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Ghaziabad News: छात्राओं को दिया ज्यादा पानी की दाल और घटिया गुणवत्ता का दूध
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गाजियाबाद। निडाैरी के नारायण सर्वोदय कन्या विद्यालय को छात्रावास में घटिया खाना परोसा गया। इससे ही 18 जनवरी को 14 छात्राओं को तबीयत खराब हुई। कुछ इन टिप्पणियों के साथ समाज कल्याण विभाग के निदेशक ने मिशन निदेशक को पत्र लिखकर कार्रवाई की बात कही है। दूसरी तरफ इस मामले में लिए गए सैंपल रिपोर्ट में खाना बनाने में प्रयोग तेल के साथ पनीर समेत अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सबस्टेंडर्ड आई है। इसकी रिपोर्ट भी समाज कल्याण अधिकारी को दी गई है।
इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल का कहना है कि एक साथ कई छात्राओं ने खाना खाया था, इसमें कुछ की तबीयत खराब हुई है। ऐसे में पूरा खाना ही खराब था, यह कहना मुश्किल है। हालांकि पूर्व और हाल के सैंपल में खाने की सामग्री के सबस्टेंडर्ड आने के बाद स्कूल में खाना बनाने का कार्य करने वाले स्वयं सेवा संस्था की सेवा को समाप्त किया जाएगा और उसके स्थान पर दूसरी समुह को यह कार्य दिया जाएगा। साथ ही इस संबंध में समाज कल्याण अधिकारी की नई रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इसे भी भेजा जाएगा।
दाल में ज्यादा पानी दूध भी घटिया गुणवत्ता का
समाज कल्याण निदेशक संजीव सिंह की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि 18 जनवरी को छात्रावास में घटिया खाना देने से 14 छात्राएं बीमार हुई। उन्होंने पत्र में लिखा है कि समूह पूर्व में भी ऐसा कर चुका है। ज्यादा पानी वाली दाल, सब्जी में अधिक नमक और मिर्च डालकर खाना और रात में घटिया गुणवत्ता का दूध देने की बात कही गई है। आरोप है कि इस मामले में समूह से 8 अक्तूबर 2025, 17 दिसंबर 2025 और घटना से एक दिन पहले 17 जनवरी 2026 को स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी से दूसरे समूह को नामित करने का अनुरोध किया गया।
नाै में से सात सैंपल फेल
इस संबंध में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से समाज कल्याण विभाग को साैंपी रिपोर्ट और भी हैरान करने वाली है। 27 जनवरी को आई रिपोर्ट में लिए गए नाै सैंपल में से सात सबस्टेंडर्ड आए हैं। इसमें सरसों का तेल, सोयाबीन तेल,पनीर, पिसी मिर्च और हल्दी, तैयार सब्जी और चने की दाल मानक के अनुसार नहीं है। इसमें तैयार चावल और दलिया के सैंपल ही पास हुए हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि सभी सैंपल उसी दिन के नहीं है। इसमें आरोप है कि अगर पूर्व में भी खाने में दिक्कतें सामने आईं थी तो समूह को कार्य क्यों दिया गया था। हालांकि अधिकारियों अब नए समूह को कार्य देने की बात कही है।
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इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल का कहना है कि एक साथ कई छात्राओं ने खाना खाया था, इसमें कुछ की तबीयत खराब हुई है। ऐसे में पूरा खाना ही खराब था, यह कहना मुश्किल है। हालांकि पूर्व और हाल के सैंपल में खाने की सामग्री के सबस्टेंडर्ड आने के बाद स्कूल में खाना बनाने का कार्य करने वाले स्वयं सेवा संस्था की सेवा को समाप्त किया जाएगा और उसके स्थान पर दूसरी समुह को यह कार्य दिया जाएगा। साथ ही इस संबंध में समाज कल्याण अधिकारी की नई रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इसे भी भेजा जाएगा।
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दाल में ज्यादा पानी दूध भी घटिया गुणवत्ता का
समाज कल्याण निदेशक संजीव सिंह की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि 18 जनवरी को छात्रावास में घटिया खाना देने से 14 छात्राएं बीमार हुई। उन्होंने पत्र में लिखा है कि समूह पूर्व में भी ऐसा कर चुका है। ज्यादा पानी वाली दाल, सब्जी में अधिक नमक और मिर्च डालकर खाना और रात में घटिया गुणवत्ता का दूध देने की बात कही गई है। आरोप है कि इस मामले में समूह से 8 अक्तूबर 2025, 17 दिसंबर 2025 और घटना से एक दिन पहले 17 जनवरी 2026 को स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी से दूसरे समूह को नामित करने का अनुरोध किया गया।
नाै में से सात सैंपल फेल
इस संबंध में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से समाज कल्याण विभाग को साैंपी रिपोर्ट और भी हैरान करने वाली है। 27 जनवरी को आई रिपोर्ट में लिए गए नाै सैंपल में से सात सबस्टेंडर्ड आए हैं। इसमें सरसों का तेल, सोयाबीन तेल,पनीर, पिसी मिर्च और हल्दी, तैयार सब्जी और चने की दाल मानक के अनुसार नहीं है। इसमें तैयार चावल और दलिया के सैंपल ही पास हुए हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि सभी सैंपल उसी दिन के नहीं है। इसमें आरोप है कि अगर पूर्व में भी खाने में दिक्कतें सामने आईं थी तो समूह को कार्य क्यों दिया गया था। हालांकि अधिकारियों अब नए समूह को कार्य देने की बात कही है।