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Ghaziabad News: अकेले रह रहे बुजुर्गाें का सहारा बनेगी पुलिस
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गाजियाबाद। अपनों से दूर अकेले रह रहे बुजुर्गों के लिए पुलिस बेटे का फर्ज निभाएगी। उनकी सम्पत्ति, पेंशन, स्वास्थ्य, विवाद और जरूरतों का ध्यान रखेगी। घरों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को डायल 112 और यूपी कॉप एप से जोड़ने का काम जिले में शुरू हो चुका है। जिले के 24 थानों में साइबर सेल और मिशन शक्ति केंद्र की तर्ज पर सीनियर सिटीजन हेल्प डेस्क शुरू की गई है।
पुलिस का दावा है कि बुजुर्गाें को पुलिस हेल्प के लिए थाने व चौकी के चक्कर नहीं काटने होंगे। पुलिस घर बैठे उनकी मदद करेगी। सुरक्षा के साथ-साथ अब पुलिस वरिष्ठ लोगों को सहारा भी देगी। पंजीकरण के वक्त वरिष्ठ नागरिक का पता सहित पूरा ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
रजिस्टर्ड नंबर से जैसे ही वरिष्ठ नागरिक 112 नंबर पर कॉल करेगा, उसका रिकॉर्ड पुलिस की स्क्रीन पर आ जाएगा। 10 से 15 मिनट में पीआरवी कॉलर की मदद के लिए उपलब्ध होगी। थानाध्यक्षों को जानकारी दी जा चुकी है कि वे सीनियर सिटिजन से संपर्क करें। उनके मोबाइल से यूपी आपात सेवा 112 पर पंजीकरण कराया जाए। यदि सीनियर सिटिजन के पास एंड्रॉयड फोन है तो यूपी कॉप का एप्लिकेशन डाउनलोड किया जाए और डायल 112 में रजिस्ट्रेशन भी करें। सभी थानों में एक दरोगा और सिपाही को रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी सौंप दी है।
......
बीट पुलिस अधिकारी रखेंगे संपर्क
बीट पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों से नियमित संपर्क करेंगे और प्रतिमाह उनसे मुलाकात कर उनकी स्थिति और समस्याओं की जानकारी लेंगे। इससे बुजुर्गों और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। अभी तक कमिश्नरेट स्तर पर ऑपरेशन सवेरा के तहत बुजुर्गों के लिए एक सेल काम कर रही थी। अब इसका दायरा 24 हेल्प डेस्क हो चुकीं हैं। प्रत्येक डेस्क पर एक उपनिरीक्षक और दो पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे।
......
वरिष्ठजन यहां कर सकते हैं संपर्क
सीनियर सिटीजंस के लिए पुलिस ने कुछ नंबर भी जारी किए हैं। इन पर कॉल करके सीनियर सिटीजंस शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 20 मिनट बाद ही उनके पास पुलिस पहुंचेगी और मदद करेगी। हैल्पलाइन नंबर 9643324446, 9643303628 पर शिकायत दर्ज की जा सकेंगी।
.....
वर्जन....
जिले के सभी थानों में वरिष्ठ नागरिक सहायता केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं। इन पर 24 घंटे वरिष्ठजनों को सहायता मिलेगी। केंद्र पर एक उपनिरीक्षक, दो मुख्य आरक्षी और एक महिला आरक्षी की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है।
-जे. रविंदर गौड़, पुलिस आयुक्त।
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पुलिस का दावा है कि बुजुर्गाें को पुलिस हेल्प के लिए थाने व चौकी के चक्कर नहीं काटने होंगे। पुलिस घर बैठे उनकी मदद करेगी। सुरक्षा के साथ-साथ अब पुलिस वरिष्ठ लोगों को सहारा भी देगी। पंजीकरण के वक्त वरिष्ठ नागरिक का पता सहित पूरा ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
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रजिस्टर्ड नंबर से जैसे ही वरिष्ठ नागरिक 112 नंबर पर कॉल करेगा, उसका रिकॉर्ड पुलिस की स्क्रीन पर आ जाएगा। 10 से 15 मिनट में पीआरवी कॉलर की मदद के लिए उपलब्ध होगी। थानाध्यक्षों को जानकारी दी जा चुकी है कि वे सीनियर सिटिजन से संपर्क करें। उनके मोबाइल से यूपी आपात सेवा 112 पर पंजीकरण कराया जाए। यदि सीनियर सिटिजन के पास एंड्रॉयड फोन है तो यूपी कॉप का एप्लिकेशन डाउनलोड किया जाए और डायल 112 में रजिस्ट्रेशन भी करें। सभी थानों में एक दरोगा और सिपाही को रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी सौंप दी है।
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बीट पुलिस अधिकारी रखेंगे संपर्क
बीट पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों से नियमित संपर्क करेंगे और प्रतिमाह उनसे मुलाकात कर उनकी स्थिति और समस्याओं की जानकारी लेंगे। इससे बुजुर्गों और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। अभी तक कमिश्नरेट स्तर पर ऑपरेशन सवेरा के तहत बुजुर्गों के लिए एक सेल काम कर रही थी। अब इसका दायरा 24 हेल्प डेस्क हो चुकीं हैं। प्रत्येक डेस्क पर एक उपनिरीक्षक और दो पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे।
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वरिष्ठजन यहां कर सकते हैं संपर्क
सीनियर सिटीजंस के लिए पुलिस ने कुछ नंबर भी जारी किए हैं। इन पर कॉल करके सीनियर सिटीजंस शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 20 मिनट बाद ही उनके पास पुलिस पहुंचेगी और मदद करेगी। हैल्पलाइन नंबर 9643324446, 9643303628 पर शिकायत दर्ज की जा सकेंगी।
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जिले के सभी थानों में वरिष्ठ नागरिक सहायता केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं। इन पर 24 घंटे वरिष्ठजनों को सहायता मिलेगी। केंद्र पर एक उपनिरीक्षक, दो मुख्य आरक्षी और एक महिला आरक्षी की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है।
-जे. रविंदर गौड़, पुलिस आयुक्त।