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Ghaziabad News: एक नाम होने का फायदा उठाकर पॉलिसी से हड़पे साढ़े तीन लाख रुपये
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साहिबाबाद। एक बीमा कंपनी की याचिका पर कोर्ट के आदेश के बाद साहिबाबाद थाने में धोखाधड़ी से करीब चार लाख रुपये लोन लेने के आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी ने एक समान नाम होने का फायदा उठाकर बीमा पॉलिसी पर लोन लेकर ठगी की। किस्त जमा न होने पर ठगी का खुलासा हुआ।
राजेंद्र नगर स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शाखा में तैनात वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ने इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर की थी। प्रार्थना पत्र के मुताबिक दिल्ली के केशवपुरम निवासी दिनेश शर्मा पुत्र बाल कृष्ण शर्मा ने वर्ष 2004 में करोलबाग की एलआईसी शाखा से पांच लाख रुपये की जीवन आनंद पॉलिसी ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मैनपुरी यूपी निवासी दिनेश शर्मा ने एक समान नाम होने का फायदा उठाते हुए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कराए। मार्च 2018 में पॉलिसी को करोलबाग शाखा से राजेंद्रनगर शाखा में स्थानांतरित कराकर 3.92 लाख रुपये का लोन ले लिया। पॉलिसी पर लिए गए लोन की किस्त जमा नहीं हुई तो अप्रैल 2019 में वास्तविक पॉलिसीधारक को कंपनी ने नोटिस जारी किया। नोटिस मिलने के बाद वास्तविक पॉलिसी धारक ने बीमा लोकपाल से शिकायत की। शिकायत पर जांच के बाद जब जांच हुई तो पॉलिसी स्थानांतरण के लिए दिए गए सभी दस्तावेज और पते फर्जी पाए गए। जांच में पता चला कि आरोपी दिनेश शर्मा मैनपुरी का मूल निवासी है और उसके पिता का नाम सत्यनारायण शर्मा है। वह भी दिल्ली में रहता था। फर्जीवाड़े का पता चलने पर कंपनी ने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन सुनवाई न होने पर कोर्ट में याचिका डाली गई। अब कोर्ट आदेश पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
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राजेंद्र नगर स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शाखा में तैनात वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ने इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर की थी। प्रार्थना पत्र के मुताबिक दिल्ली के केशवपुरम निवासी दिनेश शर्मा पुत्र बाल कृष्ण शर्मा ने वर्ष 2004 में करोलबाग की एलआईसी शाखा से पांच लाख रुपये की जीवन आनंद पॉलिसी ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मैनपुरी यूपी निवासी दिनेश शर्मा ने एक समान नाम होने का फायदा उठाते हुए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कराए। मार्च 2018 में पॉलिसी को करोलबाग शाखा से राजेंद्रनगर शाखा में स्थानांतरित कराकर 3.92 लाख रुपये का लोन ले लिया। पॉलिसी पर लिए गए लोन की किस्त जमा नहीं हुई तो अप्रैल 2019 में वास्तविक पॉलिसीधारक को कंपनी ने नोटिस जारी किया। नोटिस मिलने के बाद वास्तविक पॉलिसी धारक ने बीमा लोकपाल से शिकायत की। शिकायत पर जांच के बाद जब जांच हुई तो पॉलिसी स्थानांतरण के लिए दिए गए सभी दस्तावेज और पते फर्जी पाए गए। जांच में पता चला कि आरोपी दिनेश शर्मा मैनपुरी का मूल निवासी है और उसके पिता का नाम सत्यनारायण शर्मा है। वह भी दिल्ली में रहता था। फर्जीवाड़े का पता चलने पर कंपनी ने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन सुनवाई न होने पर कोर्ट में याचिका डाली गई। अब कोर्ट आदेश पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
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