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Ghaziabad News: किशोरी से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को 20 साल की सजा
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गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर घर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में अदालत ने आरोपी रोहित को दोषी करार दिया है। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नीरज गौतम ने दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने एक लाख दस हजार 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अदालत ने अर्थदंड की राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। साथ ही पीड़िता को हुए शारीरिक और मानसिक आघात की क्षतिपूर्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से उचित प्रतिकर निर्धारित करने की संस्तुति की है।
2021 में दर्ज हुआ था मामला
अभियोजन के अनुसार, 29 जून 2021 की रात करीब 11 बजे आरोपी रोहित 13 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था। परिजनों ने किशोरी की तलाश शुरू की तो आरोपी ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और वहां से भाग गया। घर पहुंचने पर किशोरी ने परिजनों को रोहित के दुष्कर्म के प्रयास की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई।
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पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
साक्ष्यों के आधार पर दोषी माना
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को कम से कम सजा देने की मांग की। अभियोजन ने घटना को गंभीर बताते हुए कठोर दंड की मांग की। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी माना। बचाव पक्ष की तरफ से एक भी गवाह पेश नहीं हुआ।
पुनर्वास के लिए प्रतिकर की संस्तुति
अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास और उसे पहुंचे शारीरिक एवं मानसिक आघात की क्षतिपूर्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से उचित प्रतिकर निर्धारित करने की संस्तुति की है। निर्णय की प्रति जिला मजिस्ट्रेट और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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अदालत ने अर्थदंड की राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। साथ ही पीड़िता को हुए शारीरिक और मानसिक आघात की क्षतिपूर्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से उचित प्रतिकर निर्धारित करने की संस्तुति की है।
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2021 में दर्ज हुआ था मामला
अभियोजन के अनुसार, 29 जून 2021 की रात करीब 11 बजे आरोपी रोहित 13 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था। परिजनों ने किशोरी की तलाश शुरू की तो आरोपी ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और वहां से भाग गया। घर पहुंचने पर किशोरी ने परिजनों को रोहित के दुष्कर्म के प्रयास की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई।
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पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
साक्ष्यों के आधार पर दोषी माना
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को कम से कम सजा देने की मांग की। अभियोजन ने घटना को गंभीर बताते हुए कठोर दंड की मांग की। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी माना। बचाव पक्ष की तरफ से एक भी गवाह पेश नहीं हुआ।
पुनर्वास के लिए प्रतिकर की संस्तुति
अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास और उसे पहुंचे शारीरिक एवं मानसिक आघात की क्षतिपूर्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से उचित प्रतिकर निर्धारित करने की संस्तुति की है। निर्णय की प्रति जिला मजिस्ट्रेट और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।