जवाहर बाग कांड: जिसमें SP समेत 29 लोगों की हुई थी मौत, अब केस में CBI कोर्ट में खोले गए 17 कारतूस, दोबारा सील
जवाहर बाग कांड की सुनवाई में सीबीआई अदालत ने 17 कारतूस खोले और वैज्ञानिक जांच हेतु सील किए। अगली सुनवाई 17 अगस्त है। इस हिंसक घटना में 29 लोगों की मौत हुई थी।
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मथुरा के बहुचर्चित जवाहर बाग कांड की सुनवाई के दौरान बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत में दंगे के दौरान बरामद 17 कारतूस खोले गए। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए दोबारा सील कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक संसार सिंह ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान 50 से अधिक आरोपी भी अदालत में पेश हुए। विशेष न्यायाधीश भारत सिंह यादव ने मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त तय की है।
सीबीआई के अनुसार, दो जून 2016 को मथुरा के जवाहर बाग से अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया था। हिंसक झड़प में तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और थाना प्रभारी संतोष यादव समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। उपद्रवियों ने पुलिस पर फायरिंग, आगजनी और देसी बमों से हमला किया था।
जांच में सामने आया था कि खुद को ''''स्वाधीन भारत सुभाष सेना'''' बताने वाले समूह के सैकड़ों लोगों ने लंबे समय से जवाहर बाग पर अवैध कब्जा कर रखा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने करीब 800 पृष्ठ का आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें रामवृक्ष यादव, चंदन बोस समेत 90 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें रामवृक्ष यादव की घटना के दौरान ही मौत हो चुकी है।