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Ghaziabad News: चार घंटे की कटौती से रोजाना पांच करोड़ का उत्पादन प्रभावित
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धीरेंद्र मिश्र
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे ट्रांस दिल्ली सिग्नेचर सिटी औद्योगिक क्षेत्र (ट्रोनिका सिटी) के करीब 2500 उद्योग अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से जूझ रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि रोजाना करीब चार घंटे की कटौती से कम से कम पांच करोड़ रुपये का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इस तरह हर महीने करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है।
इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ एमएसएमई के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने बताया कि दिन में तीन बार करीब एक-एक घंटे की बिजली कटौती हो रही है। इसके अलावा बार-बार फाल्ट आने से उत्पादन ठप हो जाता है। बिजली जाने के बाद मशीनों और हीट प्लांट को दोबारा शुरू करने में 35 से 40 मिनट का समय लगता है, जिससे उत्पादन और प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को उद्योग बंधु की बैठक में भी उठाया जा चुका है।
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एक रुपये मीटर के हिसाब से बिजलीघर के लिए दी गई थी जमीन
उद्यमी अरुण गुप्ता के अनुसार, करीब 25 साल पहले ट्रोनिका सिटी में उद्योग स्थापित करते समय बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए ऊर्जा निगम को विद्युत उपकेंद्र बनाने हेतु यूपीसीडा ने एक रुपये प्रति मीटर के हिसाब से जमीन उपलब्ध कराई थी। वर्तमान में 220 केवी के बिजलीघर से केवल आधे औद्योगिक क्षेत्र को ही आपूर्ति मिल रही है, जबकि बाकी बिजली लोनी के आवासीय क्षेत्रों में भेजी जा रही है। शेष उद्योगों को मंडोला बिजलीघर से सप्लाई दी जा रही है, जो औद्योगिक क्षेत्र से करीब सात किलोमीटर दूर है। फाल्ट आने पर लंबी लाइन की जांच में घंटों लग जाते हैं, जिससे आपूर्ति बाधित रहती है। इस संबंध में ऊर्जा मंत्री से भी शिकायत की जा चुकी है।
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रिंग मेन यूनिट और ऑटो रिक्लोजर सिस्टम बने शोपीस
उद्यमी दीपक जैन ने बताया कि उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए रिंग मेन यूनिट और ऑटो रिक्लोजर सिस्टम लगाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन ये सिस्टम अब तक चालू नहीं हो सके हैं। उन्होंने कहा कि इनका कोई कनेक्शन तक नहीं किया गया, जिससे उद्यमियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो गर्मियों में स्थिति और खराब हो सकती है।
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तीन टाइम कट रही बिजली
उद्यमी राकेश कुमार के अनुसार, ट्रोनिका सिटी में सुबह नौ बजे से पहले, दोपहर एक से दो बजे के बीच और शाम छह से सात बजे के बीच नियमित रूप से ट्रिपिंग और अघोषित कटौती की जा रही है। यहां रेडीमेड गारमेंट, पैकेजिंग, प्लास्टिक और ऑटोमोबाइल उत्पादों की इकाइयां संचालित हैं, जिनसे देश और विदेश में आपूर्ति की जाती है। बिजली संकट के कारण उत्पादन और आपूर्ति दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
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गाजियाबाद। दिल्ली से सटे ट्रांस दिल्ली सिग्नेचर सिटी औद्योगिक क्षेत्र (ट्रोनिका सिटी) के करीब 2500 उद्योग अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से जूझ रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि रोजाना करीब चार घंटे की कटौती से कम से कम पांच करोड़ रुपये का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इस तरह हर महीने करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है।
इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ एमएसएमई के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने बताया कि दिन में तीन बार करीब एक-एक घंटे की बिजली कटौती हो रही है। इसके अलावा बार-बार फाल्ट आने से उत्पादन ठप हो जाता है। बिजली जाने के बाद मशीनों और हीट प्लांट को दोबारा शुरू करने में 35 से 40 मिनट का समय लगता है, जिससे उत्पादन और प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को उद्योग बंधु की बैठक में भी उठाया जा चुका है।
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एक रुपये मीटर के हिसाब से बिजलीघर के लिए दी गई थी जमीन
उद्यमी अरुण गुप्ता के अनुसार, करीब 25 साल पहले ट्रोनिका सिटी में उद्योग स्थापित करते समय बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए ऊर्जा निगम को विद्युत उपकेंद्र बनाने हेतु यूपीसीडा ने एक रुपये प्रति मीटर के हिसाब से जमीन उपलब्ध कराई थी। वर्तमान में 220 केवी के बिजलीघर से केवल आधे औद्योगिक क्षेत्र को ही आपूर्ति मिल रही है, जबकि बाकी बिजली लोनी के आवासीय क्षेत्रों में भेजी जा रही है। शेष उद्योगों को मंडोला बिजलीघर से सप्लाई दी जा रही है, जो औद्योगिक क्षेत्र से करीब सात किलोमीटर दूर है। फाल्ट आने पर लंबी लाइन की जांच में घंटों लग जाते हैं, जिससे आपूर्ति बाधित रहती है। इस संबंध में ऊर्जा मंत्री से भी शिकायत की जा चुकी है।
रिंग मेन यूनिट और ऑटो रिक्लोजर सिस्टम बने शोपीस
उद्यमी दीपक जैन ने बताया कि उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए रिंग मेन यूनिट और ऑटो रिक्लोजर सिस्टम लगाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन ये सिस्टम अब तक चालू नहीं हो सके हैं। उन्होंने कहा कि इनका कोई कनेक्शन तक नहीं किया गया, जिससे उद्यमियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो गर्मियों में स्थिति और खराब हो सकती है।
तीन टाइम कट रही बिजली
उद्यमी राकेश कुमार के अनुसार, ट्रोनिका सिटी में सुबह नौ बजे से पहले, दोपहर एक से दो बजे के बीच और शाम छह से सात बजे के बीच नियमित रूप से ट्रिपिंग और अघोषित कटौती की जा रही है। यहां रेडीमेड गारमेंट, पैकेजिंग, प्लास्टिक और ऑटोमोबाइल उत्पादों की इकाइयां संचालित हैं, जिनसे देश और विदेश में आपूर्ति की जाती है। बिजली संकट के कारण उत्पादन और आपूर्ति दोनों प्रभावित हो रहे हैं।