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Ghaziabad News: ई ऑफिस लॉगिन न होने पर स्वास्थ्य कर्मचारियों का वेतन रुका
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गाजियाबाद। जिले में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य लगभग 1600 कर्मचारियों के सामने अचानक आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ई ऑफिस पोर्टल पर लॉगिन आईडी न बनने के कारण मार्च माह का वेतन रोक दिया गया है। इस वजह से डॉक्टरों, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने से उनके बच्चों की पढ़ाई, घर की किस्तें और रोजमर्रा के खर्चे प्रभावित हो रहे हैं। इस वजह से उनमें रोष भी बढ़ता जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जनपद को पेपरलेस बनाने के उद्देश्य से सभी विभागों में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया लागू की जा रही है। इसके तहत कर्मचारियों को ई ऑफिस प्रणाली से जोड़ने और उनकी डिजिटल आईडी बनाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। कई कर्मचारी अब तक इस प्रणाली के तहत पूरी तरह काम नहीं कर पा रहे हैं। इस पर सख्ती दिखाते हुए जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया कि जब तक सभी कर्मचारी ई ऑफिस पोर्टल पर लॉगिन नहीं करेंगे। तब तक उनका वेतन रोका जाएगा।
इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में वेतन रोक दिए जाने से कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कई कर्मचारियों ने बताया कि उनकी आईडी अभी तक नहीं बनी है। यह प्रक्रिया लखनऊ स्तर से पूरी होती है और इसमें 15 दिन से लेकर एक महीने तक का समय लग सकता है। ऐसे में वेतन मिलने में और देरी होने की आशंका है।
संयुक्त एनएचएम कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष शिवा शर्मा का कहना है कि तकनीकी समस्याओं और पर्याप्त प्रशिक्षण के अभाव में भी पोर्टल पर काम करना कठिन हो रहा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री नरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस मुद्दे पर संगठन स्तर पर चर्चा की जा रही है और जल्द ही इसे प्रदेश स्तर पर उठाया जाएगा।
आईडी बनाने के निर्देश
कार्यवाहक सीएमओ डाॅ. अमित विक्रम ने स्पष्ट किया है कि आईडी न बनने के कारण ही वेतन रोका गया है और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द अपनी आईडी बनवाएं, ताकि वेतन जारी किया जा सके।
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स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जनपद को पेपरलेस बनाने के उद्देश्य से सभी विभागों में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया लागू की जा रही है। इसके तहत कर्मचारियों को ई ऑफिस प्रणाली से जोड़ने और उनकी डिजिटल आईडी बनाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। कई कर्मचारी अब तक इस प्रणाली के तहत पूरी तरह काम नहीं कर पा रहे हैं। इस पर सख्ती दिखाते हुए जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया कि जब तक सभी कर्मचारी ई ऑफिस पोर्टल पर लॉगिन नहीं करेंगे। तब तक उनका वेतन रोका जाएगा।
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इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में वेतन रोक दिए जाने से कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कई कर्मचारियों ने बताया कि उनकी आईडी अभी तक नहीं बनी है। यह प्रक्रिया लखनऊ स्तर से पूरी होती है और इसमें 15 दिन से लेकर एक महीने तक का समय लग सकता है। ऐसे में वेतन मिलने में और देरी होने की आशंका है।
संयुक्त एनएचएम कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष शिवा शर्मा का कहना है कि तकनीकी समस्याओं और पर्याप्त प्रशिक्षण के अभाव में भी पोर्टल पर काम करना कठिन हो रहा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री नरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस मुद्दे पर संगठन स्तर पर चर्चा की जा रही है और जल्द ही इसे प्रदेश स्तर पर उठाया जाएगा।
आईडी बनाने के निर्देश
कार्यवाहक सीएमओ डाॅ. अमित विक्रम ने स्पष्ट किया है कि आईडी न बनने के कारण ही वेतन रोका गया है और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द अपनी आईडी बनवाएं, ताकि वेतन जारी किया जा सके।