस दिन विवाहित महिलाओं के मायके से सिंधारा भेजा जाता है। सिंधारे में मिष्ठान, घेवर, हरे वस्त्र, चूड़ियां और सौभाग्य की सामग्री शामिल होती है।
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इस दिन विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति के लिए व्रत और पूजन करती हैं। महिलाएं इस दिन हरे रंग के वस्त्र और हरी चूड़ियां धारण करती हैं। पेड़ों पर झूले डालकर लोकगीत गाते हुए झूला झूलती हैं। मान्यता है कि हरा रंग प्रकृति और समृद्धि का प्रतीक है।
पूजन-विधि
सुबह स्नान कर स्वच्छ हरे वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ कर भगवान शिव, माता पार्वती और श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित करें। धूप-दीप, पुष्प, अक्षत, पंचमेवा, फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद हरियाली तीज की व्रत कथा सुनें। भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। पूजा के उपरांत ब्राह्मण या सुहागिन स्त्रियों को सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा दें। घर की बुजुर्ग महिलाओं का सम्मान कर उन्हें बायना दें और उनका आशीर्वाद लें।
बाजारों में दिखी रौनक
हरियाली तीज से एक दिन पहले शुक्रवार को शहर के बाजारों में खरीदारी और मेहंदी लगवाने के लिए भारी भीड़ रही। तुराबनगर, नवीन मंडी और मुख्य बाजार में हरी चूड़ियों, झुमकों, हरे सूट और मैचिंग गहनों की खूब बिक्री हुई। ब्यूटी पार्लर में तीज के अवसर पर विशेष डिस्काउंट ऑफर दिए गए। कई पार्लरों में मेहंदी लगवाने के लिए अलग से काउंटर लगाए गए थे। देर रात तक महिलाओं की कतारें लगी रहीं।
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पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि यह भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक पर्व है। इस बार शिवयोग और त्रिग्रही योग भी बन रहा है, जिससे व्रत-पूजन का फल कई गुना बढ़ जाएगा। पौराणिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अनेक जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। श्रावण शुक्ल तृतीया के दिन भगवान शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसी कारण यह तिथि अखंड सौभाग्य, दाम्पत्य सुख और मनोवांछित वर की प्राप्ति का प्रतीक मानी जाती है।
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हरियाली तीज को मधुश्रवा तीज, स्वर्ण गौरी तीज और सिंधारा तीज के नाम से भी जाना जाता है। लोक परंपरा के अनुसार इस दिन विवाहित महिलाओं के मायके से सिंधारा भेजा जाता है। सिंधारे में मिष्ठान, घेवर, हरे वस्त्र, चूड़ियां और सौभाग्य की सामग्री शामिल होती है।
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इस दिन विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति के लिए व्रत और पूजन करती हैं। महिलाएं इस दिन हरे रंग के वस्त्र और हरी चूड़ियां धारण करती हैं। पेड़ों पर झूले डालकर लोकगीत गाते हुए झूला झूलती हैं। मान्यता है कि हरा रंग प्रकृति और समृद्धि का प्रतीक है।
पूजन-विधि
सुबह स्नान कर स्वच्छ हरे वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ कर भगवान शिव, माता पार्वती और श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित करें। धूप-दीप, पुष्प, अक्षत, पंचमेवा, फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद हरियाली तीज की व्रत कथा सुनें। भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। पूजा के उपरांत ब्राह्मण या सुहागिन स्त्रियों को सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा दें। घर की बुजुर्ग महिलाओं का सम्मान कर उन्हें बायना दें और उनका आशीर्वाद लें।
बाजारों में दिखी रौनक
हरियाली तीज से एक दिन पहले शुक्रवार को शहर के बाजारों में खरीदारी और मेहंदी लगवाने के लिए भारी भीड़ रही। तुराबनगर, नवीन मंडी और मुख्य बाजार में हरी चूड़ियों, झुमकों, हरे सूट और मैचिंग गहनों की खूब बिक्री हुई। ब्यूटी पार्लर में तीज के अवसर पर विशेष डिस्काउंट ऑफर दिए गए। कई पार्लरों में मेहंदी लगवाने के लिए अलग से काउंटर लगाए गए थे। देर रात तक महिलाओं की कतारें लगी रहीं।